चीनी घोटाला: पूर्व विधायक के पिता समेत आठ को कैद
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सरकारी चीनी के करीब दो करोड़ रुपये के घोटाले मामले में विशेष अदालत ने पूर्व कांग्रेसी विधायक के पिता समेत आठ लोगों को दोषी ठहराते हुए तीन साल कैद की सजा सुनाई है। दोषियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।
मामला दिल्ली सरकार के अधीन सोसायटी दिल्ली कंज्यूमर को-ऑपरेटिव होलसेल स्टोर में रखी चीनी की 13,000 से ज्यादा बोरियों के घोटाले से जुड़ा है।
तीस हजारी स्थित विशेष न्यायाधीश बीआर केडिया ने आठ आरोपियों को अमानत में खयानत, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए भगत सिंह चौधरी को तीन साल कैद और साढ़े 24 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोषी पूर्व कांग्रेसी विधायक के पिता हैं।
विजय गोयल को तीन साल कैद, जुर्माना
इसके अलावा अदालत ने महामाया ट्रांसपोर्ट कंपनी में साझेदार विजय गोयल को तीन साल कैद व आठ लाख जुर्माना, प्रदीप गोयल को तीन साल कैद व एक लाख जुर्माना, सुधा गोयल को तीन साल कैद व आठ लाख जुर्माना और सुमन गोयल को तीन साल कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत ने सोसाइटी के प्रबंधक सर्वजीत सिंह राणा, अध्यक्ष भगत सिंह चौधरी, सचिव जगत सिंह सिक्का को तीन साल कैद और दो-दो लाख रुपये जुर्माना और क्लर्क जितेंद्र सिंह को तीन साल कैद व पचास हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अपील के लिए दी जमानत
फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए अदालत ने सभी दोषियों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके व एक जमानती की शर्त पर 16 अगस्त तक जमानत प्रदान की है। आरोपियों को 11 जुलाई को दोषी करार दिया गया था।
पेश मामले के अनुसार, सोसाइटी में 31 मई 2002 को आरसी मीणा ने प्रबंधक के तौर पर ज्वाइन किया था।
उन्हें सोसायटी के खातों में भारी गड़बड़ी नजर आई थी। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को दी थी। जांच में पता चला कि महामाया ट्रांसपोर्ट कंपनी के वेयर हाउस से करीब 15324 कुंतल चीनी गायब हो गई थी।