{"_id":"6710493a2a7191c87603e5c4","slug":"1170-stones-removed-from-operation-faridabad-news-c-26-1-del1005-32388-2024-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: ऑपरेशन से निकाली 1170 पथरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: ऑपरेशन से निकाली 1170 पथरी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर के निजी अस्पताल में महिला की पित्ताशय की थैली का ऑपरेशन करके 1,170 पथरी निकाली गईं। इस दौरान अस्पताल के सामान्य सर्जरी निदेशक डॉ. बी डी पाठक के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने इस सर्जरी को अंजाम दिया और मरीज की हालत स्थिर होने के बाद अगले दिन उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. बी डी पाठक ने बताया कि यह ऐसा दुर्लभ मामला था जिसमें मरीज की पित्ताशय की थैली से 1,170 से अधिक पथरी निकाली गईं। उन्होंने कहा कि यदि समय पर मरीज का इलाज नहीं किया जाता तो इन पथरी की वजह से उन्हें पीलिया या अग्नाशय में सूजन और पित्ताशय की थैली में छेद भी हो सकता था। यह तीव्र पित्ताशय शोथ का ऐसा दुर्लभ मामला था जिसकी वजह से पित्ताशय में सूजन और लाली भी आती है। उन्होंने कहा कि ऐसी समस्या की अनदेखी नहीं करनी चाहिए क्योंकि इसकी वजह से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं, और कई बार बीमारियों के अलावा मरीज की मौत भी हो सकती है। इसके बाद अस्पताल के सुविधा निदेशक योगेंद्र नाथ अवधिया ने बताया कि डॉ. बी डी पाठक के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने इस मामले को सावधानीपूर्वक संभाला और बेहद सटीकता तथा मरीज की देखभाल पर जोर देते हुए सर्जरी की है।
विज्ञापन
फरीदाबाद। शहर के निजी अस्पताल में महिला की पित्ताशय की थैली का ऑपरेशन करके 1,170 पथरी निकाली गईं। इस दौरान अस्पताल के सामान्य सर्जरी निदेशक डॉ. बी डी पाठक के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने इस सर्जरी को अंजाम दिया और मरीज की हालत स्थिर होने के बाद अगले दिन उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. बी डी पाठक ने बताया कि यह ऐसा दुर्लभ मामला था जिसमें मरीज की पित्ताशय की थैली से 1,170 से अधिक पथरी निकाली गईं। उन्होंने कहा कि यदि समय पर मरीज का इलाज नहीं किया जाता तो इन पथरी की वजह से उन्हें पीलिया या अग्नाशय में सूजन और पित्ताशय की थैली में छेद भी हो सकता था। यह तीव्र पित्ताशय शोथ का ऐसा दुर्लभ मामला था जिसकी वजह से पित्ताशय में सूजन और लाली भी आती है। उन्होंने कहा कि ऐसी समस्या की अनदेखी नहीं करनी चाहिए क्योंकि इसकी वजह से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं, और कई बार बीमारियों के अलावा मरीज की मौत भी हो सकती है। इसके बाद अस्पताल के सुविधा निदेशक योगेंद्र नाथ अवधिया ने बताया कि डॉ. बी डी पाठक के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने इस मामले को सावधानीपूर्वक संभाला और बेहद सटीकता तथा मरीज की देखभाल पर जोर देते हुए सर्जरी की है।
विज्ञापन