डीयू के छात्रों ने आरबीआई गवर्नर से की मदद की मांग
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डीयू में लॉ के छात्रों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर रघुराम राजन से एक गुहार लगाई है। असल में आरबीआई एक समर इटंर्नशिप का विशेष ट्रेनिंग कोर्स चलाता है जिसे केवल पांच वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएशन लॉ कोर्स वाले छात्र ही कर सकते हैं।
बता दें कि डीयू में एकीकृत पांच वर्षीय लॉ कोर्स नही है। यहां तीन वर्षीय लॉ में बैचर्ल डीग्री मिलती है जिसे एलएलबी कहते हैं। इसके बाद यदि चाहें तो दो वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स यानि एलएलएम भी कर सकते हैं।
रिजर्व बैंक में इटंर्नशिप या ट्रेनिंग का फायदा वही छात्र उठा सकते हैं जिन्होंने मैनेजमेंट के इन विषयों में पांच वर्षीय पीजी कोर्स किया हो। इनमें इकॉनमिक्स, इकॉनोमैट्रिक्स, बैकिंग और फाइनेंस जैसे पांच वर्षीय कोर्स शामिल हैं।
क्यों हो रहा भेदभाव
डीयू के छात्रों को डर है कि अगर आरबीआई ने पांच वर्षीय कोर्स की अनिवार्यता को खत्म नहीं किया तो दिल्ली यूनिवर्सिटी के किसी भी छात्र को वहां इंटर्नशिप करने का मौका नहीं मिलेगा।
छात्रों की मांग है कि तीन वर्षीय लॉ के कोर्स को भी कानूनी मान्यता प्राप्त है ऐसे में इतने बढ़े अवसर से उन्हें वंचित करना भेदभावपूर्ण है।