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प्लानिंग ब्रांच के आर्किटेक्चरल सहायक सहित तीन निलंबित
Updated Tue, 17 Apr 2018 09:27 PM IST
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प्लानिंग ब्रांच के आर्किटेक्चरल सहायक सहित तीन निलंबित
- जनवरी माह से दबा कर बैठे थे एफएआर आवेदन की फाइलें, 16 गायब कीं
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने के लिए आवेदन की गई 16 फाइलें गायब होने के मामले में निगम आयुक्त मो. शाईन ने योजना शाखा के ऑर्किटेक्चरल असिस्टेंट जितेंदर, चपरासी रणबहादुर और एईओ ब्रांच की चपरासी सुनीता डागर को निलंबित किया है। तीनों ही कर्मचारियों को संयुक्त आयुक्त ओल्ड फरीदाबाद के कार्यालय से अटैच किया गया है। जल्द ही तीनों को चार्जशीट किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने छह माह पहले शहरी इमारतों का फ्लोर एरिया रेशियो 145 फीसदी से बढ़ाकर 198 प्रतिशत करने का फैसला लिया था। जनवरी 2018 में यह पॉलिसी लागू हुई तो शहर के 32 लोगों ने एफएआर बढ़ाने के लिए नगर निगम में आवेदन किया था। सरकार ने सभी तरह की नागरिक सेवाओं के लिए समय सीमा निर्धारित कर रखी है। नियमानुसार एफएआर की फाइल भी एक माह के भीतर निस्तारित हो जाती। प्लानिंग ब्रांच में यह फाइलें लाल फीताशाही के तहत रोके रखे गईं। निगमायुक्त मो. शाईन से इसकी शिकायत की गई थी। उनके निर्देश पर सोमवार शाम ओल्ड फरीदाबाद संयुक्त आयुक्त आशुतोष रंजन ने प्लानिंग ब्रांच में छापामार कार्रवाई की थी। जांच में 16 फाइलें लापता थीं, आर्किटेक्चरल असिस्टेंट जितेंद्र, चपरासी सुनीता डागर और रणबहादुर इन फाइलों के बारे में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके थे। संयुक्त आयुक्त ने तीनों को आदेश जारी किए थे कि वह शपथ पत्र पर बताएं कि कौन सी फाइल किस स्टेज पर है और अभी तक उस पर क्या कार्रवाई की गई। आशुतोष रंजन की रिपोर्ट पर निगमायुक्त तीनों को निलंबित कर ओल्ड फरीदाबाद संयुक्त आयुक्त के कार्यालय से संबद्ध कर दिया। निगमायुक्त मो. शाईन ने बताया कि इस मामले में और भी कर्मचारियों की भूमिका गड़बड़ है जांच के बाद इन पर एफआईआर और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जो सुविधा सरकार ने लोगों के लिए दी है उसे आसानी से लोगों तक पहुंचानी चाहिए। लेकिन निगम कर्मचारी लोगों को परेशान करते है। जो पूरी तरह से गलत है।
- जनवरी माह से दबा कर बैठे थे एफएआर आवेदन की फाइलें, 16 गायब कीं
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फ्लोर एरिया रेशियो बढ़ाने के लिए आवेदन की गई 16 फाइलें गायब होने के मामले में निगम आयुक्त मो. शाईन ने योजना शाखा के ऑर्किटेक्चरल असिस्टेंट जितेंदर, चपरासी रणबहादुर और एईओ ब्रांच की चपरासी सुनीता डागर को निलंबित किया है। तीनों ही कर्मचारियों को संयुक्त आयुक्त ओल्ड फरीदाबाद के कार्यालय से अटैच किया गया है। जल्द ही तीनों को चार्जशीट किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने छह माह पहले शहरी इमारतों का फ्लोर एरिया रेशियो 145 फीसदी से बढ़ाकर 198 प्रतिशत करने का फैसला लिया था। जनवरी 2018 में यह पॉलिसी लागू हुई तो शहर के 32 लोगों ने एफएआर बढ़ाने के लिए नगर निगम में आवेदन किया था। सरकार ने सभी तरह की नागरिक सेवाओं के लिए समय सीमा निर्धारित कर रखी है। नियमानुसार एफएआर की फाइल भी एक माह के भीतर निस्तारित हो जाती। प्लानिंग ब्रांच में यह फाइलें लाल फीताशाही के तहत रोके रखे गईं। निगमायुक्त मो. शाईन से इसकी शिकायत की गई थी। उनके निर्देश पर सोमवार शाम ओल्ड फरीदाबाद संयुक्त आयुक्त आशुतोष रंजन ने प्लानिंग ब्रांच में छापामार कार्रवाई की थी। जांच में 16 फाइलें लापता थीं, आर्किटेक्चरल असिस्टेंट जितेंद्र, चपरासी सुनीता डागर और रणबहादुर इन फाइलों के बारे में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके थे। संयुक्त आयुक्त ने तीनों को आदेश जारी किए थे कि वह शपथ पत्र पर बताएं कि कौन सी फाइल किस स्टेज पर है और अभी तक उस पर क्या कार्रवाई की गई। आशुतोष रंजन की रिपोर्ट पर निगमायुक्त तीनों को निलंबित कर ओल्ड फरीदाबाद संयुक्त आयुक्त के कार्यालय से संबद्ध कर दिया। निगमायुक्त मो. शाईन ने बताया कि इस मामले में और भी कर्मचारियों की भूमिका गड़बड़ है जांच के बाद इन पर एफआईआर और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जो सुविधा सरकार ने लोगों के लिए दी है उसे आसानी से लोगों तक पहुंचानी चाहिए। लेकिन निगम कर्मचारी लोगों को परेशान करते है। जो पूरी तरह से गलत है।
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