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ग्यारहवीं कक्षा में संक ाय चुनने में सीबीएसई करेगा विद्यार्थियों की मदद
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संकाय चुनने में सीबीएसई करेगा विद्यार्थियों की मदद
फरीदाबाद। ग्यारहवीं कक्षा में विद्यार्थियों को विज्ञान, वाणिज्य और मानविकी संकाय का चुनाव करने में सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) मदद करेगा।
इसके लिए ‘नो योर एप्टीट्यूड’ मूल्यांकन टेस्ट लिया जाएगा। खास बात है कि विद्यार्थी इच्छा पर ही यह आकलन किया जाएगा। टेस्ट को अनिवार्य नहीं किया गया है। इस तरह यह एक मदद का विकल्प है। इसके लिए प्रत्येक सीबीएसई स्कूल के कक्षा नौवीं-दसवीं के विद्यार्थी योग्य होंगे। सीबीएसई बेवसाइट पर 29 जनवरी से ‘नो योर एप्टीट्यूड’ के आवेदन किए जा सकेंगे। सीबीएसई ने एक सर्कुलर के माध्यम से यह जानकारी स्कूलों को दी है।
टेस्ट के माध्यम से विद्यार्थियों का रुझान और योग्यता के बारे में जाना जा सकेगा। साथ ही विद्यार्थी की कमजोरी और मजबूत पहलू टेस्ट के माध्यम से जाने जाएंगे। कक्षा नौवीं-दसवीं के छात्र स्कूल आई-डी से लॉग इन कर यह टेस्ट दे सकेंगे।
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टेस्ट आंकलन के परिणाम विद्यार्थी के अध्यापक और अभिभावक दोनों के साथ साझा किए जाएंगे। यह टेस्ट अपनी रुचि और योग्यता से अंजान उन विद्यार्थियों के लिए बनाया गया है जो निरंतर दूसरों के मार्गदर्शन में अपनी पढ़ाई करते हैं। ऐसे में एक्सपर्ट प्वॉइंट ऑफ व्यू के लिहाज से नो योर एप्टीट्यूड टेस्ट की योजना तैयार की गई है। टेस्ट आंकलन के बाद भी विद्यार्थी अपनी इच्छानुसार ग्यारहवीं कक्षा में संकाय का चुनाव कर सकता है। टेस्ट का उद्देश्य सही वक्त पर ठीक दिशा में विद्यार्थी को आगे बढ़ाना है।
इस मामले में सेक्टर-17 स्थित मॉर्डन स्कूल की प्रधानाचार्या नीलिमा जैन का कहना है कि टेस्ट के माध्यम से बच्चों को पहले से ही यह जानकारी मिल जाएगी कि किस संकाय में दाखिला लेना चाहिए। यह एक अच्छी व्यवस्था है।
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फरीदाबाद। ग्यारहवीं कक्षा में विद्यार्थियों को विज्ञान, वाणिज्य और मानविकी संकाय का चुनाव करने में सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) मदद करेगा।
इसके लिए ‘नो योर एप्टीट्यूड’ मूल्यांकन टेस्ट लिया जाएगा। खास बात है कि विद्यार्थी इच्छा पर ही यह आकलन किया जाएगा। टेस्ट को अनिवार्य नहीं किया गया है। इस तरह यह एक मदद का विकल्प है। इसके लिए प्रत्येक सीबीएसई स्कूल के कक्षा नौवीं-दसवीं के विद्यार्थी योग्य होंगे। सीबीएसई बेवसाइट पर 29 जनवरी से ‘नो योर एप्टीट्यूड’ के आवेदन किए जा सकेंगे। सीबीएसई ने एक सर्कुलर के माध्यम से यह जानकारी स्कूलों को दी है।
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टेस्ट के माध्यम से विद्यार्थियों का रुझान और योग्यता के बारे में जाना जा सकेगा। साथ ही विद्यार्थी की कमजोरी और मजबूत पहलू टेस्ट के माध्यम से जाने जाएंगे। कक्षा नौवीं-दसवीं के छात्र स्कूल आई-डी से लॉग इन कर यह टेस्ट दे सकेंगे।
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इस मामले में सेक्टर-17 स्थित मॉर्डन स्कूल की प्रधानाचार्या नीलिमा जैन का कहना है कि टेस्ट के माध्यम से बच्चों को पहले से ही यह जानकारी मिल जाएगी कि किस संकाय में दाखिला लेना चाहिए। यह एक अच्छी व्यवस्था है।