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Faridabad News: अरावली के पहाड़ों को समतल कर पेड़ काटने का आरोप
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फरीदाबाद। कोट गांव में अरावली की पहाड़ियों के साथ छेड़छाड़ करने और भारी संख्या में पेड़ काटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब 25 एकड़ के पहाड़ी इलाके में अवैध रूप से जमीन को समतल करने के बाद निर्माण करने की योजना बनाई जा रही थी व प्राकृतिक बरसाती नालों को मिट्टी डालकर दबाया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन पंचायत की शामलात देह यानी साझी जमीन है, जिस पर किसी भी तरह का निजी काम या कब्जा करना कानूनन जुर्म है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीते तीन दिनों में दो एकड़ जमीन को समतल कर दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार एक निजी कंपनी द्वारा यह कार्य कराया जा रहा था। गांव की जमीन को लेकर कंपनी के मालिक के साथ कोर्ट में विवाद भी चल रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि यहां फार्म हाउस बनाने की तैयारी थी। साथ ही रेतीले पहाड़ों को काटने से जमीन धंसने का खतरा बढ़ गया है और वन्यजीवों के रास्तों में भी रुकावट पैदा हो रही है। इस मामले में गांव के सरपंच केसर सिंह ने साफ किया है कि पंचायत की ओर से ऐसी किसी भी गतिविधि की मंजूरी नहीं दी गई है। आरोप है कि कुछ लोग कानून को ताक पर रखकर इस संरक्षित क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और खुदाई कर रहे हैं जबकि पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम के तहत यहां किसी भी गैर-वन गतिविधि पर पूरी तरह पाबंदी है। इस मामले की शिकायत मिलने पर वन विभाग के अधिकारी सुरेंद्र डांगी ने जांच के बाद कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। संवाद
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ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन पंचायत की शामलात देह यानी साझी जमीन है, जिस पर किसी भी तरह का निजी काम या कब्जा करना कानूनन जुर्म है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीते तीन दिनों में दो एकड़ जमीन को समतल कर दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार एक निजी कंपनी द्वारा यह कार्य कराया जा रहा था। गांव की जमीन को लेकर कंपनी के मालिक के साथ कोर्ट में विवाद भी चल रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि यहां फार्म हाउस बनाने की तैयारी थी। साथ ही रेतीले पहाड़ों को काटने से जमीन धंसने का खतरा बढ़ गया है और वन्यजीवों के रास्तों में भी रुकावट पैदा हो रही है। इस मामले में गांव के सरपंच केसर सिंह ने साफ किया है कि पंचायत की ओर से ऐसी किसी भी गतिविधि की मंजूरी नहीं दी गई है। आरोप है कि कुछ लोग कानून को ताक पर रखकर इस संरक्षित क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और खुदाई कर रहे हैं जबकि पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम के तहत यहां किसी भी गैर-वन गतिविधि पर पूरी तरह पाबंदी है। इस मामले की शिकायत मिलने पर वन विभाग के अधिकारी सुरेंद्र डांगी ने जांच के बाद कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। संवाद
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