फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Expectation of faridabad people from rail budget

जानिए रेल बजट से आम आदमी को क्या है उम्मीद

Fri, 20 Feb 2015 07:12 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/ अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Fri, 20 Feb 2015 07:12 PM IST
विज्ञापन
Expectation of faridabad people from rail budget

रेल बजट को लेकर कॉलेज की छात्राओं में भी उत्सुकता है। वे किराया कम करने के साथ ही ट्रेनों के बीच अंतराल को कम देखना चाहती हैं। उन्होंने महिला सुरक्षा को अहम मुद्दा बनाया है।

विज्ञापन


हेल्पलाइन नंबरों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने की बात भी वे इस बजट में चाहती हैं। अमर उजाला से बातचीत पर आधारित रिपोर्ट...

फरीदाबाद की रहने वाली रीटा का कहना है कि ओल्ड, बाटा स्टेशन के शौचालय का हाल देखिए। इतनी गंदगी है कि उसमें प्रवेश करने का मन नहीं करता। यहां पीने का पानी नहीं मिलता। ट्रेन देरी से आती है।
विज्ञापन


टिकट काउंटर पर एक ही व्यक्ति टिकट देता है और उसकी स्पीड भी इतनी कम होती है कि जब तक वह टिकट देता है, तब तक ट्रेन छूट जाती है। यहां स्टाफ की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां के डीएवी कॉलेज में पढ़ने वाली दिल्ली निवासी शिवानी का कहना है कि दिल्ली से ईएमयू 11:30 बजे चलती है। इसके बाद अगली ईएमयू शाम को ही मिलती है। दो ट्रेनों के बीच इतना लंबा अंतराल नहीं होना चाहिए।

इनकी संख्या बढ़ाई जाए, ताकि लोग समय पर अपने घर पहुंच सकें। एक ट्रेन छूटने पर बस या ऑटो से अधिक किराया खर्च कर पहुंचना पड़ता है।

पलवल निवासी और डीएवी कॉलेज में पढ़ने वाली आशु को शिकायत है कि बजट में हर साल नई योजनाएं जोड़ी जाती हैं, लेकिन पुरानी योजनाएं कितनी सफल हुईं, इस ओर रेलवे का ध्यान नहीं होता।

यात्री को देरी से आने वाली ट्रेनों के कारण परेशानी झेलनी पड़ती है। लेट ट्रेन का इंतजार यात्री दस से पंद्रह मिनट तक कर सकता है, लेकिन दस घंटे की देरी रिजर्वेशन वालों के लिए भारी पड़ जाती है।


एसजीएम नगर निवासी दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा शिखा का कहना है कि रेल बजट में महिला सुरक्षा अहम मुद्दा होना चाहिए। सुरक्षा के लिए जो हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, वह ट्रेन के हर कोने में लिखे हों।

महिला डिब्बे में पुरुषों को चढ़ने न दिया जाए। डिब्बों में महिला सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था होती है, लेकिन यात्रा के दौरान कभी वह दिखाई नहीं देतीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed