फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   86 students returned from Kota

कोटे से लौटे बच्चे, परिजनों को देख झलकें आंसू

Sat, 25 Apr 2020 11:43 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2020 11:43 PM IST
विज्ञापन
86 students returned from Kota
फरीदाबाद। कोटा, राजस्थान से शनिवार को हरियाणा रोडवेज की बसें वहां फंसे बच्चों को लेकर पहुंची। यहां परिजनों से मिले बच्चों की आंखों में आंसू छलक उठे। परिजनों के गले लग सभी ने भगवान का व मदद के लिए हरियाणा और राजस्थान सरकार का धन्यवाद किया। शनिवार को कुल 86 बच्चे फरीदाबाद लौटे। इनकी थर्मल स्क्रीनिंग कर प्रशासन ने उनके परिजनों को सौंप दिया। स्वास्थ्य विभाग ने सभी को घर में क्वारंटीन रहने के लिए कहा है। अब स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर इनके सैंपल लेगी।
विज्ञापन

आईआईटी, नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोटा में फंसे बच्चों ने उन्हें वहां से निकालने के लिए प्रदेश सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। इस पर शुक्रवार को प्रदेश सरकार ने वहां से बच्चों को लाने के लिए हरियाणा रोडवेज की बसों को भेजा था। रात को करीब दो बजे बसें वहां से बच्चों को लेकर निकली, जो सुबह करीब 4 बजे फरीदाबाद पहुंची। कुछ बच्चों को गांव नचौली स्थित लिंग्याज विद्यापीठ ले जाया गया, जबकि लड़कियों को सेक्टर-16 स्थित किसान भवन में लाया गया। यहां पर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया।
विज्ञापन

कोटा में आईआईटी की तैयारी कर रहा था। पीजी में रहने के दौरान खाने-पीने की तो दिक्कत नहीं थी, मगर अब जब दूसरे बच्चे अपने घर लौटने लगे तो बच्चे अकेले होने लगे थे। ऐसे में वे परेशान हो रहे थे। पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था और अवसादग्रस्त होने लगे थे। प्रदेश सरकार ने हमें सकुशल घर पहुंचाया, इसके लिए उनका धन्यवाद। - जतिन कुमार, डबुआ कॉलोनी
विज्ञापन
विज्ञापन

कोटा में नीट की तैयारी कर रहा था। लॉकडाउन के दौरान वहां फंसे बच्चों की देखरेख के लिए स्थानीय प्रशासन तथा खासकर वहां के डीएम ओम कसेरा का काफी सहयोग रहा। उन्होंने बच्चों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर रखा था। बच्चों को वापस उनके घर सकुशल पहुंचाने के लिए हरियाणा और राजस्थान दोनों सरकारों का धन्यवाद है। - निशांत राठी, फतेहपुर चंदीला निवासी

कोटा में नीट की तैयारी कर रहा था। वहां पीजी में रहते हुए किसी चीज की ज्यादा परेशानी नहीं हुई, मगर अब जब बच्चे अपने घरों को लौटने लगे तो पीजी में छात्र कम हो गए। तब मैस बंद होने की नौबत आ गई। तब हर कोई अब अपने घर लौटने को बेताब था। - सुमित पांडे, सेक्टर-23 निवासी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed