मौत के मंजर के बीच उम्मीद बन कर आया 'डॉन'
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आपदा में राहत एवं बचाव कार्य में गाजियाबाद एनडीआरएफ की आठवीं बटालियन के जवानों के साथ ही उनका डॉग स्क्वॉयड भी मलबे में फंसे लोगों की जिंदगी बचाने का काम कर रहा है।
डॉग स्क्वॉयड में शामिल डॉन, कालू, गोलू, तनु और टीना अब तक 20 लोगों की जिंदगियां बचा चुके हैं। 50 से ज्यादा लोगों की लाशें भी उन्होंने मलबे से तलाश कर ली हैं।
एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट वीके डेवड़ा ने बताया कि कमांडेंट पीके श्रीवास्तव के नेतृत्व में सभी टीमें रेस्क्यू कर रही हैं। शनिवार शाम से ही एनडीआरएफ जवान रेस्क्यू कार्य में जुटे हैं।
रविवार को भी एनडीआरएफ जवानों की टीम हिंडन एयर स्टेशन और पालम हवाई अड्डे से नेपाल के लिए रवाना हो गए। अब तक एनडीआरएफ के 283 जवान काठमांडू पहुंच राहत कार्य में लग गए है।
काठमांडू में नही लैंड कर सकीं एनडीआरएफ
रेस्क्यू के लिए रविवार को रवाना हुई एनडीआरएफ जवानों टीम एक बारगी काठमांडू के ऊपर ही चक्कर लगाकर वापस लौट आए।
एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट वीके डेवड़ा ने बताया कि रात में ही सभी जवानों को दिल्ली के पालम एयरपोर्ट से भेज दिया गया। दोपहर इन जवानों को विमान से 12:30 बजे काठमांडू के लिए रवाना किया गया।
भूकंप के झटके महसूस होने के कारण विमान काठमांडू में लैंड नही कर सका। इसके बाद वापस पालम एयर पोर्ट पर आ गया। 2:30 बजे विमान जवानों को लेकर दोबारा काठमांडू के लिए रवाना हुआ।