Greater Noida: कुत्ते को मजल लगाकर निकलना होगा बाहर, टीकाकरण अभियान चलाने के भी निर्देश, जानिए नए दिशा-निर्देश
दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्येक सोसाइटी के कुत्तों के क्षेत्र के अनुसार परिसर के भीतर कुत्ते को खिलाने के स्थान होने चाहिए। एक से अधिक फिडिंग पॉइंट बेहतर है।
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कुत्तों को लेकर आए दिन हो रहे बवाल को देखते हुए आखिरकार जिला प्रशासन को ही सख्त कदम उठाने पड़े हैं। इन विवाद को खत्म करने के लिए एबीसी नियमों और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम-1960 के प्रावधानों को सख्ती से लागू कराया जाएगा। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा, नोएडा या यमुना प्राधिकरण समेत नगर पंचायत क्षेत्रों में इसका पालन कराया जाएगा। इसमें पालतू कुत्ते को सार्वजनिक स्थान पर ले जाने के दौरान मजल का प्रयोग करना और सुनसान स्थान पर सोसाइटी में एक या एक से अधिक फूड प्वाइंट बनाने के निर्देश दिए हैं।
फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स के डिप्टी रजिस्ट्रार ऋषभ कुमार अग्रवाल ने बताया कि एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के द्वारा कुत्तों व अन्य जानवरों के संबंध में जो गाइडलाइन जारी की गई है, उससे सभी निकायों और गैर सरकारी संगठनों को अवगत करा दिया गया है। जिलाधिकारी द्वारा भी बीते साल 12 सितंबर को जानवरों के खिलाफ क्रूरता को रोकने के संबंध में एडवाइजरी जारी की गई थी। जिसमें एबीसी नियम- 2023 और विभिन्न न्यायालयों के आदेश के अनुसार यह निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक सोसाइटी के कुत्तों के क्षेत्र के अनुसार परिसर के भीतर कुत्ते को खिलाने के स्थान होने चाहिए। एक से अधिक फिडिंग पॉइंट बेहतर है।
इन साइटों का चयन कर एओए द्वारा सोसाइटी के अंदर कम आबादी वाले क्षेत्रों में स्थानीय फीडरों के परामर्श से किया जाना है। सभी एओए द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि एबीसी नियमों और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम-1960 के प्रावधानों का सख्ती से पालन किया जाए और अधिकारियों और पशुपालन विभाग द्वारा संचालित सहयोग के लिए आवश्यक कदम उठाए जाए। साथ ही टीकाकरण अभियान और नसबंदी कार्यक्रम चलाया जाए। इसमें पालतू जानवर को सार्वजनिक स्थान पर ले जाने के दौरान मजल का प्रयोग करना भी जरूरी बताया गया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
एबीसी और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम को सख्ती से पालन कराया जाए। इसके अलावा प्राधिकरण अपने-अपने क्षेत्रों में योजना का क्रियान्वयन कर सकते हैं। -मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी