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कोर्ट में किसने क्या कहा: 'केजरीवाल मुख्य षडयंत्रकारी, 100 नहीं 600 करोड़ का घोटाला'; पढ़ें बचाव दल की दलीलें

Fri, 22 Mar 2024 11:10 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 22 Mar 2024 11:10 PM IST
सार

केजरीवाल की और से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने रिमांड पर आपत्ति जताते हुए उनकी गिरफ्तारी को गलत बताया। अदालत रिमांड को एक रूटीन के रूप में न देखें, इसमें महत्वपूर्ण न्यायिक दिमाग लगाने की आवश्यकता है।

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ED tells court that Kejriwal is main conspirator of Delhi liquor scam solid evidence against him
राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किए गए केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को आबकारी नीति मामले का मुख्य षडयत्रकर्ता करार दिया। ईडी ने कहा वे एक पार्टी नहीं एक कंपनी की तरह चला रहे हैं। पार्टी को साउथ लाबी से 100 करोड़ नहीं बल्कि 600 करोड़ तक की रिश्वत मिली और उन्होंने गोवा चुनावों में रिश्वत की राशि का प्रयोग किया। गवाहों व आरोपियों के बयानों से इस तथ्य की पुष्टि हुई है और उनके पास ठोस साक्ष्य हैं। ईडी ने केजरीवाल का 10 दिन का रिमांड मांगते हुए यह तर्क रखा। वहीं दूसरी तरफ बचाव पक्ष ने पूरे मामले को राजनीति बताते हुए गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए रिमांड का विरोध किया।

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विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष ईडी की और पेश एएसजी एसवी राजू ने कहा कि आवकारी नीति को कुछ लोगों के पक्ष में बनाने में केजरीवाल की भूमिका के ठोस साक्ष्य है। वे मामले में मुख्य साजिशकर्ता हैं। उन्होंने कहा गवाहों के बयानों से स्पष्ट है कि चार चैनलों के जरिए गोवा में 45 करोड़ रुपये हवाला के जरिए भेजे गए और इसका प्रयोग चुनावों में किया गया। गोवा में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के बयानों से इस तथ्य की पुष्टि हुई है।

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उन्होंने कहा, जांच एजेंसी ने नौ बार केजरीवाल को समन जारी किए लेकिन वे हर बार उसकी अवज्ञा करते रहे। हाईकोर्ट ने साक्ष्यों को देखते हुए उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया। पार्टी को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेता के कविता से 100 करोड़ मिले थे। इसके अलावा नीति से लाभ पाने वालों से भी पार्टी को नगद राशि प्राप्त हुई।

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एएसजी राजू ने कहा कि इस मामले में विशाल इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को नष्ट करने का इतिहास है। बड़ी संख्या में फोन नष्ट किए गए हैं। उन्होंने कहा की अभियोजन मामले का परीक्षण किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने इसे बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी चीजों को परखा और मनीष सिसौदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया।

एएसजी ने कहा कि यह दिखाने के लिए ठोस सबूत हैं कि घोटाला और धोखाधड़ी हुई है। आम आदमी पार्टी को गोवा चुनाव के लिए फंड देने के लिए उत्पाद शुल्क नीति में बदलाव किया गया था। किसी व्यक्ति को उसकी व्यक्तिगत क्षमता में बुलाया जा सकता है, लेकिन जब आप उससे सवाल करते हैं तो आप एक अलग निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं। हमारा मामला यह है कि वह न केवल व्यक्तिगत रूप से बल्कि परोक्ष रूप से भी दोषी हैं। हम यह नहीं कह रहे हैं कि हमने आपको केवल परोक्ष दायित्व के कारण गिरफ्तार किया है। हमने उन्हें उनकी व्यक्तिगत क्षमता और परोक्ष रूप से गिरफ्तार किया। ईडी ने कहा, विजय नायर केजरीवाल व के कविता के लिए कार्य कर रहा था, बिचौलिए के तौर पर। विजय मुख्यमंत्री आवास के पास रहता था। वह मीडिया प्रभारी था।

एएसजी ने कहा केजरीवाल पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक हैं राष्ट्रीयस्तरीय पार्टी के लिए जिम्मेदार भी हैं पार्टी के पीछे उनका दिमाग है ऐसे में वह सभी मामलों के लिए जिम्मेदार हैं। केजरीवाल चुनाव के लिए गोवा-पंजाब के लिए फंडिंग चाहते थे। उनकी गिरफ्तारी में सभी कानूनों का पालन किया गया है वे सहयोग नहीं कर रहे। उनको अन्य आरोपियों के सामने-सामने पूछताछ करनी है। ऐसे में उनका 10 दिन का रिमांड स्वीकार किया जाए।

बचाव पक्ष
केजरीवाल की और से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने रिमांड पर आपत्ति जताते हुए उनकी गिरफ्तारी को गलत बताया। अदालत रिमांड को एक रूटीन के रूप में न देखें, इसमें महत्वपूर्ण न्यायिक दिमाग लगाने की आवश्यकता है। इसमें लोकतंत्र के बड़े मुद्दे शामिल हैं। बयानों के अलावा कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं है कि मैं केजरीवाल से मिला आदि, अगर लोगों को गिरफ्तार किया जाता है और माफ कर दिया जाता है तो वे निश्चित रूप से किसी का नाम लेंगे। केजरीवाल की पूरे मामले में कोई भूमिका नहीं है।

सिंघवी ने कहा कल दिल्ली हाई कोर्ट के सामने उन्होंने कहा कि हम केजरीवाल को उनकी निजी हैसियत से बुला रहे हैं, आज पार्टी को कंपनी आदि के रूप में संदर्भित करते हुए बहुत सारी सामग्री दी गई है। दिल्ली उच्च न्यायालय के 11 मई 2023 के आदेश में, राघव मगुंटा की जमानत याचिका में यह दर्ज है कि इस व्यक्ति की पत्नी ने आत्महत्या करने का प्रयास किया और अस्पताल में है, बयान जुलाई में दर्ज किया गया था और 10 अगस्त को मगुंटा ने पीठ दर्द की शिकायत की और ईडी ने ऐसा किया उसकी जमानत का विरोध नहीं करेंगे और इस आदमी को तीन अक्तूबर को माफ़ कर दिया गया। उन्होंने कहा ईडी किसी से भी बयान दर्ज करवा लेती है और उसे माफ कर देती है।

वहीं केजरीवाल की और से ही पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम चौधरी व रमेश गुप्ता ने इसे राजनीतिक मामला बताते हुए ईडी को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा ईडी को अपना मुखौटा उतारना चाहिए और हमें दिखाना चाहिए कि वे वास्तव में किसका प्रतिनिधित्व करते हैं।

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