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सूरजकुंड मेला : बारिश ने धोया मेला, शिल्पकारों का भीगा सामान

Noida Bureauनोएडा ब्यूरो Updated Thu, 14 Feb 2019 05:58 PM IST
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सूरजकुंड मेला : शिल्पकारों का दर्द : सुबह स्टॉल पहुंचे तो पानी में भीगा मिला सारा सामान
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फरीदाबाद। बरसात और बदइंतजामी के कारण सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में बृहस्पतिवार को फिर शिल्पकारों को लाखों का नुकसान झेलना पड़ा। तड़के से रुक-रुक कर हुई बरसात के कारण पूरा मेला परिसर जलमग्न हो गया। इस कारण दोपहर तक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी नहीं हो सके। हस्तशिल्पियों का कहना है कि बरसात से ज्यादा सीवर के पानी के कारण नुकसान हुआ है। सीवर का पानी मेला परिसर में जमा हो गया। मेला प्राधिकरण ने परिसर में जगह-जगह मोटर पंप लगाकर पानी की निकासी शुरू करवाई।
मेले के निचले हिस्सों में सबसे ज्यादा बुरा हाल था। नीचा होने के कारण बरसात के पानी के साथ ही सीवर का पानी भी उन इलाकों में जमा हो गया। इससे कई स्थानों पर दो फुट तक पानी इकट्ठा हो गया। ऐसे में शिल्पकारों का जमीन पर रखा सामान भीग गया। सुबह जब शिल्पकार अपने स्टॉल पर पहुंचे तो उन्हें हर तरफ पानी और उसमें डूबा अपना सामान दिखाई दिया। इस कारण शिल्पकार काफी परेशान हुए। बिहार व कश्मीर से आए हथकरघा शिल्पियों ने अपने सूट, साड़ी, शॉल आदि को सूखने के लिए छोटी चौपाल पर डाल दिया। पानी निकासी के लिए मेला प्राधिकरण ने जगह-जगह छोटे मोटर पंप लगाकर निकासी शुरू करवाई और दोपहर बाद मेला परिसर में जमा पानी घटना शुरू हुआ।

नहीं हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम, दर्शक भी नहीं पहुंचे
वैलेंटाइन डे होने के कारण सूरजकुंड मेला प्राधिकरण को मेले में दर्शकों की भारी भीड़ पहुंचने की उम्मीद थी। मगर बरसात के कारण प्राधिकरण के सारे अरमानों पर पानी फिर गया। मौसम खराब होने के कारण मेले में दर्शकों की संख्या काफी कम रही। वहीं दोपहर तक मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी नहीं हुए। मेला परिसर में उद्घोषणा होती रही की सांस्कृतिक कार्यक्रम दोपहर बाद शुरू होंगे।


शिल्पियों का दर्द
बरसात के अलावा सीवर का गंदा पानी भी मेला परिसर में जमा हो गया था। हमारे स्टॉल के पास करीब डेढ़ से दो फुट तक पानी जमा है। हम पहले भी कई बार मेला प्राधिकरण को स्टॉल बदलने के लिए कह चुके थे, मगर किसी ने सुनवाई नहीं की। जलभराव के कारण हमारा तीन से चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अब हम मेले में नहीं रुक रहे हैं और स्टॉल बंद करके वापस जा रहे हैं।
- मुदसर हुसैन, कश्मीरी शॉल व सूट विक्रेता

बरसात के कारण हमारे स्टॉल में सारा पानी घुस गया। इससे स्टॉल में रखी साड़ियां, सूट सब भीग गए। उन्हें अब सुखाने के लिए चौपाल पर डाल रखा है। इतना नुकसान होने के बावजूद मेला प्राधिकरण का कोई अधिकारी हमारी सुध लेने नहीं आया।
- सिराज अहमद, हथकरघा कारीगर, बिहार

हमारा जूतियाें का स्टॉल है। रात को जमीन पर रखी जूतियां ऐसे ही छोड़ जाते हैं। बरसात के कारण पानी भरने से जमीन पर रखी सारी जूतियां भीग गई। स्टॉल के चारों तरफ पानी ही पानी है। पानी के कारण दर्शक भी कोई नहीं आ रहा है।
- महेंद्र कुमार, लुधियाना, पंजाब

मेले में बरसात से बचाव और पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। बरसात के कारण खुले में रखा टैराकोटा का सामान भीग गया। इनके रंग खराब हो गए हैं। धूप निकलने के बाद जब सामान सूखेगा तो दोबारा रंग करना पड़ेगा।
- राम प्रमोद, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश

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