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केजरीवाल के खिलाफ धरने पर 'आम आदमी'

Wed, 29 Jan 2014 03:04 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 29 Jan 2014 03:04 PM IST
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dtc bus strike against kejriwal government

दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार बने एक महीने का वक्त बीत चुका है। पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल कुछ वादे पूरे हुए तो कुछ के लिए प्रयास जारी है।

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लेकिन अनशन को सबसे बड़ी ताकत मानने वाले केजरीवाल के खिलाफ अब दिल्ली की जनता अनशन पर बैठने लगी है। पहले सचिवालय पर अतिथि शिक्षकों का धरना और अब डीटीसी कर्मचारियों की हड़ताल।
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दिल्ली में कांट्रैक्ट ड्राइवर और कंडेक्टर नियमित करने की मांग को लेकर मिलेनियम डिपो के बाहर मुख्यमंत्री और डीटीसी प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाते रहे तो सड़कों पर जनता बसों के इंतजार में घंटों परेशान होती रही। बस स्टॉप से लेकर मेट्रो स्टेशन के बाहर यात्रियों की लंबी लाइनें दिखीं।

डीटीसी के कांट्रैक्टकर्मियों के हड़ताल के दूसरे दिन ऐसे ही नजारा देखने को मिला। मंगलवार को लगभग तीन हजार बसें डिपो में ही रहीं। पुरानी और लो फ्लोर की महज 1800 बसें ही सड़कों पर उतरीं। दूसरे दिन डीटीसी के सभी कांट्रैक्ट कर्मी हड़ताल में शामिल हो गए।

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हालांकि यात्रियों को डिम्ट्स की नारंगी बसों ने राहत दी। मेट्रो वाले इलाकों में यात्रियों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन अन्य रूट पर लोग सुबह से रात तक बेहाल रहे।


परीक्षा की बात पर भड़के कर्मी
हड़ताली कर्मियों के अनुसार ‘आप’ ने चुनावी घोषणापत्र में जीत के तुरंत बाद नियमित करने का वादा किया था, लेकिन मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर 11 जनवरी को एक कमेटी गठित कर दी। कर्मचारियों ने बताया कि कमेटी ने रिपोर्ट में लिखा है कि दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) के नियम के तहत लिखित परीक्षा के बाद इसको नियमित किया जाना चाहिए।

कर्मचारियों का कहना है कि हम वर्षों से बस चला रहे हैं और अब परीक्षा पास करना अधिकतर के लिए मुश्किल हो जाएगा। यदि इस नियम के तहत नियमित करने की प्रक्रिया होगी तो करीब 90 फीसदी कांट्रैक्ट कर्मचारी बाहर हो जाएंगे। हम एक महीना इंतजार भी कर लेते, लेकिन सरकार बचेगी या गिरेगी, इस पर संदेह है।

हड़ताली कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को लौटाया
दिल्ली मुख्यमंत्री केजरीवाल, परिवहन मंत्री सौरभ भारद्वाज और डीटीसी चेयरमैन देवाश्री बनर्जी के साथ मिलेनियम डिपो के बाहर हड़ताल खत्म करवाने पहुंचे। उन्होंने जनता की परेशानी का हवाला देकर हड़ताल खत्म करने की अपील की, लेकिन मंच से कर्मियों ने जवाब दिया कि पहले हमें नियमित किया जाए। उसके बाद ही हड़ताल खत्म होगी।

कर्मचारियों और केजरीवाल टीम के बीच 20 से 25 मिनट तक बात हुई, लेकिन नतीजा सिफर निकला। कर्मचारी अशोक कुमार के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने अपने वादों से पलटते हुए नियमित करने की मांग पर फैसला कमेटी पर छोड़ दिया है। इसके अलावा वे अप्रैल तक का समय मांग रहे हैं। जबकि हमें पता है कि लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लागू हो जाएगी। मुख्यमंत्री के जवाब से हम संतुष्ट नहीं थे, इसलिए हमने उनकी मांग को ठुकरा दिया।

30 को सचिवालय घेरेगी यूनियन
डीटीसी एंड क्लस्टर कंडक्टर-ड्राइवर एसोसिएशन के अध्यक्ष सीबी गोला ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने कर्मियों को नियमित नहीं किया तो वे 30 जनवरी को सचिवालय को घेराव करते हुए सड़कों पर बसों का चक्का जाम करेंगे।

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