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ट्रांसफर के डर से 38 अध्यापकों ने छोड़ी पद उन्नति
Updated Mon, 17 Sep 2018 11:32 PM IST
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ट्रांसफर के डर से 38 अध्यापकों ने छोड़ी पद उन्नति
- माध्यमिक स्कूलों में 90 अध्यापकों को मिली पदोन्नति, 52 ने ही किया मंजूर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पदोन्नति के बाद होने वाले ट्रांसफर के डर से जिले के 38 अध्यापकों ने स्कूल हेडमास्टर बनने से ही इंकार कर दिया। जिला स्तर पर माध्यमिक स्कूलों में हेडमास्टर की कमी को पूरा करने के लिए पदोन्नति के आधार पर 90 स्कूलों में हेडमास्टर की नियुक्ति की जानी थी। सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके स्कूली अध्यापकों ने ट्रांसफर के डर से पदोन्नति लेने से ही मना कर दिया।
अपने रिटायरमेंट के नजदीक आ चुके अध्यापकों का कहना है कि इस नौकरी के आखिरी दौर में पदोन्नति देकर सरकार सिर्फ उनकी दिक्कतेें बढ़ाना चाहती है। पदोन्नति के साथ ही उन्हें कहीं दूर के स्कूल में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। ऐसे में 38 अध्यापकों ने पदभार संभालने से ही इंकार कर दिया। ऐसे में 90 माध्यमिक स्कूलों में से 38 स्कूलों में हेड मास्टर पद एक बार फिर से खाली रह गए। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शशी अहलावत का कहना है कि रिक्त रह गए पदों को भरने के लिए जिला स्तर पर क्या कार्रवाई करनी है, इसका मार्गदर्शन भी मुख्यालय से मांगा जाएगा।
- माध्यमिक स्कूलों में 90 अध्यापकों को मिली पदोन्नति, 52 ने ही किया मंजूर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पदोन्नति के बाद होने वाले ट्रांसफर के डर से जिले के 38 अध्यापकों ने स्कूल हेडमास्टर बनने से ही इंकार कर दिया। जिला स्तर पर माध्यमिक स्कूलों में हेडमास्टर की कमी को पूरा करने के लिए पदोन्नति के आधार पर 90 स्कूलों में हेडमास्टर की नियुक्ति की जानी थी। सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके स्कूली अध्यापकों ने ट्रांसफर के डर से पदोन्नति लेने से ही मना कर दिया।
अपने रिटायरमेंट के नजदीक आ चुके अध्यापकों का कहना है कि इस नौकरी के आखिरी दौर में पदोन्नति देकर सरकार सिर्फ उनकी दिक्कतेें बढ़ाना चाहती है। पदोन्नति के साथ ही उन्हें कहीं दूर के स्कूल में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। ऐसे में 38 अध्यापकों ने पदभार संभालने से ही इंकार कर दिया। ऐसे में 90 माध्यमिक स्कूलों में से 38 स्कूलों में हेड मास्टर पद एक बार फिर से खाली रह गए। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शशी अहलावत का कहना है कि रिक्त रह गए पदों को भरने के लिए जिला स्तर पर क्या कार्रवाई करनी है, इसका मार्गदर्शन भी मुख्यालय से मांगा जाएगा।
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