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Faridabad News: बाईपास रोड पर बनेगा 10 किमी लंबा ग्रीन कॉरिडोर, सेक्टर-37 से 65 तक हरियाली से बदलेगी शहर की सूरत

Mon, 09 Mar 2026 12:27 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 09 Mar 2026 12:27 AM IST
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A 10-km-long green corridor will be built on the bypass road, transforming the city from Sector 37 to 65 with greenery.
3.67 करोड़ की लागत से विकसित होगा प्रोजेक्ट, सेक्टर-75 में तीन एकड़ का नया पार्क भी बनेगा, वॉकिंग ट्रैक, बेंच और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं मिलेंगी
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में बढ़ते कंक्रीट और प्रदूषण के बीच शहर को हरियाली से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने बाईपास रोड के किनारे सेक्टर-37 से सेक्टर-65 तक ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने की योजना बनाई है। करीब 3.67 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना पर जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ बाईपास रोड के किनारे के सौंदर्यीकरण को नया स्वरूप देना और लोगों को खुला सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराना है।

एफएमडीए के अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना के तहत सड़क किनारे खाली पड़ी जमीन को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जाएगा। यहां लैंडस्केपिंग, छायादार और सजावटी पौधों का रोपण, घास के मैदान और पैदल चलने के लिए विशेष ट्रैक बनाए जाएंगे। अभी बाईपास रोड के कई हिस्सों में खाली जमीन धूल, गंदगी और अतिक्रमण की समस्या का कारण बनती है। ग्रीन कॉरिडोर बनने के बाद इन स्थानों पर हरियाली के साथ सुव्यवस्थित सार्वजनिक क्षेत्र विकसित होगा।
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10 किलोमीटर तक फैलेगा हरित गलियारा

योजना के अनुसार यह ग्रीन कॉरिडोर करीब 10 किलोमीटर लंबे हिस्से में विकसित किया जाएगा। इसे इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि बाईपास रोड के किनारे हरियाली की निरंतर पट्टी दिखाई दे। कॉरिडोर में पैदल चलने के लिए वॉकिंग ट्रैक, बैठने के लिए बेंच और सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे यह इलाका सुबह-शाम सैर करने वाले लोगों और परिवारों के लिए आकर्षक सार्वजनिक स्थल बन सकेगा।
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अधिकारियों का मानना है कि बाईपास रोड पर तेज रफ्तार वाहनों और औद्योगिक गतिविधियों के कारण यहां धूल और धुएं की समस्या रहती है। सड़क किनारे बड़े पैमाने पर पौधारोपण होने से यह हरित पट्टी प्रदूषण को कम करने और वातावरण को बेहतर बनाने में मदद करेगी।

सेक्टर-75 में बनेगा तीन एकड़ का पार्क

ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के लिए सेक्टर-75 में लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में एक नया पार्क और ग्रीन बेल्ट भी विकसित की जा रही है। यह इलाका तेजी से विकसित हो रहा रिहायशी क्षेत्र है जहां 100 से अधिक हाउसिंग सोसाइटियां मौजूद हैं और बड़ी आबादी रहती है। स्थानीय लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि इस क्षेत्र में बड़े पार्क और सार्वजनिक हरित क्षेत्र विकसित किए जाएं ताकि लोगों को घर के पास ही सैर और मनोरंजन की सुविधा मिल सके। प्रस्तावित पार्क में हरियाली के साथ वॉकिंग ट्रैक, बैठने के स्थान और बच्चों व बुजुर्गों के लिए आरामदायक वातावरण तैयार किया जाएगा। परियोजना के तहत मास्टर रोड के किनारे पौधारोपण के साथ तारबंदी भी की जाएगी, ताकि विकसित की गई हरियाली सुरक्षित रह सके।

डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य

एफएमडीए ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए करीब डेढ़ साल की समय सीमा तय की है। अगर योजना के अनुसार काम शुरू होता है तो अगले डेढ़ साल में सेक्टर-37 से सेक्टर-65 के बीच रहने वाले हजारों परिवारों को एक सुव्यवस्थित और हरा-भरा सार्वजनिक क्षेत्र मिल सकता है।
शहर के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में तेजी से आबादी बढ़ रही है। ऐसे में बड़े पार्क और हरित क्षेत्र विकसित करने की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। ग्रीन कॉरिडोर बनने से इन क्षेत्रों के लोगों को सैर-सपाटे और खुले वातावरण में समय बिताने का बेहतर विकल्प मिलेगा।

पर्यावरण नियमों का पालन अनिवार्य

परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान पर्यावरण से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करना भी अनिवार्य होगा। अधिकारियों के अनुसार काम के दौरान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा। नियमों की अनदेखी करने पर संबंधित एजेंसी पर जुर्माना और अन्य कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।

शहर को मिलेंगे कई फायदे

ग्रीन कॉरिडोर बनने से बाईपास रोड के आसपास के रिहायशी सेक्टरों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। हरियाली बढ़ने से धूल और प्रदूषण में कमी आएगी, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को बेहतर वातावरण मिल सकेगा। इसके अलावा क्षेत्र की सुंदरता बढ़ने से आसपास के इलाकों की प्रॉपर्टी वैल्यू पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

शहरी योजनाकारों का मानना है कि तेजी से फैलते शहरों में ऐसे हरित गलियारों का विशेष महत्व होता है। यह न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं, बल्कि लोगों को प्रकृति के करीब रहने का अवसर भी देते हैं।


लोगों की सुविधा के लिए प्राधिकरण तेजी से काम कर रहा है। शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए हर स्तर पर काम किया जा रहा है। - रमेश शर्मा, चीफ इंजीनियर एफएमडीए
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