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बीके अस्पताल परिसर में बनेगा 200 बेड का मदर-चाइल्ड केयर युनिट
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फरीदाबाद। बीके सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अब परिसर में जल्द ही 200 बेड की मदर चाइल्ड केयर यूनिट बनाई जाएगी। प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्लयूडी) जल्द ही कार्य शुरू करेगा। मौजूदा समय में जिले में चाइल्ड केयर की व्यवस्था बीके अस्पताल में ही है। हालांकि, पहली मंजिल पर बने प्रसव कक्ष के साथ जच्चा-बच्चा वार्ड मौजूद है। सरकारी स्तर पर स्त्री रोग विशेषज्ञ सेवाओं का भार बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में कई बार मदर चाइल्ड केयर यूनिट का प्रस्ताव भेजा गया था जिसे कोरोना काल में हरी झंडी मिली है।
46 सरकारी केंद्रों की प्रसूताएं रेफर होकर पहुंचती हैं
बीके सिविल अस्पताल पर जिले की करीब 21 लाख की आबादी का भार है। जिले के अन्य 46 छोटे-बड़े सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव के लिए पहुंचने वाले मामले गंभीर हालत में बीके अस्पताल ही रेफर होते हैं। ऐसे में यहां हर दिन लगभग 30 प्रसव होते हैं, अन्य को व्यवस्थाओं के अभाव में दिल्ली रेफर कर दिया जाता है। प्रसूताओं को रेफर करने के लिए पूरे जिले में मात्र एक एंबुलेंस की सुविधा ‘किलकारी’ के नाम से दी गई है। ऐसे में मदर चाइल्ड केयर यूनिट विकसित होने पर सीधे महिलाओं का फायदा मिलेगा।
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यह होगी सुविधा:
- यूनिट में 200 बेड की व्यवस्था जच्चा-बच्चा के लिए की जाएगी।
- बच्चों के लिए अलग से चाइल्ड केयर यूनिट स्थापित की जाएगी।
- आईसीयू, सर्जरी कक्ष सहित महिला स्पेशल पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।
- गंभीर मामलों की रेफरल दर शून्य करने के लक्ष्य से बीपी, मधुमेह, इम्च्योर बेबी केयर सर्विस हाई तकनीक युक्त होगी।
मदर चाइल्ड केयर यूनिट के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। जच्चा-बच्चा स्पेशल केयर के लिए इसका खास महत्व होगा। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
- डॉ. रणदीप पुनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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लोक निर्माण विभाग (पीडब्लयूडी) जल्द ही कार्य शुरू करेगा। मौजूदा समय में जिले में चाइल्ड केयर की व्यवस्था बीके अस्पताल में ही है। हालांकि, पहली मंजिल पर बने प्रसव कक्ष के साथ जच्चा-बच्चा वार्ड मौजूद है। सरकारी स्तर पर स्त्री रोग विशेषज्ञ सेवाओं का भार बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में कई बार मदर चाइल्ड केयर यूनिट का प्रस्ताव भेजा गया था जिसे कोरोना काल में हरी झंडी मिली है।
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46 सरकारी केंद्रों की प्रसूताएं रेफर होकर पहुंचती हैं
बीके सिविल अस्पताल पर जिले की करीब 21 लाख की आबादी का भार है। जिले के अन्य 46 छोटे-बड़े सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव के लिए पहुंचने वाले मामले गंभीर हालत में बीके अस्पताल ही रेफर होते हैं। ऐसे में यहां हर दिन लगभग 30 प्रसव होते हैं, अन्य को व्यवस्थाओं के अभाव में दिल्ली रेफर कर दिया जाता है। प्रसूताओं को रेफर करने के लिए पूरे जिले में मात्र एक एंबुलेंस की सुविधा ‘किलकारी’ के नाम से दी गई है। ऐसे में मदर चाइल्ड केयर यूनिट विकसित होने पर सीधे महिलाओं का फायदा मिलेगा।
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यह होगी सुविधा:
- यूनिट में 200 बेड की व्यवस्था जच्चा-बच्चा के लिए की जाएगी।
- बच्चों के लिए अलग से चाइल्ड केयर यूनिट स्थापित की जाएगी।
- आईसीयू, सर्जरी कक्ष सहित महिला स्पेशल पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।
- गंभीर मामलों की रेफरल दर शून्य करने के लक्ष्य से बीपी, मधुमेह, इम्च्योर बेबी केयर सर्विस हाई तकनीक युक्त होगी।
मदर चाइल्ड केयर यूनिट के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। जच्चा-बच्चा स्पेशल केयर के लिए इसका खास महत्व होगा। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
- डॉ. रणदीप पुनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी