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Faridabad News: वर्षों की जद्दोजहद के बाद पिछले दो वर्षों में 84 पीड़ितों ने पाई भारत की नागरिकता
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फरीदाबाद। पाकिस्तान, अफगानिस्तान से यातना सहकर भारत आए अबतक कुल 84 पीड़ितों को वर्षों की जद्दोजहद और इंतजार के बाद भारतीय नागरिक बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। 7 जून 2021 के बाद से फरीदाबाद के जिलाधीश को मिले नागरिकता देने के अधिकार के बाद इन देशों के अल्पसंख्यक हिंदू और सिख परिवारों को अबतक सहारा मिला है। अभी भी जिले में करीब 100 से अधिक इन देशों के अल्पसंख्यक भारतीय नागरिकता की आस लगाए हुए हैं।
नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 16 के तहत वर्ष 2014 से पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान देश के अल्पसंख्यक समुदायों के किसी भी व्यक्ति को भारतीय नागरिकता देने का अधिकार जिलाधीश को प्रदान किया गया है। इनमें हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों को रखा गया है। देश भर के 13 जिलाधीशों में से फरीदाबाद के भी जिलाधीश को विदेशी नागरिकों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने की शक्ति प्रदान की गई है।
वर्ष 2006 में नागरिकता कानून पर फरीदाबाद में कार्य शुरू किया गया। हालांकि, यह मामला लंबा खिंचता रहाए लेकिन पीड़ितों के आवेदन फाइलों में दबते चले गए। 7 जून वर्ष 2021 में सरकार के निर्देशों पर रुकावट समाप्त हुई और वर्षों से इंतजार कर रहे इन देशों के अल्पसंख्यकों को नागरिकता मिलनी शुरू हुई। पिछले लगभग ढाई वर्षों में जिले में 84 लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई हैं। इनमें 22 से अधिक परिवारों के लोग शामिल हैं। इनमें पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भारत आए लोग शामिल हैं। इसमें पाकिस्तान से आए 44 और अफगानिस्तान से 37 लोगों को अब तक नागरिकता दी गई है।
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7 से 12 वर्षों तक भारत में रहना जरूरी
नियमों के अंतर्गत दो नियमों से भारत की नागरिकता दी जाती है। धारा-5 के अंतर्गत भारत के नागरिक के रूप में रजिस्ट्रीकृत करने और 12 वर्ष से अधिक भारत में रहने के बाद आवेदन करने पर इसकी फाइल चंडीगढ़ भेजी जाती है। यहां से फाइल गृह मंत्रालय जाती है। गृह मंत्रालय से जांच कराकर नागरिकता प्रदान की जाती हैं। दूसरे मामले में धार-6 के अंतर्गत डीसी कार्यालय में आवेदन पर सात वर्ष भारत में रहना जरूरी है। इसके बाद दी गई रिपोर्ट के आधार पर जिलाधीश नागरिकता प्रदान करते हैं।
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इंटेलिजेंस रिपोर्ट की हरी झंडी के बाद मिलती है नागरिकता
नागरिकता आवेदन करने वाले आवेदकों को इंटेलिजेंस की रिपोर्ट की हरी झंडी मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर, डीसी की हरी झंडी जरूरी होती है। तीनों स्थानों से रिपोर्ट सकारात्मक आने के बाद ही भारतीय नागरिकता मिलती है।
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गृह मंत्रालय से अब तक लगभग 350 लोगों को दी गई भारतीय नागरिकता
धारा-5 के अंतर्गत वर्ष 1990 के बाद से अब तक गृह मंत्रालय की ओर से लगभग 350 लोगों को नागरिकता प्रदान की गई है।
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7 जून 2021 से लेकर अब तक पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आकर फरीदाबाद में रह रहे इन देशों के करीब 84 अल्पसंख्यकों को नियमों के अनुसार भारतीय नागरिकता प्रदान की गई है।
- विक्रम सिंह, जिलाधीश फरीदाबाद
नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 16 के तहत वर्ष 2014 से पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान देश के अल्पसंख्यक समुदायों के किसी भी व्यक्ति को भारतीय नागरिकता देने का अधिकार जिलाधीश को प्रदान किया गया है। इनमें हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों को रखा गया है। देश भर के 13 जिलाधीशों में से फरीदाबाद के भी जिलाधीश को विदेशी नागरिकों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने की शक्ति प्रदान की गई है।
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वर्ष 2006 में नागरिकता कानून पर फरीदाबाद में कार्य शुरू किया गया। हालांकि, यह मामला लंबा खिंचता रहाए लेकिन पीड़ितों के आवेदन फाइलों में दबते चले गए। 7 जून वर्ष 2021 में सरकार के निर्देशों पर रुकावट समाप्त हुई और वर्षों से इंतजार कर रहे इन देशों के अल्पसंख्यकों को नागरिकता मिलनी शुरू हुई। पिछले लगभग ढाई वर्षों में जिले में 84 लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई हैं। इनमें 22 से अधिक परिवारों के लोग शामिल हैं। इनमें पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भारत आए लोग शामिल हैं। इसमें पाकिस्तान से आए 44 और अफगानिस्तान से 37 लोगों को अब तक नागरिकता दी गई है।
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7 से 12 वर्षों तक भारत में रहना जरूरी
नियमों के अंतर्गत दो नियमों से भारत की नागरिकता दी जाती है। धारा-5 के अंतर्गत भारत के नागरिक के रूप में रजिस्ट्रीकृत करने और 12 वर्ष से अधिक भारत में रहने के बाद आवेदन करने पर इसकी फाइल चंडीगढ़ भेजी जाती है। यहां से फाइल गृह मंत्रालय जाती है। गृह मंत्रालय से जांच कराकर नागरिकता प्रदान की जाती हैं। दूसरे मामले में धार-6 के अंतर्गत डीसी कार्यालय में आवेदन पर सात वर्ष भारत में रहना जरूरी है। इसके बाद दी गई रिपोर्ट के आधार पर जिलाधीश नागरिकता प्रदान करते हैं।
इंटेलिजेंस रिपोर्ट की हरी झंडी के बाद मिलती है नागरिकता
नागरिकता आवेदन करने वाले आवेदकों को इंटेलिजेंस की रिपोर्ट की हरी झंडी मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर, डीसी की हरी झंडी जरूरी होती है। तीनों स्थानों से रिपोर्ट सकारात्मक आने के बाद ही भारतीय नागरिकता मिलती है।
गृह मंत्रालय से अब तक लगभग 350 लोगों को दी गई भारतीय नागरिकता
धारा-5 के अंतर्गत वर्ष 1990 के बाद से अब तक गृह मंत्रालय की ओर से लगभग 350 लोगों को नागरिकता प्रदान की गई है।
7 जून 2021 से लेकर अब तक पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आकर फरीदाबाद में रह रहे इन देशों के करीब 84 अल्पसंख्यकों को नियमों के अनुसार भारतीय नागरिकता प्रदान की गई है।
- विक्रम सिंह, जिलाधीश फरीदाबाद