फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   A peanut got stuck in the child's lung, doctors saved his life.

Faridabad News: बच्चे के फेफड़े में फंस गया था मूंगफली का दाना, डॉक्टरों ने बचाई जान

Sun, 18 Jan 2026 11:59 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jan 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
A peanut got stuck in the child's lung, doctors saved his life.
डॉक्टरों ने असुरक्षित और चुंबकीय खिलौनों से बच्चों को दूर रखने की दी चेतावनी
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। रोजमर्रा में बच्चों को खाना खिलाने की मामूली लापरवाही जानलेवा बन सकती है, इसका ताजा उदाहरण फरीदाबाद में सामने आया है। एक साल तीन महीने के बच्चे के फेफड़े में मूंगफली का दाना फंस जाने से उसकी हालत गंभीर हो गई। समय पर विशेषज्ञ इलाज से बच्चे की जान बचा ली गई। फिलहाल बच्चा अस्पताल में भर्ती है और डॉक्टरों के अनुसार अगले एक से दो दिन में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।



मामला मकर संक्रांति के दिन का है, जब बच्चे को लगातार खांसी और सांस लेने में तकलीफ के बाद शहर के अमृता अस्पताल में लाया गया। परिजनों के अनुसार बच्चा करीब एक सप्ताह से बीमार था और पहले एक अन्य अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन वहां राहत नहीं मिली। अस्पताल पहुंचने पर बच्चे का ऑक्सीजन स्तर काफी गिर चुका था और वह सांस के लिए जूझ रहा था।
विज्ञापन




डॉक्टरों ने रातभर बच्चे को पीडियाट्रिक आईसीयू में निगरानी में रखा। अगली सुबह की गई आपातकालीन ब्रोंकोस्कोपी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। बच्चे की दाईं मुख्य सांस नली में पूरी मूंगफली फंसी हुई थी, जिससे फेफड़े तक हवा नहीं पहुंच पा रही थी। मूंगफली को सुरक्षित तरीके से निकालते ही बच्चे की हालत में तेजी से सुधार हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन




सीनियर कंसल्टेंट पल्मोनरी मेडिसिन डॉ. सौरभ पाहुजा ने बताया कि मूंगफली जैसे खाद्य पदार्थ सांस की नली में जाकर नमी के संपर्क में आते ही फूल जाते हैं और हवा का रास्ता पूरी तरह बंद कर सकते हैं। यदि समय रहते मूंगफली न निकाली जाती, तो फेफड़ा बैठने, गंभीर संक्रमण या जानलेवा ऑक्सीजन कमी का खतरा था।



डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल बच्चे की स्थिति स्थिर है। ऑक्सीजन स्तर सामान्य हो चुका है और उसे निगरानी में रखा गया है। संभावना है कि अगले एक से दो दिन में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।




खिलौनों को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह

डॉक्टरों ने इस मौके पर माता-पिता को यह भी चेताया कि केवल भोजन ही नहीं, बल्कि छोटे खिलौने भी बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। विशेषकर चुंबकीय खिलौने या छोटे पुर्जों वाले खिलौने बच्चे आसानी से मुंह में डाल लेते हैं, जो सांस की नली में फंस सकते हैं या गंभीर आंतरिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी कि ऐसे खिलौनों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें और हर समय सतर्कता बरतें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed