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प्रशासन ने कराई सफाई, हड़ताली कर्मचारियों ने गंदगी फैलाई
Updated Sat, 19 May 2018 11:04 PM IST
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प्रशासन ने कराई सफाई, हड़ताली कर्मचारियों ने गंदगी फैलाई
फरीदाबाद। सरकार और हड़ताली कर्मचारियों के बीच वार्ता विफल होने के बाद नगर निगम प्रशासन ने शनिवार को शहर की सफाई निजी कर्मचारियों से करवाई। प्रशासन की ओर से लगाए गए इन कर्मचारियों को हड़ताली कर्मचारियों का विरोध झेलना पड़ा। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हड़ताली कर्मचारियों ने जगह-जगह सफाई काम बंद करवा दिया और जहां सफाई हुई थी, वहां कूड़ा उठा कर सड़कों पर बिखेर दिया। दोपहर बाद तक प्रशासन और हड़ताली कर्मचारी एक दूसरे का विरोध करते रहे। कर्मचारी नेता इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री से मिलने उनके यहां पहुंचे लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा सहित प्रदेश के कई संगठनों ने कर्मचारी कल्याण की सरकारी घोषणाएं लागू किए जाने को लेकर 9 मई से हड़ताल कर रखी है। सरकार ने हड़ताल को अवैध घोषित करते हुए एस्मा लागू कर दिया था बावजूद इसके कर्मचारी काम पर नहीं लौटे थे। 17 मई को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक भी बे-नतीजा रही। इसके बाद कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार ने सफाई के लिए आउटसोर्सिंग पर कर्मचारी रखने के निर्देश जारी किए थे। निर्देश के आधार पर निगम आयुक्त मो. शाईन ने शुक्रवार को करीब 200 निजी सफाई कर्मचारियों को काम पर बुलाया था। शनिवार को यह सब सफाई कर्मचारी काम पर जाने के लिए नगर निगम सभागार में इकट्ठा हुए। इनमें से कुछ को हार्डवेयर चौक और तिकोना पार्क में सफाई के लिए अधिकारी अपने साथ ले गए। इस दौरान हड़ताली कर्मचारियों को इसकी भनक लग गई। प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री के नेतृत्व में अनेक महिला पुरुष मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। निजी कर्मचारियों को लाने वाले बसपा नेता सुनील कंडेरा का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में हड़ताली महिला कर्मचारियों ने उनसे अभद्रता की और उन पर पत्थर फेके गए। हड़तालियों ने निजी कर्मचारियों को भी खदेड़ दिया। दोपहर के बाद हड़ताली कर्मचारी जूलूस की शक्ल में बीके चौक से निकले, सरकार विरोध नारेबाजी करते हुए यह लोग तिकोना पार्क से होते हुए लखानी धर्मशाला की ओर मुड़ गए। रास्ते में जहां कहीं भी सफाई दिखी इन लोगों ने खत्तों से कूड़ा उठा कर सड़कों पर बिखेर दिया। एनआईटी दो में लखानी धर्मशाला के पास चल रही सफाई को भी रुकवा दिया और सफाई कर्मचारियों को भगा दिया गया, खास बात यह कि पुलिस की जीप हड़तालियों के साथ गश्त करती रही लेकिन किसी को पुलिस ने रोका नहीं। राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगे माने जाने तक हड़ताल पर रहेंगे।
पुलिस के साए में हुई सफाई
शहर में जहां भी सफाई का काम शुरू हुआ काम कर रहे कर्मचारियों के साथ पुलिस के जवान भी मौजूद रहे। हड़ताली कर्मचारियों और काम कर रहे कर्मचारियों के बीच टकराव होने की आशंका के चलते सभी जोन में डीसीपी को मुस्तैद रहने को कहा गया है। इसके अलावा जहां-जहां भी सफाई कार्य चल रहा है, वहां कर्मचारियों के साथ पुलिस पीसीआर व जवान मौजूद रहेंगे। एहतियात के तौर पर सभी जोन में ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त कर दिए गए हैं।
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फरीदाबाद। सरकार और हड़ताली कर्मचारियों के बीच वार्ता विफल होने के बाद नगर निगम प्रशासन ने शनिवार को शहर की सफाई निजी कर्मचारियों से करवाई। प्रशासन की ओर से लगाए गए इन कर्मचारियों को हड़ताली कर्मचारियों का विरोध झेलना पड़ा। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हड़ताली कर्मचारियों ने जगह-जगह सफाई काम बंद करवा दिया और जहां सफाई हुई थी, वहां कूड़ा उठा कर सड़कों पर बिखेर दिया। दोपहर बाद तक प्रशासन और हड़ताली कर्मचारी एक दूसरे का विरोध करते रहे। कर्मचारी नेता इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री से मिलने उनके यहां पहुंचे लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा सहित प्रदेश के कई संगठनों ने कर्मचारी कल्याण की सरकारी घोषणाएं लागू किए जाने को लेकर 9 मई से हड़ताल कर रखी है। सरकार ने हड़ताल को अवैध घोषित करते हुए एस्मा लागू कर दिया था बावजूद इसके कर्मचारी काम पर नहीं लौटे थे। 17 मई को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक भी बे-नतीजा रही। इसके बाद कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार ने सफाई के लिए आउटसोर्सिंग पर कर्मचारी रखने के निर्देश जारी किए थे। निर्देश के आधार पर निगम आयुक्त मो. शाईन ने शुक्रवार को करीब 200 निजी सफाई कर्मचारियों को काम पर बुलाया था। शनिवार को यह सब सफाई कर्मचारी काम पर जाने के लिए नगर निगम सभागार में इकट्ठा हुए। इनमें से कुछ को हार्डवेयर चौक और तिकोना पार्क में सफाई के लिए अधिकारी अपने साथ ले गए। इस दौरान हड़ताली कर्मचारियों को इसकी भनक लग गई। प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री के नेतृत्व में अनेक महिला पुरुष मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। निजी कर्मचारियों को लाने वाले बसपा नेता सुनील कंडेरा का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में हड़ताली महिला कर्मचारियों ने उनसे अभद्रता की और उन पर पत्थर फेके गए। हड़तालियों ने निजी कर्मचारियों को भी खदेड़ दिया। दोपहर के बाद हड़ताली कर्मचारी जूलूस की शक्ल में बीके चौक से निकले, सरकार विरोध नारेबाजी करते हुए यह लोग तिकोना पार्क से होते हुए लखानी धर्मशाला की ओर मुड़ गए। रास्ते में जहां कहीं भी सफाई दिखी इन लोगों ने खत्तों से कूड़ा उठा कर सड़कों पर बिखेर दिया। एनआईटी दो में लखानी धर्मशाला के पास चल रही सफाई को भी रुकवा दिया और सफाई कर्मचारियों को भगा दिया गया, खास बात यह कि पुलिस की जीप हड़तालियों के साथ गश्त करती रही लेकिन किसी को पुलिस ने रोका नहीं। राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगे माने जाने तक हड़ताल पर रहेंगे।
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पुलिस के साए में हुई सफाई
शहर में जहां भी सफाई का काम शुरू हुआ काम कर रहे कर्मचारियों के साथ पुलिस के जवान भी मौजूद रहे। हड़ताली कर्मचारियों और काम कर रहे कर्मचारियों के बीच टकराव होने की आशंका के चलते सभी जोन में डीसीपी को मुस्तैद रहने को कहा गया है। इसके अलावा जहां-जहां भी सफाई कार्य चल रहा है, वहां कर्मचारियों के साथ पुलिस पीसीआर व जवान मौजूद रहेंगे। एहतियात के तौर पर सभी जोन में ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त कर दिए गए हैं।
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