Gurdwara Election Results: गुरुद्वारा चुनाव में बादल गुट ने लगाई जीत की हैट्रिक, 46 में से 27 वार्ड में लहराया परचम
बादल गुट ने 46 में से 27 वार्डों में जीत का परचम लहराया। सरना गुट दूसरे स्थान पर रही। इस पार्टी ने 14 वार्ड में जीत दर्ज की। वहीं, बादल गुट से टूट कर बनी जागो पार्टी के तीन सदस्यों ने जीत हासिल की।
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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की बागडोर एक बार फिर दिल्ली शिरोमणी अकाली दल बादल गुट के हाथ में होगी। लगातार तीसरी बार बादल गुट ने प्रबंधक कमेटी चुनाव में बहुमत हासिल की है। हालांकि, चुनाव में बादल गुट के कद्दावर नेता व प्रबंधक कमेटी के प्रधान मनजिंदर सिंह सिरसा पंजाबी बाग वार्ड से चुनाव हार गए। सिरसा को चुनावी शिकस्त शिरोमणी अकाली दल दिल्ली (सरना गुट) के हरविंदर सिंह सरना ने दी है।
सिरसा के अलावा सरना गुट के त्रिनगर से उम्मीदवार गुरमीत सिंह शंटी भी चुनाव हार गए। इसी तरह कुलवंत सिंह बाठ भी अपने प्रतिद्वंद्वी से हार गए। उधर, बादल गुट से ही टूट कर बनी जागो पार्टी की शर्मनाक हार हुई है, लेकिन इस पार्टी के प्रधान व प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान मनजीत सिंह जीके ग्रेटर कैलाश से जीत गए हैं। जागो पार्टी को कुल तीन वार्ड में जीत हासिल हुई है।
बादल गुट को बहुमत, 27 वार्ड में जीत
बादल गुट ने कुल 46 वार्ड के चुनाव में 27 वार्ड में जीत हासिल की है। इस तरह से अकाली दल प्रबंधक कमेटी चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाई है। बादल गुट को कुल 40.07 प्रतिशत वोट मिले। बादल गुट के मुख्य प्रतिद्वंद्वी सरना गुट के खाते में 14 सीटें गई है। सरना गुट को कुल 27.79 प्रतिशत वोट मिला है।
जग आसरा गुरु ओट पार्टी के खाते में तीन सीट गई है। इस पार्टी को कुल 15.72 प्रतिशत वोट मिला है। इसके अलावा पंथक अकाली लहर को एक सीट मिली है और इस पार्टी को कुल मत 0.23 प्रतिशत मिला। एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी तरविंदर सिंह मारवा ने जीती है।
सत्ता में वापसी के बाद भी बादल गुट के प्रधान को शिकस्त मिली है। पंजाबी बाग वार्ड ने मनजिंदर सिंह सिरसा चुनाव हार गए। इस वार्ड से प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान हरविंदर सिंह सरना छह सौ से अधिक वोट से जीत दर्ज किए। एक निर्दलीय प्रत्याशी भी जीत कर प्रबंधक कमेटी सदन में पहुंचने में कामयाबी हासिल की है।
मजबूत विपक्ष का नेता इस बार मिलेगा कमेटी को
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को इस बार मजबूत विपक्ष मिलेगा। चुनाव में दो पूर्व अध्यक्ष भी जीत कर सदन में पहुंचेंगे। इनमें मुख्य रूप से प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान हरविंदर सिंह सरना व मनजीत सिंह जीके शामिल है। बहुमत बादल गुट के पक्ष में है। लिहाजा बादल गुट मजबूती के साथ प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने के लिए स्वतंत्र होगी। दिल्ली के रकाबगंज और बंगला साहिब गुरुद्वारे के अलावा अन्य कई धर्मस्थलों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों का भी प्रबंधन प्रबंधक कमेटी करती है।
दिल्ली की सिख संगत की जीत है: सिरसा
मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रबंधक कमेटी जीत के लिए दिल्ली की संगत को धन्यवाद दिया है। कहा है दो साल की मानवता की सेवा का परिणाम आया है। महामारी में विश्व ने भी जाना कि सिख संगत मानवता के लिए काम करने वाली संगत है। सरकार की कोशिश के बावजूद हराने में विफल दिल्ली के संगतों ने किया है।
पुलिस प्रशासन ने भी पूरी कोशिश की थी। कई वार्ड का परिसिमन कर दिया गया। 450 वोट इस तरह से रिजेक्ट मतगणनना के दौरान कर दिया गया। परिसिमन की वजह से लोग दुविधा में रह गए। सीधे तौ पर तो नहीं लेकिन अपनी चुनावी हार का ठिकरा उन्होंने चुनाव निदेशालय पर फोड़ा।
सिरसा ने मीडिया से बातचीत में साफ किया है कि हर तरह का जवाब दिल्ली की जनता ने दे दिया है। चुनाव रोकने का प्रयास करने वालों को भी बाहर कर दिया है। मानवता व सिखी के प्रचार के लिए की गई सेवा के हक में जीताने के लिए संगत का धन्यवाद किया। उन्होने अकाली दल से लाभ लेकर भागकर अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने वाले अवसरवादियों को सबक सीखाने के लिए संगत का धन्यवाद किया। कहा कि सभी का मुकम्मल सफाया हो गया है।