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Faridabad News: 12वीं के छात्र को गोतस्कर समझ 30 किलोमीटर पीछा कर मारी थी गोली, पांच गिरफ्तार
Tue, 03 Sep 2024 11:41 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Tue, 03 Sep 2024 11:41 PM IST
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- पुलिस पूछताछ में हुआ खुलासा, वारदात में प्रयोग पिस्तौल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने 12वीं के छात्र आर्यन (20) हत्याकांड में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने आर्यन को गोतस्कर समझकर करीब 30 किलोमीटर कार से पटेल चौक से पलवल के गदपुरी टोल तक पीछा करने के बाद गोली मारकर हत्या की थी। सभी आरोपियों को पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद जेल भेज दिया गया है।
सेक्टर-30 स्थित पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान एसीपी क्राइम अमन यादव ने बताया कि छात्र आर्यन की हत्या में अनिल, कृष्ण, वरुण, आदेश और सौरव को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी फरीदाबाद के निवासी हैं। 23 अगस्त की रात आर्यन मिश्रा अपने मकान मालिक के बेटे हर्षित व अन्य के साथ कार में बैठकर मैगी खाने बड़खल स्थित एक मॉल गया था। वहां से देर रात लौटते समय पटेल चौक पर आरोपियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। डर से कार चला रहे हर्षित ने कार की रफ्तार बढ़ा दी। इसके बाद आरोपियों ने करीब 30 किलोमीटर तक उनका पीछा किया। दिल्ली आगरा-हाईवे के पलवल स्थित गदपुरी टोल से कुछ आगे गांव बघोला पर आरोपियों ने कार को ओवरटेक कर आर्यन को गोली मार दी थी।
आर्यन को गोली लगने के बाद कार चला रहे चालक ने कार रोकी तो पास आकर आरोपियों में से एक ने आर्यन के सीने में दूसरी गोली मार दी। डर के मारे अन्य कार सवार बाहर निकलकर आए। इस दौरान कार में बैठीं हर्षित की मां सुजाता गुलाटी और पड़ोसी महिला कीर्ति शर्मा को देखकर आरोपियों को अंदाजा हुआ कि उन्होंने गलत लोगों पर गोली चला दी। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। आरोपियों के जाने के बाद आर्यन को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में 24 अगस्त को एनआईटी थाने में आरोपियों पर हत्या और अवैध हथियार का मामला दर्ज किया गया था।
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आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि 23 अगस्त की रात उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि डस्टर और फॉच्यूर्नर कार सवार कुछ पशु तस्कर शहर में रेकी कर रहे हैं। उन्हें जहां से भी मिल रहा है, कंटेनर मंगाकर उसे उठा ले जा रहे हैं। आरोपी कार सवार उन पशु तस्करों की तलाश शहर में कर रहे थे। इस दौरान उन्हें पटेल चौक पर एक डस्टर कार दिख गई। इस आशंका में आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया।
मामले में कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच की टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित गदपुरी टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और सूचना के आधार पर 28 अगस्त को पर्वतीय कॉलोनी निवासी आरोपी अनिल, नंगला पार्ट एक निवासी वरुण निवासी, खेड़ी गुजरान निवासी कृष्ण निवासी व गांव सदलापुर जिला मेरठ, उत्तर प्रदेश निवासी आदेश को गिरफ्तार किया। आरोपी आदेश को सेक्टर 23 संजय कॉलोनी को गिरफ्तार किया और अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई।
वारदात में उपयोग की गई पिस्तौल, कार बरामद
पुलिस रिमांड के दौरान वारदात में प्रयोग स्विफ्ट कार, एक पिस्तौल और एक नकली पिस्तौल बरामद की गई तथा पांचवें आरोपी सौरव निवासी डबुआ कॉलोनी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अनिल ने आर्यन पर गोली चलाकर हत्या की थी। वारदात में प्रयोग पिस्तौल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा बताए गए तथ्यों के बारे में पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। पुलिस रिमांड पूरा होने के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
कार चला रहे युवक ने रंजिश के डर से भगाई थी कार
आर्यन के पिता सिया नंद मिश्रा ने बताया कि आर्यन की आरोपियों से कोई रंजिश नहीं थी। कार में बैठे हर्षित के भाई सैंकी का शहर के कुछ लोगों से पारिवारिक विवाद चल रहा था। जब आरोपियों ने गोतस्कर समझकर उनको रुकने का इशारा किया तो कार में बैठे लोगों ने सोचा कि रंजिश के चलते उनको मारने आ रहे हैं। ऐसे में उसने तेजी से कार दौड़ा दी।
गोकशी के नाम पर छात्र की हत्या करने का किसने दिया हक
छात्र आर्यन की हत्या के बाद से पूरा परिवार सदमे में है। छात्र के पिता सियानंद मिश्रा ने आरोप लगाया है कि इस हत्या के मूल कारण को छुपाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों की आलोचना की है। उन्होंने बताया कि, मेरा बेटा आर्यन मिश्रा 12वीं कक्षा का छात्र था। मुझे दुख है कि मेरे बेटे आर्यन का गोतस्करी से कोई लेना-देना नहीं है, उसकी गोवंश के संदेह में आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने पूछा कि गोतस्करी के संदेह में किसी को गोली मारने का अधिकार कौन देता है? यदि इस सरकार ने ऐसा अधिकार दिया है तो क्यों?
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने 12वीं के छात्र आर्यन (20) हत्याकांड में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने आर्यन को गोतस्कर समझकर करीब 30 किलोमीटर कार से पटेल चौक से पलवल के गदपुरी टोल तक पीछा करने के बाद गोली मारकर हत्या की थी। सभी आरोपियों को पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद जेल भेज दिया गया है।
सेक्टर-30 स्थित पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान एसीपी क्राइम अमन यादव ने बताया कि छात्र आर्यन की हत्या में अनिल, कृष्ण, वरुण, आदेश और सौरव को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी फरीदाबाद के निवासी हैं। 23 अगस्त की रात आर्यन मिश्रा अपने मकान मालिक के बेटे हर्षित व अन्य के साथ कार में बैठकर मैगी खाने बड़खल स्थित एक मॉल गया था। वहां से देर रात लौटते समय पटेल चौक पर आरोपियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। डर से कार चला रहे हर्षित ने कार की रफ्तार बढ़ा दी। इसके बाद आरोपियों ने करीब 30 किलोमीटर तक उनका पीछा किया। दिल्ली आगरा-हाईवे के पलवल स्थित गदपुरी टोल से कुछ आगे गांव बघोला पर आरोपियों ने कार को ओवरटेक कर आर्यन को गोली मार दी थी।
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आर्यन को गोली लगने के बाद कार चला रहे चालक ने कार रोकी तो पास आकर आरोपियों में से एक ने आर्यन के सीने में दूसरी गोली मार दी। डर के मारे अन्य कार सवार बाहर निकलकर आए। इस दौरान कार में बैठीं हर्षित की मां सुजाता गुलाटी और पड़ोसी महिला कीर्ति शर्मा को देखकर आरोपियों को अंदाजा हुआ कि उन्होंने गलत लोगों पर गोली चला दी। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। आरोपियों के जाने के बाद आर्यन को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में 24 अगस्त को एनआईटी थाने में आरोपियों पर हत्या और अवैध हथियार का मामला दर्ज किया गया था।
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आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि 23 अगस्त की रात उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि डस्टर और फॉच्यूर्नर कार सवार कुछ पशु तस्कर शहर में रेकी कर रहे हैं। उन्हें जहां से भी मिल रहा है, कंटेनर मंगाकर उसे उठा ले जा रहे हैं। आरोपी कार सवार उन पशु तस्करों की तलाश शहर में कर रहे थे। इस दौरान उन्हें पटेल चौक पर एक डस्टर कार दिख गई। इस आशंका में आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया।
मामले में कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच की टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित गदपुरी टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और सूचना के आधार पर 28 अगस्त को पर्वतीय कॉलोनी निवासी आरोपी अनिल, नंगला पार्ट एक निवासी वरुण निवासी, खेड़ी गुजरान निवासी कृष्ण निवासी व गांव सदलापुर जिला मेरठ, उत्तर प्रदेश निवासी आदेश को गिरफ्तार किया। आरोपी आदेश को सेक्टर 23 संजय कॉलोनी को गिरफ्तार किया और अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई।
वारदात में उपयोग की गई पिस्तौल, कार बरामद
पुलिस रिमांड के दौरान वारदात में प्रयोग स्विफ्ट कार, एक पिस्तौल और एक नकली पिस्तौल बरामद की गई तथा पांचवें आरोपी सौरव निवासी डबुआ कॉलोनी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अनिल ने आर्यन पर गोली चलाकर हत्या की थी। वारदात में प्रयोग पिस्तौल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा बताए गए तथ्यों के बारे में पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। पुलिस रिमांड पूरा होने के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
कार चला रहे युवक ने रंजिश के डर से भगाई थी कार
आर्यन के पिता सिया नंद मिश्रा ने बताया कि आर्यन की आरोपियों से कोई रंजिश नहीं थी। कार में बैठे हर्षित के भाई सैंकी का शहर के कुछ लोगों से पारिवारिक विवाद चल रहा था। जब आरोपियों ने गोतस्कर समझकर उनको रुकने का इशारा किया तो कार में बैठे लोगों ने सोचा कि रंजिश के चलते उनको मारने आ रहे हैं। ऐसे में उसने तेजी से कार दौड़ा दी।
गोकशी के नाम पर छात्र की हत्या करने का किसने दिया हक
छात्र आर्यन की हत्या के बाद से पूरा परिवार सदमे में है। छात्र के पिता सियानंद मिश्रा ने आरोप लगाया है कि इस हत्या के मूल कारण को छुपाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों की आलोचना की है। उन्होंने बताया कि, मेरा बेटा आर्यन मिश्रा 12वीं कक्षा का छात्र था। मुझे दुख है कि मेरे बेटे आर्यन का गोतस्करी से कोई लेना-देना नहीं है, उसकी गोवंश के संदेह में आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने पूछा कि गोतस्करी के संदेह में किसी को गोली मारने का अधिकार कौन देता है? यदि इस सरकार ने ऐसा अधिकार दिया है तो क्यों?