{"_id":"295984b80d6ec1c122086839cc825713","slug":"e-rickshaw-made-life-hell-for-people-high-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"ई-रिक्शा के कारण लोगों का जीवन खतरे में: हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ई-रिक्शा के कारण लोगों का जीवन खतरे में: हाईकोर्ट
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 09 Jan 2014 11:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिना लाइसेंस और नंबर प्लेट के चल रही ई-रिक्शा के मामले पर दिल्ली सरकार और एमसीडी को हाईकोर्ट ने फटकार लगाई है।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश वीएन रामन और न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराज योग ने कहा कि यह काफी गंभीर मामला है कि सरकार का तर्क है कि रिक्शा को एमसीडी लाइसेंस देती है और वहीं उन पर नियंत्रण के लिए जिम्मेदार है। वहीं निगम ने कहा कि संचालन का काम सरकार का है। अदालत ने कहा, लोगों का जीवन खतरे में पड़ रहा है और दोनों ही एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।
अदालत ने फटकार लगाते हुए कहा आप लोग एक दूसरे पर जिम्मेदारी कैसे डाल सकते हैं। कोर्ट ने उन्हें दो सप्ताह में जिम्मेदारी तय कर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
विज्ञापन
अदालत ने रिक्शा का पंजीकरण व खतरनाक रूप से चलाने पर रोक लगाने के मुद्दे पर भी जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 19 फरवरी तय कर दी। खंडपीठ सामाजिक कार्यकर्ता शहनबाज हुसैन द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।
विज्ञापन