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Delhi NCR News: ग्रीन बेल्ट को खा गई गंदगी व अतिक्रमण
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फोटो (कंपेरिजन करते हुए की फोटो उपलब्ध है)-- --
-पहले डस्ट फ्री जोन में सड़क किनारे दिखती थी घास, अब वहां सिर्फ मिट्टी
-
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की आबोहवा को शुद्ध रखने वाली ग्रीनरी खुद दुर्गंध में सांस लेने को मजबूर है। प्राधिकरण की ओर से ग्रीनरी बढ़ाने के किया गया प्रयास पांच साल में ही खोखला होने लगा। पांच साल पहले डस्ट फ्री जोन में सड़क किनारे जहां हरी घास दिखती थी, वहां आज सिर्फ मिट्टी है।
सेक्टर-116 और सेक्टर-112, 113 व 76 की मेन रोड से गुजरने वाली ग्रीन बेल्ट इन दिनों गंदगी और अतिक्रमण से जूझ रहीं हैं। इसका प्रमुख कारण बिजली या अन्य निजी टेली कम्यूनिकेशन कंपनियों की ओर से की जाने वाली खोदाई और कूड़ा फेंकने में बरती जाने वाली लापरवाही है। इसी तरह सेक्टर-36, 100, 107, प्रतीक एडिफिस सोसाइटी आदि की ग्रीन बेल्ट बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। इसको लेकर निवासियों ने एनजीटी से शिकायत की, जिसके बाद सेक्टर-77 में कुछ काम शुरू हो गया है।
सेवन एक्स सोसाइटी में बना था डस्ट फ्री जोन
पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाले सेक्टर-77 निवासी अमित गुप्ता ने बताया कि उन्होंने घूल को लेकर 2017 में एनजीटी से शिकायत की थी। इसके बाद एनजीटी ने प्राधिकरण को सेवन एक्स सोसाइटियों के आसपास डस्ट फ्री जोन बनाने के लिए कहा था।
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-- -- -- कोट
सेक्टर में ग्रीन बेल्ट में अवैध अतिक्रमण है। ग्रीन बेल्ट की बाउंड्री भी क्षतिग्रस्त है। ग्रीनरी खत्म होती जा रही है। -रंजन सामंतराय, सेक्टर-78
सेवन एक्स इलाके में बढ़ती धूल की एनजीटी में शिकायत की थी। इसके बाद खास लगाई गई, जो नदारद है। -अमित गुप्ता, सेक्टर-77
सेक्टर की ग्रीन बेल्ट को सुधारने का काम प्राधिकरण ने शुरू किया है। यहां अतिक्रमण और गंदगी थी। -अनीता, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, सेक्टर-36
हमारी तरफ से गुजरने वाली ग्रीनबेल्ट में गंदगी का अंबार है। प्राधिकरण को इसे जल्द सही करवाना चाहिए। -सीमा नौटियाल, आरडब्ल्यूए उपाध्यक्ष, सेक्टर-122
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-पहले डस्ट फ्री जोन में सड़क किनारे दिखती थी घास, अब वहां सिर्फ मिट्टी
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की आबोहवा को शुद्ध रखने वाली ग्रीनरी खुद दुर्गंध में सांस लेने को मजबूर है। प्राधिकरण की ओर से ग्रीनरी बढ़ाने के किया गया प्रयास पांच साल में ही खोखला होने लगा। पांच साल पहले डस्ट फ्री जोन में सड़क किनारे जहां हरी घास दिखती थी, वहां आज सिर्फ मिट्टी है।
सेक्टर-116 और सेक्टर-112, 113 व 76 की मेन रोड से गुजरने वाली ग्रीन बेल्ट इन दिनों गंदगी और अतिक्रमण से जूझ रहीं हैं। इसका प्रमुख कारण बिजली या अन्य निजी टेली कम्यूनिकेशन कंपनियों की ओर से की जाने वाली खोदाई और कूड़ा फेंकने में बरती जाने वाली लापरवाही है। इसी तरह सेक्टर-36, 100, 107, प्रतीक एडिफिस सोसाइटी आदि की ग्रीन बेल्ट बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। इसको लेकर निवासियों ने एनजीटी से शिकायत की, जिसके बाद सेक्टर-77 में कुछ काम शुरू हो गया है।
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सेवन एक्स सोसाइटी में बना था डस्ट फ्री जोन
पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाले सेक्टर-77 निवासी अमित गुप्ता ने बताया कि उन्होंने घूल को लेकर 2017 में एनजीटी से शिकायत की थी। इसके बाद एनजीटी ने प्राधिकरण को सेवन एक्स सोसाइटियों के आसपास डस्ट फ्री जोन बनाने के लिए कहा था।
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सेक्टर में ग्रीन बेल्ट में अवैध अतिक्रमण है। ग्रीन बेल्ट की बाउंड्री भी क्षतिग्रस्त है। ग्रीनरी खत्म होती जा रही है। -रंजन सामंतराय, सेक्टर-78
सेवन एक्स इलाके में बढ़ती धूल की एनजीटी में शिकायत की थी। इसके बाद खास लगाई गई, जो नदारद है। -अमित गुप्ता, सेक्टर-77
सेक्टर की ग्रीन बेल्ट को सुधारने का काम प्राधिकरण ने शुरू किया है। यहां अतिक्रमण और गंदगी थी। -अनीता, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, सेक्टर-36
हमारी तरफ से गुजरने वाली ग्रीनबेल्ट में गंदगी का अंबार है। प्राधिकरण को इसे जल्द सही करवाना चाहिए। -सीमा नौटियाल, आरडब्ल्यूए उपाध्यक्ष, सेक्टर-122