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12 करोड़ से ईएसआई अस्पताल की बदलेगी सूरत
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फरीदाबाद सेक्टर आठ ईएसआई की जर्जर हालत ।
- फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। सेक्टर-8 स्थित ईएसआई अस्पताल की हालत जल्द सुधरने वाली है। इसकी मरम्मत कराई जाएगी। कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने लगभग 12 करोड़ रुपये का भारी भरकम बजट जारी किया है। निगम की ओर से केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को काम सौंपा गया है। अस्पताल की मरम्मत के लिए अब तक तीन बार बजट पास हो चुका है। काम भी संबंधित एजेंसी को सौंप दिया गया था, इसके बावजूद मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ। इससे डॉक्टर और मरीज काफी परेशान है। अबफिर नए सिरे से बजट जारी कर काम शुरू करने की तैयारी है।
सेक्टर-8 स्थित 50 बेड के ईएसआई अस्पताल का निर्माण 40 साल पहले हुआ था। इससे शहर की पांच ईएसआई डिस्पेंसरी जुड़ी हुई हैं। इन डिस्पेंसरियों से भी मरीज रेफर होकर अस्पताल में पहुंचते हैं। लेकिन, यहां स्वास्थ्य सुविधाओं की हालात बेहद खराब है। छत कई जगह से जर्जर है। आए दिन प्लास्टर गिरता रहता है। सेंट्रल एसी खराब है। गर्मियों में डॉक्टरों और मरीजों को पंखों के सहारे रहना पड़ता है। एक डॉक्टर ने बताया कि कि डॉक्टरों को भी डर के साये में इलाज करना पड़ता है। सेक्टर-16 स्थित ईएसआईसी के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से अस्पताल की मरम्मत के लिए दो साल में दो बार बजट पास हो चुका है। इसका काम केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) को सौंपा गया। विभाग की टीम सर्वे कर चुकी है। लेकिन, इसके बाद यह फाइल दब गई। अब तक इस पर कोई काम नहीं हुआ है। विभागीय सूत्रोें का कहना है कि करीब एक साल पहले भी अस्पताल की मरम्मत के लिए बजट पास हुआ था, लेकिन इसके बाद कुछ नहीं कराया गया। इंकलाबी मजदूर केंद्र के सचिव संजय मौर्या ने आरोप लगाया कि विभाग मजदूरों के वेतन से हर महीने करोड़ों रुपये काटता है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। अस्पतालों में मरीजों के लिए पेयजल और शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है।
वर्जन--
सेक्टर-8 ईएसआई अस्पताल की मरम्मत का काम कोरोना महामारी के कारण रुका हुआ था। अस्पताल की स्पेशल मरम्मत कराई जाएगी। निगम की ओर से मरम्मत का कार्य सीपीडब्ल्यूडी को सौंपा गया है। इस पर जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. अनिल मलिक, निदेशक, ईएसआई हेल्थ केयर हरियाणा
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सेक्टर-8 स्थित 50 बेड के ईएसआई अस्पताल का निर्माण 40 साल पहले हुआ था। इससे शहर की पांच ईएसआई डिस्पेंसरी जुड़ी हुई हैं। इन डिस्पेंसरियों से भी मरीज रेफर होकर अस्पताल में पहुंचते हैं। लेकिन, यहां स्वास्थ्य सुविधाओं की हालात बेहद खराब है। छत कई जगह से जर्जर है। आए दिन प्लास्टर गिरता रहता है। सेंट्रल एसी खराब है। गर्मियों में डॉक्टरों और मरीजों को पंखों के सहारे रहना पड़ता है। एक डॉक्टर ने बताया कि कि डॉक्टरों को भी डर के साये में इलाज करना पड़ता है। सेक्टर-16 स्थित ईएसआईसी के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से अस्पताल की मरम्मत के लिए दो साल में दो बार बजट पास हो चुका है। इसका काम केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) को सौंपा गया। विभाग की टीम सर्वे कर चुकी है। लेकिन, इसके बाद यह फाइल दब गई। अब तक इस पर कोई काम नहीं हुआ है। विभागीय सूत्रोें का कहना है कि करीब एक साल पहले भी अस्पताल की मरम्मत के लिए बजट पास हुआ था, लेकिन इसके बाद कुछ नहीं कराया गया। इंकलाबी मजदूर केंद्र के सचिव संजय मौर्या ने आरोप लगाया कि विभाग मजदूरों के वेतन से हर महीने करोड़ों रुपये काटता है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। अस्पतालों में मरीजों के लिए पेयजल और शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है।
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सेक्टर-8 ईएसआई अस्पताल की मरम्मत का काम कोरोना महामारी के कारण रुका हुआ था। अस्पताल की स्पेशल मरम्मत कराई जाएगी। निगम की ओर से मरम्मत का कार्य सीपीडब्ल्यूडी को सौंपा गया है। इस पर जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. अनिल मलिक, निदेशक, ईएसआई हेल्थ केयर हरियाणा
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