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शराब ठेकेदारों को लेना होगा फूड लाइसेंस
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फाइल फोटो
- फोटो : pexels.com
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फरीदाबाद। नई आबकारी एवं कराधान पॉलिसी के तहत अब शराब ठेका संचालकों को फूड एंड सेफ्टी विभाग से फूड लाइसेंस लेना होगा। बिना लाइसेंस शराब बेचने पर आरोपी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना और छह माह की सजा हो सकती है। एक अप्रैल से प्रदेश में यह नया नियम लागू कर दिया गया है। जिला आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से पिछले दिनों 29 जोन में शराब ठेेके आवंटित किए जा चुके हैं। करीब 16 जोन में शराब ठेके बिकना अभी बाकी है।
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पिछले वर्ष जिले शराब ठेकों के 28 जोन थे। इसके तहत 168 दुकानें खुली थीं। इन्हें फूड एंड सेफ्टी विभाग से फूड लाइसेंस लेने का कोई नियम नहीं था। अब केंद्र सरकार ने नियम सख्त कर दिए हैं। शराब ठेकेदारों को फूड लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
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शराब ठेकेदारों ने समय रहते फूड एंड सेफ्टी विभाग से लाइसेंस नहीं लिया तो उनके खिलाफ एक्ट की अवहेलना करने पर जुर्माना एवं पेनाल्टी लगाई जा सकती है, जो ठेकेदार इस पेनाल्टी को नहीं भरेंगे वह नियमानुसार न तो शराब बेच सकेंगे और उनके लिए एक्ट में सजा का प्रावधान रहेगा। जिला फूड एंड सेफ्टी विभाग अधिकारी पृथ्वी सिंह ने बताया कि शराब विक्रेताओं को लाइसेंस आवेदन करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया जा सकता है, ताकि वे अपने लाइसेंस अप्लाई कर सकें।
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आबकारी एवं कराधान विभाग की नई पॉलिसी के तहत अब सभी शराब दुकानदार, अहाता चालक, रेस्तरां चालकों को फूड लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना लाइसेंस शराब ठेका चलाने पर पांच लाख रुपये का जुर्माना और छह माह की सजा हो सकती है।- पृथ्वी सिंह, जिला फूड एंड सेफ्टी अधिकारी