DU Admission: SOL में प्रवेश के लिए ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया आज से होगी शुरू, यह है एडमिशन का क्राइटेरिया
बीते साल की तरह ही दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। छात्रों को फीस का भुगतान भी ऑनलाइन ही करना है। पुराने कोर्सेज में छात्र महज बारहवीं में पास होने (33 फीसदी अंक) पर भी एसओएल में दाखिला ले सकेंगे।
विस्तार
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों का इंतजार खत्म हो गया है। एसओएल केअंतर्गत चलने वाले पुराने स्नात्तक कोर्सेज व दूरस्थ और सतत शिक्षा विभाग के तहत शुरू किए गए नए कोर्सेज में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आज (पांच अक्तूबर) से शुरु होने जा रही है। वहीं एमबीए में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया सात अक्तूबर से शुरू होगी। स्नात्तक कोर्सेज में दाखिले बारहवीं के स्कोर के आधार पर होंगे। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट के स्कोर को आधार नहीं बनाया जाएगा।
बीते साल की तरह ही दाखिला प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। छात्रों को फीस का भुगतान भी ऑनलाइन ही करना है। पुराने कोर्सेज में छात्र महज बारहवीं में पास होने (33 फीसदी अंक) पर भी एसओएल में दाखिला ले सकेंगे। इनमें बीए प्रोग्राम, बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स, बीए ऑनर्स अंग्रेजी, बीए ऑनर्स राजनीतिशास्त्र शामिल हैं। जबकि इस साल शुरु किए जा रहे बीए ऑनर्स इकोनॉमिक्स, बीबीए (फाइनेंशियल इन्वेसटमेंट एनॉलिसिस, बीएमएस (बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडी), बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंर्फोमेशन साइंस (बीएलआईएससी) में शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग है।
यह है दाखिले का क्राइटेरिया
बीबीए-एफआईए में दाखिले के लिए बारहवीं में न्यूनतम 65 फीसदी और गणित में 60 फीसदी अंक जरूरी हैं। जबकि बीएमएस में दाखले के लिए बारहवीं में 60 फीसदी और गणित में भी 60 फीसदी अंक की अनिवार्यता है। बीए ऑनर्स इकोनॉमिक्स के लिए बारहवीं में 60 फीसदी अंक और गणित पढ़ा होना जरूरी है। बीएलआईएससी के लिए स्नात्तक और एमएलआईएस के लिए बीएलआईएएस में कम से कम 50 फीसदी अंक जरूरी है।
एमबीए के दाखिले का आधार
स्नात्तक में कम से कम 50 फीसदी अंक जरूरी है। एमबीए के लिए तीन श्रेणी हैं। बारहवीं के अंकों को 80 फीसदी वेजेट और 20 फीसदी काम के अनुभव के लिए दिए जाएंगे। हेल्थसेक्टर में जाने के इच्छुक छात्र के लिए दो साल का काम का अनुभव जरूरी होगा। भारत सरकार के ग्रुप ए अधिकारी जिन्हें कॉपर्रेट सेक्टर, हॉस्पिटैलिटी या अपने काम का अनुभव है।