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ई-रिक्शा चालकों को बनवाना होगा लाइसेंस
बृजेश सिंह/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 07 Mar 2014 08:01 PM IST
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सड़क पर मनमाने तरीके से फर्राटा भर रहे बैटरी चालित ई-रिक्शा पर परिवहन विभाग ने लगाम कसने की तैयारी कर ली है।
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द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (टेरी) की रिपोर्ट के आधार पर परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा को मोटर व्हीकल (एमवी) एक्ट में शामिल करने की सार्वजनिक सूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही छह माह में ई-रिक्शा चालकों को लाइसेंस और पब्लिक सर्विस बैज बनवाने के लिए कहा है। ऐसा नहीं करने पर उनके ऊपर एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।
टेरी ने बीते साल परिवहन विभाग को एक रिपोर्ट दी थी। जिसमें कहा गया था कि एमवी एक्ट में सिर्फ बैटरी चालित 250 वाट तक क्षमता वाले ई-रिक्शा को इससे छूट है। मगर दिल्ली में सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा की क्षमता इससे कही ज्यादा 650 वाट तक है। इसी आधार पर टेरी ने दिल्ली में सड़क पर दौड़ रहे इन रिक्शा को एमवी एक्ट में शामिल करने के लिए कहा था।
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1 लाख बैटरी चालित रिक्श्ाा हैं दिल्ली में
परिवहन विभाग इसी रिपोर्ट के आधार पर सड़क पर मनमानी कर यातायात को नियमों की धज्जियां उड़ा रहे ई-रिक्शा चालकों को लेकर नई नीति बनाई है। इसके तहत 250 वाट से ज्यादा क्षमता वाले ई-रिक्शा चालकों को लाइसेंस बनवाना होगा। उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
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चालक को पब्लिक सर्विस बैज भी बनवाना होगा। इसमें सवारी वाले रिक्शा ही नहीं बल्कि बैटरी चालित हल्के व्यवसायिक वाहन भी शामिल है। दिल्ली की सड़कों पर करीब 1 लाख बैटरी चालित रिक्शा दौड़ रहे है।
250 वाट से कम क्षमता वाले को छूट
परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा निर्माताओं व डीलरों के लिए भी निर्देश जारी किया है। जिसके मुताबिक 250 वाट से कम क्षमता वाले रिक्शा को छूट तभी मिलेगी जब वह तय तिए गए परीक्षण एजेंसी द्वारा सर्टिफिकेट लाकर देंगे। इसके अलावा उसकी स्पीड 25 किलोमीटर प्रति घंटा से कम हो।
सर्टिफिकेट ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया पूणे, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम, देहरादून, इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टैक्नोलॉजी मानेसर और रक्षा मंत्रालय का व्हीकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टेब्लिशमेंट अहमदनगर से से सर्टिफाई होने पर ही मान्य होगा।