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आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में पहले मरीज का हुआ इलाज
Updated Sun, 07 Oct 2018 02:52 AM IST
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जिले में पहले मरीज को मिला ‘आयुष्मान’
- सेक्टर-78 स्थित अर्श अस्पताल में अस्थमा की शिकायत पर हुआ है भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में पहले मरीज को उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है। उसे अस्थमा की शिकायत है। जहां मरीज ही हालत स्थिर बनी हुई है। उसे आईसीयू में रखा गया है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि मरीज की हालत में पहले से सुधार है।
खेड़ी निवासी 46 वर्षीय लख्मीचंद को शुक्रवार सुबह अचानक सांस लेने में परेशानी होने लगी है। परिजनों ने उन्हें सेक्टर 78 स्थित अर्श अस्पताल में दाखिल कर दिया। प्राथमिक जांच में मरीज को रेस्पिरेटरी फेलियर की शिकायत पाई है। डॉक्टरों की टीम ने मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत इलाज शुरू कर दिया। अस्पताल में मरीज की स्क्रीनिंग की गई तो वह आयुष्मान भारत योजना का लाभार्थी मिला। गंभीर हालत को देखते हुए आईसीयू में रखा गया है। डॉ. राकेश ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत लख्मीचंद का इलाज किया जा रहा है। इस संबंध जिला स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी गई है। मरीज को रेस्पिरेटरी फेलियर शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती किया गया है। मरीज की हालत में पहले से सुधार है। रविवार को मरीज को वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
12 अस्पताल में करा सकते हैं इलाज
आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकारी अस्पतालों के साथ ही 12 निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज कराया जा सकता है। इनमें पार्क अस्पताल, ग्लोबल अस्पताल, अपूर्वा अस्पताल, शांति देवी, अर्श, पारस और सूर्या अस्पताल सहित अन्य अस्पताल शामिल हैं। अधिकांश अस्पतालों में सिस्टम इंस्टॉल कर दिया गया है।
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कोट
आयुष्मान भारत योजना के तहत लख्मीचंद जिले का पहला मरीज है जिसे निजी अस्पताल में इलाज दिया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 12 निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल किया गया है। इन अस्पतालों में जाकर लाभार्थी अपना नाम देख सकते है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। जो मरीज योजना के लाभार्थी है वे निशुल्क इलाज का लाभ ले सकते है।
- डॉ रमेश, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत
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- सेक्टर-78 स्थित अर्श अस्पताल में अस्थमा की शिकायत पर हुआ है भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में पहले मरीज को उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है। उसे अस्थमा की शिकायत है। जहां मरीज ही हालत स्थिर बनी हुई है। उसे आईसीयू में रखा गया है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि मरीज की हालत में पहले से सुधार है।
खेड़ी निवासी 46 वर्षीय लख्मीचंद को शुक्रवार सुबह अचानक सांस लेने में परेशानी होने लगी है। परिजनों ने उन्हें सेक्टर 78 स्थित अर्श अस्पताल में दाखिल कर दिया। प्राथमिक जांच में मरीज को रेस्पिरेटरी फेलियर की शिकायत पाई है। डॉक्टरों की टीम ने मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत इलाज शुरू कर दिया। अस्पताल में मरीज की स्क्रीनिंग की गई तो वह आयुष्मान भारत योजना का लाभार्थी मिला। गंभीर हालत को देखते हुए आईसीयू में रखा गया है। डॉ. राकेश ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत लख्मीचंद का इलाज किया जा रहा है। इस संबंध जिला स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी गई है। मरीज को रेस्पिरेटरी फेलियर शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती किया गया है। मरीज की हालत में पहले से सुधार है। रविवार को मरीज को वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
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12 अस्पताल में करा सकते हैं इलाज
आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकारी अस्पतालों के साथ ही 12 निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज कराया जा सकता है। इनमें पार्क अस्पताल, ग्लोबल अस्पताल, अपूर्वा अस्पताल, शांति देवी, अर्श, पारस और सूर्या अस्पताल सहित अन्य अस्पताल शामिल हैं। अधिकांश अस्पतालों में सिस्टम इंस्टॉल कर दिया गया है।
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कोट
आयुष्मान भारत योजना के तहत लख्मीचंद जिले का पहला मरीज है जिसे निजी अस्पताल में इलाज दिया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत करीब 12 निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल किया गया है। इन अस्पतालों में जाकर लाभार्थी अपना नाम देख सकते है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। जो मरीज योजना के लाभार्थी है वे निशुल्क इलाज का लाभ ले सकते है।
- डॉ रमेश, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत