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Fake Call Center: पहले सीखा तरीका, फिर करने लगी ठगने, 300 लोगों को बनाया शिकार, देते थे ये झांसा
Sat, 21 May 2022 08:10 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 21 May 2022 08:10 AM IST
सार
दिल्ली पुलिस ने पश्चिम विहार में एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार महिलाओं व मालिक समेत छह आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों ने डीएल नवीनीकरण के नाम पर 300 लोगों कोे साथ ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर-पश्चिमी जिले की साइबर थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार को पश्चिम विहार स्थित मीरा बाग में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर चार महिलाओं व मालिक समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की पहचान पश्चिम विहार निवासी मनीष अरोड़ा, सुल्तानपुरी निवासी राजा हुसैन, नांगलोई निवासी सोनिया कौर, पश्चिम विहार निवासी रूपाली कोहली, मीनू कोहली और नांगलोई निवासी गीता के रूप में हुई। मनीष अरोड़ा कॉल सेंटर का मालिक है।
आरोपी रियायती दरों पर ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस व पासपोर्ट का नवीनीकरण का झांसा देकर छह महीने से ठगी कर रहे थे और 300 से ज्यादा लोगों को ठग चुके हैं। इनके पास से 20 मोबाइल, एक लैपटॉप, पांच एटीएम कार्ड और कागजात बरामद किए गए हैं।
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उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल के माध्यम से जिले की साइबर थाना पुलिस को साइबर धोखाधड़ी के संबंध में एक शिकायत प्राप्त हुई थी। पीड़ित ललित कुमार जैन ने शिकायत में कहा था कि उन्हें उनके ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के संबंध में एक फोन आया। कॉलर ने रियायती दरों पर लाइसेंस का नवीनीकरण करने की बात कही।
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आरोपियों की पहचान पश्चिम विहार निवासी मनीष अरोड़ा, सुल्तानपुरी निवासी राजा हुसैन, नांगलोई निवासी सोनिया कौर, पश्चिम विहार निवासी रूपाली कोहली, मीनू कोहली और नांगलोई निवासी गीता के रूप में हुई। मनीष अरोड़ा कॉल सेंटर का मालिक है।
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आरोपी रियायती दरों पर ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस व पासपोर्ट का नवीनीकरण का झांसा देकर छह महीने से ठगी कर रहे थे और 300 से ज्यादा लोगों को ठग चुके हैं। इनके पास से 20 मोबाइल, एक लैपटॉप, पांच एटीएम कार्ड और कागजात बरामद किए गए हैं।
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उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल के माध्यम से जिले की साइबर थाना पुलिस को साइबर धोखाधड़ी के संबंध में एक शिकायत प्राप्त हुई थी। पीड़ित ललित कुमार जैन ने शिकायत में कहा था कि उन्हें उनके ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के संबंध में एक फोन आया। कॉलर ने रियायती दरों पर लाइसेंस का नवीनीकरण करने की बात कही।
झांसे में आकर उसने 7500 रुपये बताए गए बैंक खाते में जमा करा दिए थे, मगर उनके लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ। फोन किया, लेकिन किसी ने नहीं उठाया। ऑनलाइन भुगतान की स्थिति की जांच करने पर पता चला कि ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए भुगतान किया जाना बाकी है। मामला दर्ज कर पुलिस टीम ने जांच शुरू की।
जांच में पता लगा कि पीड़ित से ली गई रकम फर्जी आईडी पर खोले गए बैंक खाते में ट्रांसफर की गई है। जांच में पुलिस को आरोपी का पता मिल गया। इसके बाद पश्चिम विहार स्थित मीरा बाग में चल रहे कॉल सेंटर में छापा मारा। कार्रवाई के समय यहां मौजूद लोग ठगी के लिए कॉल कर रहे थे।
पहले तरीका सीखा, फिर ठगने लगा
मनीष ने कई साल बैंकों से लोगों को लोन दिलाने के लिए एजेंट के तौर पर काम किया था। यहां पर उसने लोगों को ठगने का तरीका सीखा। उसने रियायती दरों पर ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट दिलाने के बहाने लोगों को ठगने के लिए कॉल सेंटर खोलने की साजिश रची। महिला टेलीकॉलर्स आकर्षक ऑफर देकर कॉल करती थीं। मनीष दिल्ली विश्वविद्यालय से वाणिज्य स्नातक है। अन्य आरोपी 10वीं या 12वीं पास हैं।
जांच में पता लगा कि पीड़ित से ली गई रकम फर्जी आईडी पर खोले गए बैंक खाते में ट्रांसफर की गई है। जांच में पुलिस को आरोपी का पता मिल गया। इसके बाद पश्चिम विहार स्थित मीरा बाग में चल रहे कॉल सेंटर में छापा मारा। कार्रवाई के समय यहां मौजूद लोग ठगी के लिए कॉल कर रहे थे।
पहले तरीका सीखा, फिर ठगने लगा
मनीष ने कई साल बैंकों से लोगों को लोन दिलाने के लिए एजेंट के तौर पर काम किया था। यहां पर उसने लोगों को ठगने का तरीका सीखा। उसने रियायती दरों पर ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट दिलाने के बहाने लोगों को ठगने के लिए कॉल सेंटर खोलने की साजिश रची। महिला टेलीकॉलर्स आकर्षक ऑफर देकर कॉल करती थीं। मनीष दिल्ली विश्वविद्यालय से वाणिज्य स्नातक है। अन्य आरोपी 10वीं या 12वीं पास हैं।