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वाल्मीकि समाज के 200 युवाओं के पेट पर मारी लात: सुनील कंडेरा
Updated Thu, 19 Jul 2018 07:36 PM IST
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200 युवाओं के पेट पर मारी गई है लात: सुनील कंडेरा
- नगर निगम से निकाले गए सफाई कर्मचारियों पर शुरू हुई राजनीति
- 22 जुलाई को वाल्मीकि समाज की विशाल पंचायत होगी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम से निकाले गए 200 से ज्यादा सफाई कर्मचारियों के मामले में अब राजनीति शुरू हो गई है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के प्रांतीय महामंत्री सुनील कंडेरा के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांग से संबंधित एक ज्ञापन भी मंडलायुक्त को सौंपा।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सुनील कंडेरा ने कहा कि नगर निगम फरीदाबाद की आबादी लगभग 27 लाख से ऊपर है। इसकी सफाई व्यवस्था लगभग 3700 सफाई कर्मियों के भरोसे है। इसमें से 20 प्रतिशत सफाईकर्मी घर बैठे वेतन ले रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों को नगर निगम के सफाई निरीक्षकों की लॉबी सपोर्ट करती है। यही कारण है कि शहर की सफाई व्यवस्था चौपट रहती है। इन सफाई निरीक्षकों को भी नगर एक गैर मान्यता संघ सपोर्ट करता है। यह संगठन हड़ताल, धरने, प्रदर्शन, कामबंद हड़ताल का बिजनेस करता है। अभी हाल ही में कामबंद हड़ताल के समय एनआईटी जोन, ओल्ड जोन व बल्लभगढ़ जोन में सफाई व्यवस्था बनाने के लिए 350 से ज्यादा सफाई कर्मियों की भर्ती की गई थी। इन कर्मचारियों ने 19 से 25 मई तक काम किया, मगर हड़ताल खत्म होते ही इन्हें हटा दिया गया। इसके बाद अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ ने कागजी कार्रवाई की। इसके कारण हरियाणा सरकार ने स्पेशल 200 सफाई कर्मियों की सेंक्शन कर दी। इन कर्मचारियों को नौकरी पर रख लिया गया, मगर कुछ लोगों ने इसके खिलाफ हड़ताल शुरू कर दी और काम बंद करने की धमकी दी।
इस पर बुधवार को 200 कर्मचारियों को दोबारा से निकाल दिया गया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए वाल्मीकि समाज के 200 युवाओं के पेट पर लात मारने का काम किया है। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को वाल्मीकि समाज की एक विशाल पंचायत का आयोजन किया जाएगा।
- नगर निगम से निकाले गए सफाई कर्मचारियों पर शुरू हुई राजनीति
- 22 जुलाई को वाल्मीकि समाज की विशाल पंचायत होगी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम से निकाले गए 200 से ज्यादा सफाई कर्मचारियों के मामले में अब राजनीति शुरू हो गई है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के प्रांतीय महामंत्री सुनील कंडेरा के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांग से संबंधित एक ज्ञापन भी मंडलायुक्त को सौंपा।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सुनील कंडेरा ने कहा कि नगर निगम फरीदाबाद की आबादी लगभग 27 लाख से ऊपर है। इसकी सफाई व्यवस्था लगभग 3700 सफाई कर्मियों के भरोसे है। इसमें से 20 प्रतिशत सफाईकर्मी घर बैठे वेतन ले रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों को नगर निगम के सफाई निरीक्षकों की लॉबी सपोर्ट करती है। यही कारण है कि शहर की सफाई व्यवस्था चौपट रहती है। इन सफाई निरीक्षकों को भी नगर एक गैर मान्यता संघ सपोर्ट करता है। यह संगठन हड़ताल, धरने, प्रदर्शन, कामबंद हड़ताल का बिजनेस करता है। अभी हाल ही में कामबंद हड़ताल के समय एनआईटी जोन, ओल्ड जोन व बल्लभगढ़ जोन में सफाई व्यवस्था बनाने के लिए 350 से ज्यादा सफाई कर्मियों की भर्ती की गई थी। इन कर्मचारियों ने 19 से 25 मई तक काम किया, मगर हड़ताल खत्म होते ही इन्हें हटा दिया गया। इसके बाद अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ ने कागजी कार्रवाई की। इसके कारण हरियाणा सरकार ने स्पेशल 200 सफाई कर्मियों की सेंक्शन कर दी। इन कर्मचारियों को नौकरी पर रख लिया गया, मगर कुछ लोगों ने इसके खिलाफ हड़ताल शुरू कर दी और काम बंद करने की धमकी दी।
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इस पर बुधवार को 200 कर्मचारियों को दोबारा से निकाल दिया गया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए वाल्मीकि समाज के 200 युवाओं के पेट पर लात मारने का काम किया है। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को वाल्मीकि समाज की एक विशाल पंचायत का आयोजन किया जाएगा।
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