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एयरफोर्स के 100 मीटर दायरे में निर्माण का मामला

Fri, 25 May 2018 11:12 PM IST
Updated Fri, 25 May 2018 11:12 PM IST
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एयरफोर्स के 100 मीटर दायरे में निर्माण का मामला

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‘उचित मुआवजा दें तो हम छोड़ देंगे जगह’

फरीदाबाद। एयरफोर्स स्टेशन के सौ मीटर दायरे में आने वाले निर्माण उजाड़े जाने के उच्च न्यायालय के फैसले पर लोगों में बेचैनी है। करीब 2900 मकान और 400 वर्कशॉप उजाड़ने के लिए सरकार और प्रशासन बीस दिन में कौन सी पॉलिसी बनाएंगे, पीड़ितों को मुआवजा मिलेगा या उनका पुनर्वास कराया जाएगा, मुआवजा किस आधार पर तय किया जाएगा यह सवाल लोगों के बीच चर्चा का विषय हैं।
कुछ परिवार देश हित में तो कुछ अन्य उचित मुआवजा मिलने पर मकान छोड़कर जाने को राजी हैं, मगर वर्कशॉप मालिक यह नहीं समझ पा रहे कि यहां से हट कर कारखाने कहां लगाए जाएंगे। कारखाने उजाड़ने से लेकर नई जगह बसाने के दौरान समय, धन और संसाधनों की बर्बादी का मुआवजा सरकार कैसे और किस रूप में देगी। इन सब के बीच सौ मीटर बचाओ संघर्ष समिति सर्वोच्च न्यायालय में दस्तक देने की तैयारी कर रही है।
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हमने 18 साल पहले यहां जमीन खरीद कर मकान बनाया था। रजिस्ट्री है, नगर निगम, गृहकर जलकर, सीवर कर सब वसूलता है लेकिन कोई सुविधा नहीं। आंधी में मकान की छत पर पड़ा शेड टूट गया अब एयरफोर्स वाले उसकी मरम्मत भी नहीं करने देते। उचित मुआवजा दें तो हम जगह छोड़ देंगे। हमें इतना समय तो दिया जाए कि हम अपने लिए मकान का इंतजाम कर सकें।
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- भावना, मकान नंबर 452 एयरफोर्स स्टेशन सिक्योरिटी दीवार के पास घर

हमें तो नोटिस भी नहीं मिला, आज अखबार में पढ़ा कि उच्च न्यायालय ने 15 जून तक मुआवजा देकर मकान गिराने के आदेश दिए हैं। इतनी जल्दी कैसे हो सकता है, यह उजड़े हुए परिवार सड़कों पर रहेंगे क्या। प्रशासन और सरकार को चाहिए कि पहले इन घरों को उचित मुआवजा दे, उसके बाद घर खाली करने का समय दे या कहीं बसने की जगह दे।
- कौशल/पूनम मकान नंबर 312 एयरफोर्स स्टेशन के सौ मीटर दायरे में घर।

एयरफोर्स स्टेशन के सौ मीटर दायरे में 400 वर्कशॉप हैं, अधिकतर ऑटो मोबाइल्स, कृषि यंत्र के उपकरण आदि का निर्माण करते हैं। इन कारखानों से सरकार को प्रतिमाह कई करोड़ रुपये बिजली बिल के रूप में राजस्व प्राप्त होता है। हाउस टैक्स, वाटर टैक्स तो हम लोग भरते ही हैं, सरकार को ईडीसी के रूप में करोड़ों रुपये जमा किए गए हैं। एक कारखाना लगाने में छह माह से एक साल तक लग जाता है। 15 जून से पहले इतने सारे कारखाने अचानक शिफ्ट नहीं किए जा सकते।
- घनश्याम, केके इंजीनियरिंग वर्क्स मकान नंबर 358बी कपड़ा कॉलोनी एयरफोर्स स्टेशन

इतनी बड़ी आबादी को अचानक उजाड़ा जाना उचित नहीं है। लोअर कोर्ट में केस डाला हुआ है, जो भी निर्णय आएगा, जनहित में सुप्रीम कोर्ट में अपील की जाएगी। हमारी इतनी ही मांग है कि सरकार डीसी रेट पर जमीन का और निर्माण का उचित मुआवजा अदा करे और खाली करने के लिए कुछ समय दे।

- सरदार जगतार सिंह, अध्यक्ष सौ मीटर बचाओ संघर्ष समिति

पिता यहां 40 साल पहले आकर बसे थे। थोड़ा थोड़ा जोड़कर 25 साल में मकान तैयार किया। अब कहा जा रहा है कि सरकार इसे तोड़ेगी। मकान बनाने में पिता की सारी उम्र और उम्र भर की कमाई लग गई। यदि यह घर टूटा तो दूसरा बनाने की हिम्मत नहीं है। मकान तोड़े गए तो सदमे से बहुत से लोगों की जान चली जाएगी।
- मनीष शर्मा, 27 फुट रोड, डबुआ कॉलोनी
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