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अमर उजाला एक्सक्लूसिव : अस्पतालों पर नियंत्रण के लिए बने ड्राफ्ट में नहीं होगा बदलाव

Fri, 22 Jun 2018 09:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Fri, 22 Jun 2018 09:35 AM IST
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Draft to control hospitals will not change
kejriwal iftar party - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली सरकार ने निजी अस्पतालों को करारा झटका दिया है। सरकार ने किसी भी सूरत में अस्पतालों की मनमानी रोकने वाले नए नियमों से समझौता नहीं करने का फैसला लिया है।

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बीते दिनों अस्पतालों पर नियंत्रण के लिए सरकार ने ड्राफ्ट तैयार किया। इसके बाद निजी अस्पतालों ने अलग-अलग तर्क देते हुए इसे सरकार की मनमानी बताया। लेकिन सरकार की मानें तो दिल्ली में मरीजों को पीड़ित नहीं होने दिया जाएगा। यही वजह है कि निजी अस्पतालों से आईं आपत्तियों पर सरकार ने विचार नहीं करने का निर्णय लिया है।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग जरूरी प्रतिक्रियाओं को ही ड्राफ्ट में शामिल करेगी। इतना ही नहीं, सरकार ने ड्राफ्ट को लेकर समय भी निर्धारित कर दिया है।
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बताया जा रहा है कि जुलाई माह के अंत में सभी निजी अस्पताल और नर्सिंग होम इन नियमों के दायरे में आएंगे। इसके बाद दवाओं से लेकर मेडिकल जांच तक पर मरीजों से लूटमार में कमी आने की उम्मीद है। 

भर्ती होने के छह घंटे के भीतर मौत होने पर देनी होगी छूट

Draft to control hospitals will not change
सतेंद्र जैन की तबीयत बिगड़ी

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से निजी अस्पतालों का दबाव बढ़ा है। अस्पतालों ने इन नियमों में बदलाव करने की मांग की है। साथ ही कुछ तर्क भी दिए हैं।

दिल्ली के एक बड़े अस्पताल ने तो जवाब में अपनी पूरी ऑडिट शीट भेजी है। इसमें लिखा है कि अगर ड्राफ्ट लागू होता है तो उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान होगा। जबकि अधिकारी का कहना है कि जिन अस्पतालों में मरीजों के साथ सही बर्ताव होता है, उन्हें इस ड्राफ्ट से कोई आपत्ति नहीं है।      

अधिकारी ने बताया कि नए ड्राफ्ट में एक नियम है कि अगर कोई मरीज किसी अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचता है और उसके छह घंटे के भीतर उसकी मृत्यु होती है तो अस्पताल को 50 फीसदी राहत बिल में तत्काल देनी होगी।

इतना ही नहीं, अगर भर्ती होने के 24 घंटे के भीतर मृत्यु होने पर 20 फीसदी की छूट देनी होगी। इस नियम को निजी अस्पतालों ने हटाने की मांग की है। जबकि सरकार ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार अगले महीने तक नए नियमों को लागू कर देगी।       

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