स्यूडोफ्रेड्रिन ड्रग्स पकड़े जाने का मामला: इस वजह से देश-विदेश में है बड़ी मांग, मास्टरमाइंड फरार
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स्यूडोफ्रेडिन ड्रग्स का बेहद कम मात्रा में इस्तेमाल सर्दी-झुकाम आदि इंफेक्शन की दवा बनाने में होता है लेकिन इसका अधिक मात्रा में प्रयोग कुछ अन्य केमिकल मिलाकर सेक्स उत्तेजना के लिए ड्रग्स तैयार की जाती है। यही कारण है कि इस ड्रग्स की देश विदेश में अत्याधिक डिमांड है और इसकी कालाबाजारी होती है। वहीं, सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एनसीबी (नार्कोटिक कंट्रोल ब्यूरो) के हत्थे चढ़े तीनों आरोपी इस गोरखधंधे की कड़ी का बीच का हिस्सा हैं। इन्हें इतनी बड़ी मात्रा में स्यूडोफ्रेडिन व इसमें मिलाने के लिए अन्य केमिकल उपलब्ध कराने वाला मास्टर माइंड व उसके गुर्गे अभी भी फरार हैं। हालांकि उन्हें चिहिन्त कर गिरफ्तारी का प्रयास शुरू कर दिया गया है।
एनसीबी के अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए तीनों आरोपियों से उन्होंने ड्रग्स के गोरखधंधे के संबंध में गहन पूछताछ की है। पकड़े गए आरोपी इस गोरखधंधे के बीच की कड़ी हैं। इन लोगों का काम अपने मकान में स्यूडोफेड्रिन व अन्य कैमिकल मिलाकर ड्रग्स तैयार करना था। इसके अलावा ये विदेशों में ड्रग्स भेजने या भिजवाने के लिए अन्य लोगों को गिरोह में शामिल करने में भी मदद करना था। आरोपियों को टीम से पूछताछ में इसकी ठोस जानकारी नहीं मिली है कि स्यूडोफेड्रिन की इतनी बड़ी खेप उन तक कहां से लाकर पहुंचाई जाती थी। हालांकि अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं कि या तो किसी दवा फैक्ट्री या फिर उनसे जुड़े डिस्ट्रीब्यूटर आदि से आरोपियों की सांठ-गांठ रही है। इन आरोपियों का पता लगाने के लिए टीम गिरोह के मास्टर माइंड को तलाश रही है। मास्टर माइंड का नाम आरोपियों से पूछताछ में टीम को पता चल गया है वह भी नाइजीरियन ही है।
रेव पार्टी के आयोजकों को उपलब्ध कराते हैं ड्रग्स
एनसीबी टीम की पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों ने शुरूआत में छोटे स्तर पर नशे का गोरखधंधा शुरू किया था। बाद में आरोपियों का रेव पार्टियों के आयोजकों से संपर्क हो गया। इसके बाद आरोपियों ने नशे की बड़ी खेप तैयार करने के अलावा तस्करी का स्तर भी बढ़ा लिया। रेव पार्टियों के लिए ये नशे के अलावा उत्तेजना बढ़ाने वाला ड्रग्स भी आपूर्ति करते हैं।
स्थानीय स्तर पर भी फैला है जाल
टीम के एक अधिकारी के मुताबिक, आरोपियों के तार पूरे एनसीआर से जुड़े हुए हैं। ये नशे और उत्तेजना से जुड़े ड्रग्स तैयार कर एनसीआर में भी आपूर्ति करते हैं। वहीं, विदेशों तक आपूर्ति करने वाले गिरोह के गुर्गे एनसीआर में विभिन्न स्थानों पर रहते हैं। टीम ने ग्रेटर नोएडा के शिक्षण संस्थानों तक भी इनका जाल फैले होने से इंकार नहीं किया है।
विदेश भेजने के लिए टिकट के साथ देते हैं मोटी रकम
टीम को ये भी पता चला है कि गोरखधंधे का मास्टर माइंड व अन्य मुख्यारोपी ड्रग्स विदेश भेजने के लिए अन्य लोगों की मदद लेते हैं। ये भी अधिकांश अफ्रीकी मूल या फिर नाइजीरियाई के ही नागरिक बताए गए हैं। इनमें कई ग्रेटर नोएडा में रह रहे हैं और कुछ एनसीआर के अन्य हिस्सों में रहते हैं। इन लोगों को गिरोह न केवल उनके घर या विदेश में जाने के लिए टिकट उपलब्ध कराता है बल्कि इसके लिए मोटी रकम भी देता है। पकड़ी गई महिला आरोपी ने टीम को बताया था कि उसे 24 किलो से अधिक ड्रग्स ले जाने के लिए दो लाख रुपये मिलने वाले थे।
माधव सिंह, जोनल डायरेक्टर, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने बताया कि, अभी गिरोह का मास्टर माइंड फरार है। इसके अलावा भी कुछ अन्य लोगों को चिहिन्त कर लिया गया है। मास्टर माइंड की गिरफ्तारी के बाद ये पता लगा लिया जाएगा कि स्यूडोफेड्रिन की इतनी बड़ी खेप आरोपियों तक कैसे पहुंच रही थी। स्यूडोफेड्रिन में अन्य केमिकल मिलाकर नशे के अलावा सेक्स उत्तेजना बढ़ाने का भी ड्रग्स तैयार किया जाता है।