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आरक्षण पर अध्यादेश की मांग के लिए सड़क पर उतरेंगे डीयू शिक्षक, आज निकालेंगे मार्च निकालेंगे
Thu, 31 Jan 2019 06:01 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 31 Jan 2019 06:01 AM IST
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आरक्षण पर अध्यादेश की मांग के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक एक बार फिर सड़क पर उतरने जा रहे हैं। शिक्षक बृहस्पतिवार को मंडी हाउस से संसद मार्ग तक मार्च निकालेंगे। बाद में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, एचआरडी मंत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में जल्द अध्यादेश लाने की मांग की जाएगी। इस संबंध में दिल्ली यूनिवर्सिटी एससी, एसटी, ओबीसी टीचर्स फोरम की आपात बैठक हुई। इसमें शिक्षकों ने सरकार से आरक्षण पर कमेटी गठित करने की मांग फिर से दोहराई।
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बैठक की अध्यक्षता फोरम के महासचिव प्रो केपी सिंह ने की। उन्होंने कहा कि सरकार 5 मार्च के पत्र को गंभीरता से ले उसे वापिस कराने के लिए यूजीसी व केंद्र सरकार रिव्यू पटीशन डबल बैंच में डाले। उन्होंने कहा कि एसएलपी खारिज होने के बाद देशभर की यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट वाइज रोस्टर को लागू करने के लिए तैयार है। यदि यह लागू होता है तो तदर्थ व अतिथि शिक्षक सिस्टम से बाहर हो जाएंगे।
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बैठक में पहुंचे शिक्षकों का कहना था कि फोरम एमएचआरडी, एससी एसटी कल्याण संसदीय समिति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, विधि मंत्रालय और आदिवासी मंत्रालय पर दबाव बनाएं। जिससे कि संवैधानिक आरक्षण उच्च शिक्षा में नियमित रूप से लागू किया जा सके। फोरम केचेयरमैन प्रो हंसराज ने कहा कि पहले यूजीसी का 5 मार्च का पत्र और अब सरकार की एसएलपी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज कर देने से शिक्षकों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
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