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अमर उजाला अभियान: जंगल बचाने को नेताओं को विरोध शुरू
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अमर उजाला अभियान: सोशल मीडिया पर भी छाया अरावली बचाओ
फरीदाबाद। अरावली और उसकी प्राकृतिक संपदा के संरक्षण का मुद्दा लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों का भाग्य तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। अरावली बचाने की मुहिम में जुटे शहर के पर्यावरण प्रेमियों ने सोशल मीडिया पर हमारे मुद्दे हमारा चुनाव, पोल के जरिए लोगों को अरावली के मुद्दे के प्रति जागरूक करने की भी मुहिम छेड़ी है।
सेव फरीदाबाद ग्रुप की ओर से वाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ‘हमारे मुद्दे हमारा चुनाव’ मुहिम चलाई हुई है। ग्रुप के पवन शर्मा शून्य कहते हैं कि बीते चार-पांच साल में फरीदाबाद की संरक्षित अरावली में बड़ी मात्रा मेें अवैध निर्माण, कब्जे, पेड़ कटान और खनन किया गया। सर्वोच्च न्यायालय और एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद इन इलाकों में धड़ल्ले से यह प्रक्रिया जारी हैं।
ग्रुप के धीरज राणा कहते हैं कि यह अवैध निर्माण, कब्जे, पेड़ों की कटाई तब हो रहे हैं जब पर्यावरण मंत्री हमारे ही शहर के हैं। वह कहते हैं कि अरावली बचाने को पर्यावरण मंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री और विधायक सभी के घरों के आगे प्रदर्शन किया गया। इन नेताओं ने ग्रुप के सदस्यों को सम्मान और आश्वासन तो दिया लेकिन अरावली में कटान नहीं रुक सका।
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विष्णु गोयल कहते हैं कि अरावली सिर्फ फरीदाबाद नहीं बल्कि दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। ग्रुप के सदस्यों ने तय किया है कि चुनाव में देश-विदेश के मुद्दों पर नहीं अरावली और स्थानीय विकास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर कर रहे जागरूक
ग्रुप के सदस्य अपने फेसबुक पेज, वाट्सएप के जरिए शहर के लोगों को अरावली संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहे हैं। फेसबुक पर एक पोल में पूछा गया है कि इस बार वोट देने से पहले आपके मुद्दे क्या होंगे-साफ हवा, पानी, अरावली या टीवी पर चल रही बहस। ग्रुप के सदस्यों ने हमारे मुद्दे हमारा चुनाव अभियान चला कर लोगों को स्थानीय मुददों के प्रति जागरूक करने की मुहिम भी छेड़ रखी है।
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फरीदाबाद। अरावली और उसकी प्राकृतिक संपदा के संरक्षण का मुद्दा लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों का भाग्य तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। अरावली बचाने की मुहिम में जुटे शहर के पर्यावरण प्रेमियों ने सोशल मीडिया पर हमारे मुद्दे हमारा चुनाव, पोल के जरिए लोगों को अरावली के मुद्दे के प्रति जागरूक करने की भी मुहिम छेड़ी है।
सेव फरीदाबाद ग्रुप की ओर से वाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ‘हमारे मुद्दे हमारा चुनाव’ मुहिम चलाई हुई है। ग्रुप के पवन शर्मा शून्य कहते हैं कि बीते चार-पांच साल में फरीदाबाद की संरक्षित अरावली में बड़ी मात्रा मेें अवैध निर्माण, कब्जे, पेड़ कटान और खनन किया गया। सर्वोच्च न्यायालय और एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद इन इलाकों में धड़ल्ले से यह प्रक्रिया जारी हैं।
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ग्रुप के धीरज राणा कहते हैं कि यह अवैध निर्माण, कब्जे, पेड़ों की कटाई तब हो रहे हैं जब पर्यावरण मंत्री हमारे ही शहर के हैं। वह कहते हैं कि अरावली बचाने को पर्यावरण मंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री और विधायक सभी के घरों के आगे प्रदर्शन किया गया। इन नेताओं ने ग्रुप के सदस्यों को सम्मान और आश्वासन तो दिया लेकिन अरावली में कटान नहीं रुक सका।
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विष्णु गोयल कहते हैं कि अरावली सिर्फ फरीदाबाद नहीं बल्कि दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। ग्रुप के सदस्यों ने तय किया है कि चुनाव में देश-विदेश के मुद्दों पर नहीं अरावली और स्थानीय विकास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर कर रहे जागरूक
ग्रुप के सदस्य अपने फेसबुक पेज, वाट्सएप के जरिए शहर के लोगों को अरावली संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहे हैं। फेसबुक पर एक पोल में पूछा गया है कि इस बार वोट देने से पहले आपके मुद्दे क्या होंगे-साफ हवा, पानी, अरावली या टीवी पर चल रही बहस। ग्रुप के सदस्यों ने हमारे मुद्दे हमारा चुनाव अभियान चला कर लोगों को स्थानीय मुददों के प्रति जागरूक करने की मुहिम भी छेड़ रखी है।