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Faridabad News: सैनिक कॉलोनी से बादशाहपुर तक आरआरटीएस सह मेट्रो कॉरिडोर के 16 किमी सेक्शन को मंजूरी
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फरीदाबाद को मिलेगा नमो भारत आरआरटीएस-मेट्रो का तोहफा,शहर की ट्रैफिक समस्या भी होगी कम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फरीदाबाद के लिए बड़ी परिवहन परियोजना की घोषणा की। गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा नमो भारत आरआरटीएस सह मेट्रो कॉरिडोर के फाइनल अलाइनमेंट को स्वीकृति मिल गई है। इसके तहत फरीदाबाद क्षेत्र में सैनिक कॉलोनी से बादशाहपुर तक करीब 16 किलोमीटर लंबा इंटीग्रेटेड सेक्शन विकसित किया जाएगा, जो शहर की ट्रैफिक समस्या को कम करने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि इस परियोजना की डीपीआर को अंतिम रूप देने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम को निर्देश दिए गए हैं। यह कॉरिडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नमो भारत विजन के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख आर्थिक शहरों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था से जोड़ना है।
औद्योगिक शहर को मिलेगी नई रफ्तार
फरीदाबाद लंबे समय से औद्योगिक केंद्र के रूप में पहचान रखता है। रोजाना हजारों कर्मचारी गुरुग्राम, नोएडा और दिल्ली की ओर आवागमन करते हैं। वर्तमान में दिल्ली से जुड़ाव मुख्य रूप से मेट्रो और सड़कों पर निर्भर है, जहां पीक आवर्स में जाम आम बात है। प्रस्तावित सेक्शन सैनिक कॉलोनी, एनआईटी क्षेत्र, बाटा चौक, सेक्टर-12 से 15 और नए फरीदाबाद के प्रमुख इलाकों को कवर करेगा।
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यह सेक्शन दिल्ली मेट्रो की वॉयलेट लाइन से जुड़कर मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि शहर के भीतर और बाहर जाने वाले यात्रियों को निर्बाध ट्रांजिट नेटवर्क मिलेगा।
जाम और प्रदूषण से राहत की उम्मीद
फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड और बाईपास रोड पर बढ़ते वाहनों का दबाव शहर की बड़ी चुनौती है। आरआरटीएस-मेट्रो कॉरिडोर शुरू होने के बाद निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बताया कि शहरों के भीतर बनने वाले वायाडक्ट पर नॉइज़ बैरियर लगाए जाएंगे, ताकि ध्वनि प्रदूषण से भी राहत मिल सके।
रियल स्टेट को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तेज रफ्तार क्षेत्रीय रेल सेवा से रियल एस्टेट, औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा। नए फरीदाबाद और एनआईटी क्षेत्र में आवासीय व वाणिज्यिक गतिविधियों को इससे नई गति मिल सकती है।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजना
करीब 64 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का बड़ा हिस्सा हरियाणा में प्रस्तावित है। बढ़ती आबादी और औद्योगिक विस्तार को देखते हुए यह परियोजना आने वाले वर्षों की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीपीआर को शीघ्र अंतिम रूप देकर परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। फरीदाबाद जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए यह केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फरीदाबाद के लिए बड़ी परिवहन परियोजना की घोषणा की। गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा नमो भारत आरआरटीएस सह मेट्रो कॉरिडोर के फाइनल अलाइनमेंट को स्वीकृति मिल गई है। इसके तहत फरीदाबाद क्षेत्र में सैनिक कॉलोनी से बादशाहपुर तक करीब 16 किलोमीटर लंबा इंटीग्रेटेड सेक्शन विकसित किया जाएगा, जो शहर की ट्रैफिक समस्या को कम करने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि इस परियोजना की डीपीआर को अंतिम रूप देने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम को निर्देश दिए गए हैं। यह कॉरिडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नमो भारत विजन के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख आर्थिक शहरों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था से जोड़ना है।
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औद्योगिक शहर को मिलेगी नई रफ्तार
फरीदाबाद लंबे समय से औद्योगिक केंद्र के रूप में पहचान रखता है। रोजाना हजारों कर्मचारी गुरुग्राम, नोएडा और दिल्ली की ओर आवागमन करते हैं। वर्तमान में दिल्ली से जुड़ाव मुख्य रूप से मेट्रो और सड़कों पर निर्भर है, जहां पीक आवर्स में जाम आम बात है। प्रस्तावित सेक्शन सैनिक कॉलोनी, एनआईटी क्षेत्र, बाटा चौक, सेक्टर-12 से 15 और नए फरीदाबाद के प्रमुख इलाकों को कवर करेगा।
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यह सेक्शन दिल्ली मेट्रो की वॉयलेट लाइन से जुड़कर मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि शहर के भीतर और बाहर जाने वाले यात्रियों को निर्बाध ट्रांजिट नेटवर्क मिलेगा।
जाम और प्रदूषण से राहत की उम्मीद
फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड और बाईपास रोड पर बढ़ते वाहनों का दबाव शहर की बड़ी चुनौती है। आरआरटीएस-मेट्रो कॉरिडोर शुरू होने के बाद निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बताया कि शहरों के भीतर बनने वाले वायाडक्ट पर नॉइज़ बैरियर लगाए जाएंगे, ताकि ध्वनि प्रदूषण से भी राहत मिल सके।
रियल स्टेट को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तेज रफ्तार क्षेत्रीय रेल सेवा से रियल एस्टेट, औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा। नए फरीदाबाद और एनआईटी क्षेत्र में आवासीय व वाणिज्यिक गतिविधियों को इससे नई गति मिल सकती है।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजना
करीब 64 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का बड़ा हिस्सा हरियाणा में प्रस्तावित है। बढ़ती आबादी और औद्योगिक विस्तार को देखते हुए यह परियोजना आने वाले वर्षों की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीपीआर को शीघ्र अंतिम रूप देकर परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। फरीदाबाद जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए यह केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।