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Faridabad News: सूरजकुंड मेले में 12 लाख की पेंटिंग बनी आकर्षण का केंद्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में देश- विदेश से आए हस्तशिल्पी अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में तमिलनाडु से आए प्रसिद्ध हस्तशिल्पी मनोज कुमार की तंजौर पेंटिंग पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। मनोज कुमार इस बार मेले में 12 लाख रुपये कीमत की पेंटिंग लेकर पहुंचे हैं, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके स्टॉल पर पहुंच रहे हैं। यह पेंटिंग बाला जी भगवान की बनाई गई है।
शिल्पकार मनोज कुमार के स्टॉल पर 12 हजार रुपये से लेकर 12 लाख रुपये तक की बेशकीमती पेंटिंग्स प्रदर्शित की गई हैं। तिरुपति बालाजी की 12 लाख की कीमत वाली पेंटिंग अपनी सूक्ष्म कारीगरी, शुद्ध सोने की पन्नी के काम और कीमती रत्नों के जुड़ाव के कारण मेले की सबसे महंगी और भव्य कलाकृतियों में से एक है, जो मेले में आकर्षण का केंद्र बनी है।
मनोज कुमार स्वयं पेंटिंग तैयार करते हैं और अपनी कला में कुदरती रंगों का उपयोग करते हैं, जिससे पेंटिंग बेहद आकर्षक और चमकदार दिखाई देती है। उन्होंने बताया कि पहले पेंटिंग में डिजाइन तैयार किया जाता है, उसके बाद रंग भरे जाते हैं, जिससे तस्वीर में अलग ही आभा नजर आती है। उनकी पेंटिंग्स में जानवर, पेड़-पौधे, पक्षी और भगवान के विभिन्न स्वरूपों को दर्शाया गया है। मनोज कुमार को उनकी कला के लिए वर्ष 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की ओर से राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वहीं 2019 में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की ओर से उन्हें शिल्प गुरु अवार्ड भी मिल चुका है।
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फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में देश- विदेश से आए हस्तशिल्पी अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में तमिलनाडु से आए प्रसिद्ध हस्तशिल्पी मनोज कुमार की तंजौर पेंटिंग पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। मनोज कुमार इस बार मेले में 12 लाख रुपये कीमत की पेंटिंग लेकर पहुंचे हैं, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके स्टॉल पर पहुंच रहे हैं। यह पेंटिंग बाला जी भगवान की बनाई गई है।
शिल्पकार मनोज कुमार के स्टॉल पर 12 हजार रुपये से लेकर 12 लाख रुपये तक की बेशकीमती पेंटिंग्स प्रदर्शित की गई हैं। तिरुपति बालाजी की 12 लाख की कीमत वाली पेंटिंग अपनी सूक्ष्म कारीगरी, शुद्ध सोने की पन्नी के काम और कीमती रत्नों के जुड़ाव के कारण मेले की सबसे महंगी और भव्य कलाकृतियों में से एक है, जो मेले में आकर्षण का केंद्र बनी है।
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मनोज कुमार स्वयं पेंटिंग तैयार करते हैं और अपनी कला में कुदरती रंगों का उपयोग करते हैं, जिससे पेंटिंग बेहद आकर्षक और चमकदार दिखाई देती है। उन्होंने बताया कि पहले पेंटिंग में डिजाइन तैयार किया जाता है, उसके बाद रंग भरे जाते हैं, जिससे तस्वीर में अलग ही आभा नजर आती है। उनकी पेंटिंग्स में जानवर, पेड़-पौधे, पक्षी और भगवान के विभिन्न स्वरूपों को दर्शाया गया है। मनोज कुमार को उनकी कला के लिए वर्ष 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की ओर से राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वहीं 2019 में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की ओर से उन्हें शिल्प गुरु अवार्ड भी मिल चुका है।
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