कार में कैद हुई दो साल की मासूम, शीशा तोड़ बचाया
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दो साल की बच्ची को एक घंटे की जद्दोजहद के बाद उस स्थिति में कार से निकाला गया जब उसने खुद को गाड़ी में लॉक कर लिया था। कार का शीशा तोड़कर बच्ची की जान बचाई गई।
रविवार दोपहर करीब 3 बजे सेक्टर-2 निवासी एक व्यक्ति अपनी दो साल की बेटी के साथ नीलम चौक पर खाना खाने आए थे। इस दौरान उन्होंने अपनी करीब दो साल की मासूम बेटी को कार में एसी चलाकर अकेला छोड़ दिया। बराबर की सीट पर बैठी बच्ची ने चाभी में लगे रिमोट का बटन दबाया तो कार लॉक हो गई।
इसके साथ ही पिता को पास न पाकर बच्ची रोने लगी। कुछ समय बाद नीलम चौक स्थित पेट्रोल पंप पर काम करने वाले अनिल हेमराज रेहड़ी पर छोले लेने पहुंचे तो उनकी नजर कार में रोती हुई बच्ची पर पड़ी। वह बार-बार शीशे पर हाथ मार रही थी।
बच्ची की हालत देख वह घबरा गया। उसने इसकी सूचना तुरंत आसपास के लोगों को दी। लोगों ने जब यह नजारा देखा तो वह कार के पास पहुंचे और गेट खोलने की कोशिश की।
पेट्रोल पंप कर्मी अनिल ने बताया कि देखते ही देखते कार के पास लोगों की भीड़ जमा हो गई। बंद कार में बच्ची को साहस बंधाने के लिए लोग अपने फोन में उसे कॉर्टून दिखाने लगे। इसके साथ ही कुछ लोग कार का शीशा खोलने का प्रयास भी कर रहे थे।
काफी देर बाद बच्ची के पिता मौके पर पहुंचे। इस दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। काफी मशक्कत के बाद भी जब कार का गेट और शीशा नहीं खुला तो उन्होंने शीशा तोड़कर कर कार के अंदर हाथ डाल गेट खोला। तब जाकर मासूम को बचाया जा सका। बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ है।