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ठेकेदार के हत्यारों को उम्रकैद की सजा
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ठेकेदार के हत्यारों को उम्रकैद की सजा
फरीदाबाद। गला घोंट कर ठेकेदार की हत्या करने और शव को गौतमबुद्ध नगर स्थित एक नाले में फेंकने के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जेबी गुप्ता की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 35-35 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डालसा) के पैनल अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि गांव सुनपेड़ निवासी दयाराम निर्माण संबंधी ठेके लेता था। दयाराम के बेटे जोगेंद्र 22 अगस्त 2016 ने मामला थाना सदर बल्लभगढ़ में उसके पिता ने गांव जाजरू स्थित एक फैक्ट्री में निर्माण संबंधी ठेका लिया हुआ था। 21 अगस्त 2016 को वह काम पर गए थे, मगर उसके बाद लौट कर नहीं आए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला की। जांच के दौरान पुलिस ने जीवन नगर निवासी मुबीन और योगेंद्र को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान मुबीन ने बताया कि उसने दयाराम से दो लाख रुपये ब्याज पर ले रखे थे। दयाराम लगातार रुपयों के लिए तकाजा कर रहा था, मगर वह रुपये नहीं लौटा पा रहा था। इसके चलते उसने योगेंद्र के साथ मिलकर दयाराम को रास्ते से हटाने की योजना तैयारी की।
21 अगस्त 2016 को योगेंद्र और मुबीन ने दयाराम को अपनी कार में बैठाया और खूब शराब पिलाई। इस दौरान उन्होंने उसके गिलास में नींद की गोलियां भी मिला दी। दयाराम के बेहोश हो जाने पर दोनों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और शव को गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश स्थित ताज एक्सप्रेस वे के पास एक नाले में फेंक दिया। पुलिस ने शव को बरामद कर लिया। तब से मामला अदालत में विचाराधीन था। इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जेबी गुप्ता की अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर दोनों को दोषी करार देते हुए बृहस्पतिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई।
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फरीदाबाद। गला घोंट कर ठेकेदार की हत्या करने और शव को गौतमबुद्ध नगर स्थित एक नाले में फेंकने के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जेबी गुप्ता की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 35-35 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डालसा) के पैनल अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि गांव सुनपेड़ निवासी दयाराम निर्माण संबंधी ठेके लेता था। दयाराम के बेटे जोगेंद्र 22 अगस्त 2016 ने मामला थाना सदर बल्लभगढ़ में उसके पिता ने गांव जाजरू स्थित एक फैक्ट्री में निर्माण संबंधी ठेका लिया हुआ था। 21 अगस्त 2016 को वह काम पर गए थे, मगर उसके बाद लौट कर नहीं आए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला की। जांच के दौरान पुलिस ने जीवन नगर निवासी मुबीन और योगेंद्र को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान मुबीन ने बताया कि उसने दयाराम से दो लाख रुपये ब्याज पर ले रखे थे। दयाराम लगातार रुपयों के लिए तकाजा कर रहा था, मगर वह रुपये नहीं लौटा पा रहा था। इसके चलते उसने योगेंद्र के साथ मिलकर दयाराम को रास्ते से हटाने की योजना तैयारी की।
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21 अगस्त 2016 को योगेंद्र और मुबीन ने दयाराम को अपनी कार में बैठाया और खूब शराब पिलाई। इस दौरान उन्होंने उसके गिलास में नींद की गोलियां भी मिला दी। दयाराम के बेहोश हो जाने पर दोनों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और शव को गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश स्थित ताज एक्सप्रेस वे के पास एक नाले में फेंक दिया। पुलिस ने शव को बरामद कर लिया। तब से मामला अदालत में विचाराधीन था। इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जेबी गुप्ता की अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर दोनों को दोषी करार देते हुए बृहस्पतिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई।
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