फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   faridabad law and order in trouble

कमिश्नर साहब, आपके आदेश नहीं मानती पुलिस

Wed, 03 Aug 2016 10:18 AM IST
गौरव चौधरी/अमर उजाला, फरीदाबाद
गौरव चौधरी/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Wed, 03 Aug 2016 10:18 AM IST
विज्ञापन
faridabad law and order in trouble
police van - फोटो : अमर उजाला

फरीदाबाद की कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के दावों की हवा निकलती दिख रही है। बिगड़ती कानून व्यवस्था को संभालने के लिए पुलिस आयुक्त डॉ. हनीफ कुरैशी ने तमाम दिशा-निर्देश जारी किए, लेकिन मातहतों की लापरवाही शहर की सुरक्षा पर भारी पड़ रही है।

विज्ञापन


खुद पुलिस नियम तोड़ रही और दूसरों को भी खुली छूट दे रही है। शहर की सड़कों को असामाजिक तत्त्वों ने मयखाना बना डाला है। बिना नंबर प्लेट और दोषी नंबर प्लेट वाले वाहन शहर की सरहद में खुलेआम  दौड़ रहे हैं। नो एंट्री में भारी वाहनों की एंट्री का खुला खेल जारी है। कानून व्यवस्था का जायजा लिया गौरव चौधरी ने। पेश है रिपोर्ट::
विज्ञापन


वाहनों के नंबरों पर नहीं पुलिस का ध्यान
पुलिस आयुक्त के पद्भार संभालते ही वाहनों पर दोषपूर्ण नंबर प्लेट लगाकर चलने वालों के खिलाफ अभियान चलाने के आदेश दिए थे, लेकिन पुलिस लापरवाह लोगों को सुधारना तो दूर खुद भी लापरवाह बन गई है। पुलिस के ही कई वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं लगी है। क्राइम ब्रांच के वाहनों पर नीली बत्ती की शान तो दिखाई देती है लेकिन नंबर प्लेट का अतापता नहीं होता। शहर में स्नेचिंग, लूट जैसी घटनाएं बढने के बावजूद भी पुलिस का इस ओर ध्यान नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सड़कों को ही बनाया जा रहा मयखाना
सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने पर प्रतिबंध है, लेकिन शहर की सरहद में यह प्रतिबंध कहीं दिखाई नहीं देता। सूरजकुंड रोड हो या नेशनल हाईवे। शराब के ठेकों के बाहर ही अवैध तरीके से पीने-पिलाने का खुला खेल चल रहा है। असामाजिक तत्व वाहन रोककर सड़क पर कही भी मयखाना बना लेते हैं और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती है।

नो एंट्री में आखिर किसकी मर्जी से एंट्री
बढ़ते सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने नो एंट्री का नियम शहर के कई मार्गों पर लागू किया था। हाल ही में कुछ नए मार्ग जोड़ते हुए इस नियम को और ज्यादा प्रभावी बनाया गया, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके। लेकिन पुलिस की लापरवाही से नो एंट्री में भारी वाहनों की खुलेआम एंट्री हो रही है।

बार लाइट बन रही हादसों की वजह
सुरक्षा के लिहाज से वाहनों में बार लाइट लगाने पर प्रतिबंद लगाया है, लेकिन पुलिस आयुक्त के इस आदेश का भी पालन पुलिस कर्मचारी नहीं करा पा रहे हैं। बार लाइट की तेज रोशनी से सामने से आ रहे वाहन चालक को कुछ नहीं दिखाई देता, नतीजतन हादसे होते हैं। सड़कों पर वाहनों में बार लाइट लगाकर चलने का चलन बढ़ रहा है। वहीं, बाजारों में भी इसकी जमकर बिक्री हो रही है।


दिशा-निर्देश पुलिस आयुक्त की तरफ से जारी हुए थे। अवकाश से लौटने के बाद उन्हें अवगत कराया जाएगा, ताकि नियमों को प्रभावी बनाया जा सके।-जगदीश नागर, संयुक्त पुलिस आयुक्त

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed