{"_id":"5b1183834f1c1bb0318b49fd","slug":"131527874435-faridabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मलेरिया का प्रकोप शुरू, तीन मरीजों में हुई पुष्टि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मलेरिया का प्रकोप शुरू, तीन मरीजों में हुई पुष्टि
Updated Fri, 01 Jun 2018 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मलेरिया के तीन मरीजों में हुई पुष्टि
फरीदाबाद।
जिले में डेंगू-मलेरिया को खत्म करने की सरकार की योजना को पलीता लगता नजर आ रहा है। फरीदाबाद जिले के तीन लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। बीके सिविल अस्पताल में तीनों का इलाज चल रहा है। इसके साथ ही उप सिविल सर्जन ने इलाकों में फागिंग करने के निर्देश मलेरिया विभाग को दिए हैं।
पिछले दिनों बीके सिविल अस्पताल में बुखार से ग्रस्त तीन मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। इनमें दो बड़खल क्षेत्र के रहने वाले थे, जबकि एक ईएसआई कैंपस का रहने वाला था। इन लोगों ने बताया था कि कई-कई दिनों की दवा लेने के बाद भी बुखार नहीं उतर पा रहा है। इनके रक्त की जांच की गई तो उसमें तीनों को ही मलेरिया की पुष्टि हुई। ऐसे में सिविल अस्पताल में अब उनके मलेरिया का इलाज शुरू कर दिया गया है।
उधर, इस सीजन में मलेरिया के तीन मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में मलेरिया विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मलेरिया विभाग की प्रभारी डा. गीता पालिया ने बताया कि मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के खिलाफ लोगों को जागरुक किया जा रहा है। इसमें मच्छर के लार्वा पनपने वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है।
फरीदाबाद।
जिले में डेंगू-मलेरिया को खत्म करने की सरकार की योजना को पलीता लगता नजर आ रहा है। फरीदाबाद जिले के तीन लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। बीके सिविल अस्पताल में तीनों का इलाज चल रहा है। इसके साथ ही उप सिविल सर्जन ने इलाकों में फागिंग करने के निर्देश मलेरिया विभाग को दिए हैं।
पिछले दिनों बीके सिविल अस्पताल में बुखार से ग्रस्त तीन मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। इनमें दो बड़खल क्षेत्र के रहने वाले थे, जबकि एक ईएसआई कैंपस का रहने वाला था। इन लोगों ने बताया था कि कई-कई दिनों की दवा लेने के बाद भी बुखार नहीं उतर पा रहा है। इनके रक्त की जांच की गई तो उसमें तीनों को ही मलेरिया की पुष्टि हुई। ऐसे में सिविल अस्पताल में अब उनके मलेरिया का इलाज शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
उधर, इस सीजन में मलेरिया के तीन मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में मलेरिया विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मलेरिया विभाग की प्रभारी डा. गीता पालिया ने बताया कि मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के खिलाफ लोगों को जागरुक किया जा रहा है। इसमें मच्छर के लार्वा पनपने वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है।
विज्ञापन