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35वें अंतररष्ट्रीय सूरजकुंड मेले का आगाज
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फरीदाबाद। हमें क्या खेलना आता है, हम तो वैसे ही मोहरें बदल रहे हैं। शायद खेलना तुम भी नहीं जानते और हमारी फोटो खींच रहे हो। सूरजकुंड की धरती पर हर्षोल्लास और ढोल बाजे की थाप पर शुरू हुए 35वें अंतररष्ट्रीय सूरजकुंड मेले का अवलोकन करते हुए हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय व मुख्यमंत्री मनोहर लाल उज्बेकिस्तान के स्टॉल पर शतरंज खेल रहे थे तो सीएम ने मजाक में ये उक्त शब्द कहे। राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने वीवीआईपी गेटदंतेश्वरी द्वार पर फीता काटकर मेले का आगाज किया। चार अप्रैल तक चलने वाले मेले में इस बार स्टेट थीम जम्मू-कश्मीर व अंतराष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी देश उज्बेकिस्तान की विशेष भागेदारी है।
कोरोना महामारी के बीच दो साल बाद रंगारंग कार्यक्रम के साथ सूरजकुंड मेले का शनिवार की शाम राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया किया। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री कंवरपाल गुर्जर, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा व उज्बेकिस्तान के राजदूत दिलशोद ओख्तोव के साथ गोल्फ कार्ट में बैठकर मेले की सैर की। पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव एवं सूरजकुंड मेले के वाइस चेयरमैन एमडी सिन्हा उन्हें एक-एक स्टॉल का अवलोकन कराया।
मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने सबसे पहले कश्मीर पवेलियन का अवलोकन किया। जम्मू-कश्मीर से आर्ट एंड क्राफ्ट विभाग के निदेशक मामूद शाह ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय व मुख्यमंत्री को पहाड़ी राज्य के खान-पान व कहोवा पिलाने की संस्कृति से अवगत करवाया। मुख्य अतिथि पैवेलियन के अंदर थे तो बाहर कश्मीरी बाला एंव कलाकार लोक गीतों व सरोद, मटका आदि लोक वाद्य बजाकर स्वागत कर रहे थे। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के साथ कश्मीर के काष्ठ हस्तशिल्प, बुनाई की दस्तकारी व कश्मीर की डोगरा कला संस्कृति से सरोबार पंडालों का अवलोकन किया। बाद में पैदल ही राज्यपाल व मुख्यमंत्री उज्बेकिस्तान के गलियारे में पहुंचे, जहां राजदूत दिलशोद ओख्तोव ने साथी अधिकारियों के साथ दोनों का स्वागत किया।
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उज्बेकिस्तान की सुंदर शतरंज देखकर एक-दूसरे के साथ खेलने लगे। मुख्यमंत्री ने भी फोटो ले रहे मीडिया कर्मियों के साथ हंसी-ठिठोली की। दिल्ली दौलतराम कालेज में हिंदी पढ़ रही ताशकंद से आई छात्रा जलाला ने दोनों अतिथियों से बातचीत की। दो सालों से भारत में है और हिंदी उसे विशेष प्रिय है। मुख्यमंत्री ने उज्बेकिस्तान की करेंसी आदि के बारे में यहां के कलाकारों से बात की। राज्यपाल ने बड़े हुक्के की नाल पकड़कर देखी तथा बटेऊ गिलास में अतिथियों नेलस्सी का आनंद लिया। यहां राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने विरासत नाम की पुस्तक का विमोचन भी किया। इस मौके पर हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल, विधायक नैनपाल रावत, नरेंद्र गुप्ता, राजेश नागर, सीमा त्रिखा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अमित आर्य, ओएसडी अजय गौड़, गजेंद्र फौगाट, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा इत्यादि उपस्थित रहे।
सूरजकुंड मेले के लिए बस सेवा शुरू
बल्लभगढ़। रोडवेज ने 35वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला देखने जाने के लिए शनिवार से बस सेवा को शुरू कर दिया है। इसके संचालन की समय सारिणी को भी बस डिपो पर लगा दिया गया है जिससे लोगों को बसों के संचालन के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो सके। बसों का संचालन चार जगह से किया जा रहा है। रोडवेज के द्वारा मेले के लिए चार मिनी व चार वॉल्वो बसों को चलाया जा रहा है। डीआई नेपाल अधाना ने बताया कि सूरजकुंड मेले के लिए बस डिपो से बसों के संचालन को शुरू कर दिया गया है। बसों का संचालन सुबह 10 बजे से रात 9:30 बजे तक किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने चार मिनी बसें और चार एसी वॉल्वो बसों को चलाने का फैसला लिया है। शनिवार को मेले का पहला दिन होने की वजह से लोगों का बस के जरिये आवागमन काफी कम देखने को मिला। डीआई ने बताया कि रविवार को मेले की सवारियों में इजाफा देखने को मिलेगा। मेले के लिए सवारियों की संख्या ज्यादा होती है तो बसों की संख्या को बढ़ा दिया जाएगा। मिनी बस का मेले तक का किराया 20 रुपये है वहीं वॉल्वो बस का किराया 50 रुपये रखा गया है। बसों के समय सारणी का बोर्ड भी डिपो पर लगा दिया गया है। इसके अलावा मेला परिसर में भी जगह जगह बोर्ड लगाकर बसों के संचालन के बारे में लोगों को जानकारी दी जा रही है।
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कोरोना महामारी के बीच दो साल बाद रंगारंग कार्यक्रम के साथ सूरजकुंड मेले का शनिवार की शाम राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया किया। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री कंवरपाल गुर्जर, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा व उज्बेकिस्तान के राजदूत दिलशोद ओख्तोव के साथ गोल्फ कार्ट में बैठकर मेले की सैर की। पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव एवं सूरजकुंड मेले के वाइस चेयरमैन एमडी सिन्हा उन्हें एक-एक स्टॉल का अवलोकन कराया।
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मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने सबसे पहले कश्मीर पवेलियन का अवलोकन किया। जम्मू-कश्मीर से आर्ट एंड क्राफ्ट विभाग के निदेशक मामूद शाह ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय व मुख्यमंत्री को पहाड़ी राज्य के खान-पान व कहोवा पिलाने की संस्कृति से अवगत करवाया। मुख्य अतिथि पैवेलियन के अंदर थे तो बाहर कश्मीरी बाला एंव कलाकार लोक गीतों व सरोद, मटका आदि लोक वाद्य बजाकर स्वागत कर रहे थे। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के साथ कश्मीर के काष्ठ हस्तशिल्प, बुनाई की दस्तकारी व कश्मीर की डोगरा कला संस्कृति से सरोबार पंडालों का अवलोकन किया। बाद में पैदल ही राज्यपाल व मुख्यमंत्री उज्बेकिस्तान के गलियारे में पहुंचे, जहां राजदूत दिलशोद ओख्तोव ने साथी अधिकारियों के साथ दोनों का स्वागत किया।
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उज्बेकिस्तान की सुंदर शतरंज देखकर एक-दूसरे के साथ खेलने लगे। मुख्यमंत्री ने भी फोटो ले रहे मीडिया कर्मियों के साथ हंसी-ठिठोली की। दिल्ली दौलतराम कालेज में हिंदी पढ़ रही ताशकंद से आई छात्रा जलाला ने दोनों अतिथियों से बातचीत की। दो सालों से भारत में है और हिंदी उसे विशेष प्रिय है। मुख्यमंत्री ने उज्बेकिस्तान की करेंसी आदि के बारे में यहां के कलाकारों से बात की। राज्यपाल ने बड़े हुक्के की नाल पकड़कर देखी तथा बटेऊ गिलास में अतिथियों नेलस्सी का आनंद लिया। यहां राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने विरासत नाम की पुस्तक का विमोचन भी किया। इस मौके पर हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल, विधायक नैनपाल रावत, नरेंद्र गुप्ता, राजेश नागर, सीमा त्रिखा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अमित आर्य, ओएसडी अजय गौड़, गजेंद्र फौगाट, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा इत्यादि उपस्थित रहे।
सूरजकुंड मेले के लिए बस सेवा शुरू
बल्लभगढ़। रोडवेज ने 35वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला देखने जाने के लिए शनिवार से बस सेवा को शुरू कर दिया है। इसके संचालन की समय सारिणी को भी बस डिपो पर लगा दिया गया है जिससे लोगों को बसों के संचालन के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो सके। बसों का संचालन चार जगह से किया जा रहा है। रोडवेज के द्वारा मेले के लिए चार मिनी व चार वॉल्वो बसों को चलाया जा रहा है। डीआई नेपाल अधाना ने बताया कि सूरजकुंड मेले के लिए बस डिपो से बसों के संचालन को शुरू कर दिया गया है। बसों का संचालन सुबह 10 बजे से रात 9:30 बजे तक किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने चार मिनी बसें और चार एसी वॉल्वो बसों को चलाने का फैसला लिया है। शनिवार को मेले का पहला दिन होने की वजह से लोगों का बस के जरिये आवागमन काफी कम देखने को मिला। डीआई ने बताया कि रविवार को मेले की सवारियों में इजाफा देखने को मिलेगा। मेले के लिए सवारियों की संख्या ज्यादा होती है तो बसों की संख्या को बढ़ा दिया जाएगा। मिनी बस का मेले तक का किराया 20 रुपये है वहीं वॉल्वो बस का किराया 50 रुपये रखा गया है। बसों के समय सारणी का बोर्ड भी डिपो पर लगा दिया गया है। इसके अलावा मेला परिसर में भी जगह जगह बोर्ड लगाकर बसों के संचालन के बारे में लोगों को जानकारी दी जा रही है।