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फरीदाबाद में प्रदूषित हवा बरकरार
Updated Tue, 13 Nov 2018 06:11 PM IST
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फरीदाबाद में प्रदूषित हवा बरकरार
फरीदाबाद। दिल्ली एनसीआर की सबसे बड़ी औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार छठे दिन भी सर्वाधिक रहा। मंगलवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 454 के खतरनाक स्तर पर ही बना रहा। वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए प्रशासन ने पानी का छिड़काव करवाया तो निर्माण कार्य भी रुकवाए, इसका असर दोपहर बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार के रूप में नजर लेकिन प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक स्तर पर ही बना रहा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विजय चौधरी के अनुसार वायुबंध (एयरलॉक) की स्थिति बने रहने और रात में तापमान गिरने के कारण वायुमंडल में प्रदूषकों का स्तर घट नहीं पा रहा है। उनके मुताबिक गर्म होने पर हवा फैलती है और ऊपर उठती है, यानी उसका विस्तार होता है। इससे हवा में छितराए हुए प्रदूषणकारी तत्व भी हवा के साथ ऊपर उठते हैं और धरती के पास उनकी मात्रा घट जाती है। हवा चलने से भी प्रदूषणकारी तत्व हवा के साथ दूर तक फैल जाते हैं और उनका स्तर घट जाता है। दिन में और खास कर रात में तापमान गिरने से हवा भारी होकर बैठती है उसके साथ प्रदूषक भी बैठते हैं इस कारण हवा में उनकी मात्रा बढ़ जाती है। हवा नहीं चलने और तापमान घटने से यह स्थिति बन रही है।
औद्योगिक नगरी में प्रदूषक पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 की मात्रा मंगलवार रात बारह बजे से सुबह आठ बजे तक 479 से 453 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की उच्च दर पर बना रहा। सूरज निकलने से वातावरण गर्म होने के साथ इसकी मात्रा वायुमंडल में धीरे धीरे घटते हुए दोपहर दो बजे न्यूनतम 340 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर तक पहुंच गई। प्रदूषक नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड की मात्रा भी 80 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सामान्य मात्रा से दो से तीन गुना अधिक बनी रही। सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा भी दोपहर बाद कुछ अधिक बढ़ी। ओजोन की मात्रा भी दोपहर बाद तीन गुणा तक ज्यादा रही।
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फरीदाबाद। दिल्ली एनसीआर की सबसे बड़ी औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार छठे दिन भी सर्वाधिक रहा। मंगलवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 454 के खतरनाक स्तर पर ही बना रहा। वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए प्रशासन ने पानी का छिड़काव करवाया तो निर्माण कार्य भी रुकवाए, इसका असर दोपहर बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार के रूप में नजर लेकिन प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक स्तर पर ही बना रहा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विजय चौधरी के अनुसार वायुबंध (एयरलॉक) की स्थिति बने रहने और रात में तापमान गिरने के कारण वायुमंडल में प्रदूषकों का स्तर घट नहीं पा रहा है। उनके मुताबिक गर्म होने पर हवा फैलती है और ऊपर उठती है, यानी उसका विस्तार होता है। इससे हवा में छितराए हुए प्रदूषणकारी तत्व भी हवा के साथ ऊपर उठते हैं और धरती के पास उनकी मात्रा घट जाती है। हवा चलने से भी प्रदूषणकारी तत्व हवा के साथ दूर तक फैल जाते हैं और उनका स्तर घट जाता है। दिन में और खास कर रात में तापमान गिरने से हवा भारी होकर बैठती है उसके साथ प्रदूषक भी बैठते हैं इस कारण हवा में उनकी मात्रा बढ़ जाती है। हवा नहीं चलने और तापमान घटने से यह स्थिति बन रही है।
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औद्योगिक नगरी में प्रदूषक पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 की मात्रा मंगलवार रात बारह बजे से सुबह आठ बजे तक 479 से 453 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की उच्च दर पर बना रहा। सूरज निकलने से वातावरण गर्म होने के साथ इसकी मात्रा वायुमंडल में धीरे धीरे घटते हुए दोपहर दो बजे न्यूनतम 340 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर तक पहुंच गई। प्रदूषक नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड की मात्रा भी 80 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सामान्य मात्रा से दो से तीन गुना अधिक बनी रही। सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा भी दोपहर बाद कुछ अधिक बढ़ी। ओजोन की मात्रा भी दोपहर बाद तीन गुणा तक ज्यादा रही।
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