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...तो अक्षम ठेकेदारों की वजह से लटके हैं शहर के विकास कार्य

Fri, 03 Aug 2018 09:12 PM IST
Updated Fri, 03 Aug 2018 09:12 PM IST
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...तो अक्षम ठेकेदारों की वजह से लटके हैं शहर के विकास कार्य

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...तो अक्षम ठेकेदारों की वजह से अटके हैं शहर के विकास कार्य
- निगम आयुक्त ने शहर के विकास कार्यों को गति देने के लिए बुलाई थी ठेकेदार एसोसिएशन की बैठक
- निगम प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप, अतिरिक्त आयुक्त करेंगे अयोग्य और अक्षम ठेकेदारों की जांच

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में विकास कार्य रुके हैं उनके पीछे निगम प्रशासन की ही गलत पॉलिसी है, बीस लाख रुपये तक के विकास कार्य की क्षमता रखने वाले ठेकेदार को पांच करोड़ रुपये तक के काम निगम प्रशासन ने सौंप दिए। अक्षम और अयोग्य ठेकेदार काम बीच में ही छोड़ देते हैं। ठेकेदारों का गुस्सा शुक्रवार को नगर निगम में निगम आयुक्त के साथ हुई बैठक में कुछ इन्हीं शब्दों में फूटा। निगम आयुक्त ने शहर में रुके हुए विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने के उद्देश्य से ठेकेदारों को बातचीत के लिए बुलाया था। ठेकेदारों की शिकायतों की जांच निगम आयुक्त ने अतिरिक्त आयुक्त को सौंपी।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे निगम आयुक्त मो. शाईन ने सभी ठेकेदारों को शहर में रुकेे हुए विकास कार्यों को जल्द पूरा कराने को कहा। निगमायुक्त ने कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किए जाने की चेतावनी भी दी। ठेकेदारों को याद दिलाया कि उनके कई काम अधूरे पड़े हुए हैं जिनसे आम लोगों को परेशानी होती है। ठेकेदारों ने समय पर भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत की। उन लोगों का कहना था कि निगम पर ठेकेदारों का 66 करोड़ रुपये काफी समय से बकाया है। निगमायुक्त ने आश्वासन दिया कि ठेकेदारों का बकाया भुगतान जल्द ही दे दिया जाएगा। ठेकेदार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम के कुछ अधिकारी नए ठेकेदारों को गलत तरीके से लाइसेंस जारी कर रहे हैं, अनुभवहीन ठेकेदारों को लाइसेंस जारी करने का नतीजा गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य के रूप में सामने आ रहा है। यह भी आरोप लगाया कि जिस ठेकेदार की काम करने की क्षमता 20 लाख रुपये तक है उसे निगम के अधिकारी पांच करोड़ रुपये तक के काम सौंप रहे हैं, यह गलत है। इस पर नगर निगमायुक्त ने अतिरिक्त आयुक्त सुरेंद्र कुमार को मामले की जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का आदेश जारी किया। उन्होंने ऐसोसिएशन को आश्वासन दिया कि जांच के बाद अयोग्य और अक्षम ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। बैठक मेें नगर निगम ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान गिरिराज सिंह, आरके गांधी, राजबीर सिंह, अमित कुमार शर्मा, विष्णू अग्रवाल, पवन शर्मा आदि ठेकेेदार मौजूद रहे।
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