फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   एसआरएस रॉयल हिल्स आरडब्ल्यूए ने की इमारतों की मजबूती जांच की मांग

एसआरएस रॉयल हिल्स आरडब्ल्यूए ने की इमारतों की मजबूती जांच की मांग

Mon, 23 Jul 2018 10:40 PM IST
Updated Mon, 23 Jul 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
एसआरएस रॉयल हिल्स आरडब्ल्यूए ने की इमारतों की मजबूती जांच की मांग

विज्ञापन
इमारतों की मजबूती जांच की मांग
फरीदाबाद। गे्रटर नोएडा और गाजियाबाद में इमारतों के ढहने से ग्रेटर फरीदाबाद की हाईराइज बिल्डिंग में रहने वालों में सुरक्षित नहीं होने का खौफ है। सेक्टर 87 स्थित एसआरएस रॉयल हिल्स की आरडब्ल्यूए पदाधिकारी सोमवार को एसडीएम सतबीर मान से मिले और सोसायटी की इमारतों की जांच कराने की मांग की है।

एसडीएम सतबीर मान से मिलने पहुंचे आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का नेतृत्व कर रहे प्रधान अवनीश ने बिल्डर पर रेजिडेंट्स की सुरक्षा और सुविधा की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जिंदगी भर की जमा पूंजी खर्च कर सोसायटी में आशियाना बनाया लेकिन बिल्डर किसी तरह की सुविधा नहीं दे रहा। बिल्डर ने छह साल पहले रेजिडेंट्स को पजेशन दी थी, उस समय इन टावरों की मियाद 99 वर्ष बताई गई थी। लोगों का कहना था कि टावरों की दशा देखते हुए लगता है कि यह अगले दस साल में ही रहने लायक नहीं बचेंगे। बिल्डर ने बहुत ही खराब निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया है। टॉवरों में से जगह-जगह प्लास्टर झड़ रहा है और सीलन आ रही है इससे टावर कमजोर हो रहे हैं। बताया गया कि वर्तमान में सोसायटी में 1450 फ्लैट में सिर्फ 90 खाली हैं बाकी 1360 में परिवार रह रहे हैं। टावरों की खस्ताहाल देख कर सोसायटी में रहने वालों को गे्रटर नोएडा और गाजियाबाद जैसी घटना दोहराए जाने का डर सता रहा है। लोगों की समस्या सुनने के बाद एसडीएम सतबीर मान ने सोयायटी वासियों को निजी स्ट्रक्चर इंजीनियर से इमारत की जांच करा रिपोर्ट तैयार कराने की सलाह दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस रिपोर्ट के आधार पर वह कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed