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Faridabad News: बाजारों में 100 और रिहायशी इलाकों में 97 प्रतिशत सफाई, मिले अच्छे अंक
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पूरे देश में 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों में 34वें व प्रदेश में 40वें नंबर पर रहा फरीदाबाद
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में फरीदाबाद ने बाजारों और रिहायशी इलाकों की सफाई व्यवस्था में शानदार प्रदर्शन किया है। हाल ही में जारी सिटी रिपोर्ट कार्ड के अनुसार फरीदाबाद के बाजार क्षेत्रों को 100 प्रतिशत अंक मिले हैं, वहीं आवासीय क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था को 97 प्रतिशत संतोषजनक माना गया है। फरीदाबाद को 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों में 34वां व प्रदेश में 40वां स्थान मिला है।
शहर के बाजारों में नियमित सफाई, कचरा उठाने की व्यवस्था और साफ-सफाई को लेकर नगर निगम की सख्ती के चलते यह उपलब्धि मिली है। रिहायशी इलाकों में भी निगम की टीमें लगातार सफाई अभियान चला रही हैं, जिसका असर सर्वेक्षण में साफ दिखाई दिया।
जलाशयों की सफाई में भी सुधार
फरीदाबाद के जलाशयों की सफाई में भी इस बार पिछले साल की तुलना में सुधार हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार 67 प्रतिशत जल स्रोतों की सफाई संतोषजनक रही, जो कि शहर के पर्यावरण के लिए अच्छी खबर है।
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डोर टू डोर कलेक्शन की दर 35 प्रतिशत
फरीदाबाद में कूड़ा कलेक्शन की दर 35 प्रतिशत है।अभी भी बड़ी आबादी के घरों से कूड़े का उठान नहीं हो रहा।निगम को कलेक्शन प्रणाली में सुधार करना होगा। कचरे का नियमित उठान नागरिकों के लिए जरूरी है। लोगों को अलग-अलग करना होगा कचरा सिर्फ 13 प्रतिशत घरों में कचरा अलग-अलग हो रहा है। गीला-सूखा कचरा अलग करना अब भी बड़ी चुनौती है। इसमें सुधार के लिए जन जागरूकता अभियान जरूरी। इसके अलावा कुल कचरे का 32 प्रतिशत ही प्रोसेस हो पा रहा है।शहर में प्रोसेसिंग की रफ्तार कचरे के मुकाबले कम है।कचरा निस्तारण में तेजी लाना जरूरी है।
डंप साइट की सफाई में जीरो
शहर में डंप साइट रिमेडिएशन की दर 0 प्रतिशत है। कहीं भी पुराने कचरे का निस्तारण नहीं हो रहा।डंप साइट की सफाई के लिए ठोस योजना बनाने की जरूरत है।निगम को इस दिशा में तुरंत काम शुरू करना चाहिए।
रिहायशी इलाकों की सफाई में शहर ने मारी बाजी
रिहायशी क्षेत्रों में सफाई 97 प्रतिशत तक है। निगम की सफाई व्यवस्था इन इलाकों में संतोषजनक है। नागरिकों का फीडबैक भी सकारात्मक मिल रहा है। नियमित सफाई का क्रम बनाने में अधिकारी कामयाब रहे।
बाजारों की सफाई 100 प्रतिशत
बाजार क्षेत्रों की सफाई 100 प्रतिशत पाई गई। व्यावसायिक इलाकों में निगम की मेहनत दिख रही है। इस मॉडल अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने की आवश्यकता है।
सार्वजनिक शौचालयों की सफाई में मिले केवल पासिंग नंबर
शहर में सिर्फ 33 प्रतिशत शौचालय ही साफ पाए गए। अधिकतर सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति खराब है। इसमें सुधार के लिए निगरानी बढ़ाई जाने की जरूरत है। स्वच्छता अभियान में शौचालयों की सफाई को प्राथमिकता देने की जरूरत है।
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मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में फरीदाबाद ने बाजारों और रिहायशी इलाकों की सफाई व्यवस्था में शानदार प्रदर्शन किया है। हाल ही में जारी सिटी रिपोर्ट कार्ड के अनुसार फरीदाबाद के बाजार क्षेत्रों को 100 प्रतिशत अंक मिले हैं, वहीं आवासीय क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था को 97 प्रतिशत संतोषजनक माना गया है। फरीदाबाद को 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों में 34वां व प्रदेश में 40वां स्थान मिला है।
शहर के बाजारों में नियमित सफाई, कचरा उठाने की व्यवस्था और साफ-सफाई को लेकर नगर निगम की सख्ती के चलते यह उपलब्धि मिली है। रिहायशी इलाकों में भी निगम की टीमें लगातार सफाई अभियान चला रही हैं, जिसका असर सर्वेक्षण में साफ दिखाई दिया।
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जलाशयों की सफाई में भी सुधार
फरीदाबाद के जलाशयों की सफाई में भी इस बार पिछले साल की तुलना में सुधार हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार 67 प्रतिशत जल स्रोतों की सफाई संतोषजनक रही, जो कि शहर के पर्यावरण के लिए अच्छी खबर है।
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डोर टू डोर कलेक्शन की दर 35 प्रतिशत
फरीदाबाद में कूड़ा कलेक्शन की दर 35 प्रतिशत है।अभी भी बड़ी आबादी के घरों से कूड़े का उठान नहीं हो रहा।निगम को कलेक्शन प्रणाली में सुधार करना होगा। कचरे का नियमित उठान नागरिकों के लिए जरूरी है। लोगों को अलग-अलग करना होगा कचरा सिर्फ 13 प्रतिशत घरों में कचरा अलग-अलग हो रहा है। गीला-सूखा कचरा अलग करना अब भी बड़ी चुनौती है। इसमें सुधार के लिए जन जागरूकता अभियान जरूरी। इसके अलावा कुल कचरे का 32 प्रतिशत ही प्रोसेस हो पा रहा है।शहर में प्रोसेसिंग की रफ्तार कचरे के मुकाबले कम है।कचरा निस्तारण में तेजी लाना जरूरी है।
डंप साइट की सफाई में जीरो
शहर में डंप साइट रिमेडिएशन की दर 0 प्रतिशत है। कहीं भी पुराने कचरे का निस्तारण नहीं हो रहा।डंप साइट की सफाई के लिए ठोस योजना बनाने की जरूरत है।निगम को इस दिशा में तुरंत काम शुरू करना चाहिए।
रिहायशी इलाकों की सफाई में शहर ने मारी बाजी
रिहायशी क्षेत्रों में सफाई 97 प्रतिशत तक है। निगम की सफाई व्यवस्था इन इलाकों में संतोषजनक है। नागरिकों का फीडबैक भी सकारात्मक मिल रहा है। नियमित सफाई का क्रम बनाने में अधिकारी कामयाब रहे।
बाजारों की सफाई 100 प्रतिशत
बाजार क्षेत्रों की सफाई 100 प्रतिशत पाई गई। व्यावसायिक इलाकों में निगम की मेहनत दिख रही है। इस मॉडल अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने की आवश्यकता है।
सार्वजनिक शौचालयों की सफाई में मिले केवल पासिंग नंबर
शहर में सिर्फ 33 प्रतिशत शौचालय ही साफ पाए गए। अधिकतर सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति खराब है। इसमें सुधार के लिए निगरानी बढ़ाई जाने की जरूरत है। स्वच्छता अभियान में शौचालयों की सफाई को प्राथमिकता देने की जरूरत है।