GB पंत अस्पताल के डॉक्टर निकले ढीठ, नहीं माने हाई कोर्ट के आदेश
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लोकनायक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही एक बच्ची का तत्काल उपचार करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश जारी किया, लेकिन अगले ही दिन जब परिजन कोर्ट का आदेश लेकर डॉक्टरों के पास पहुंचे तो उन्होंने उसे अस्वीकार कर दिया।
साथ ही इलाज किसी दूसरे अस्पताल में करवाने के लिए कहा। इस पर परिजन वापस कोर्ट पहुंचे, जहां से दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को डॉक्टरों की इस हरकत की शिकायत करते हुए कोर्ट की अवमानना का हवाला दिया है।
बता दें कि कुछ दिन से लोकनायक अस्पताल में 11 वर्षीय जासमीन एक गंभीर बीमारी से पीड़ित है। चूंकि अस्पताल में ह्दय रोग विशेषज्ञ नहीं है। इसलिए बच्ची को जीबी पंत सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए रैफर किया गया।
यहां पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने मरीज का उपचार करने से इंकार करते हुए कहा कि बेड उपलब्ध नहीं होने की वजह से मरीज को भर्ती नहीं किया जा सकता। इसके बाद परिजन अपनी बेटी के इलाज के लिए दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे, जहां 30 अक्तूबर को कोर्ट ने तत्काल बच्ची का इलाज शुरू करने का आदेश दिया।
प्रबंधन ने साधी चुप्पी
बहरहाल, कोर्ट के आदेश के बाद भी जासमीन को उपचार न मिलने की वजह जानने के लिए जब अस्पताल प्रबंधन से संपर्क किया गया तो अधिकारियों ने किसी भी तरह का जवाब देने से इंकार कर दिया।
हालांकि इस बीच एक अधिकारी ने बताया कि जासमीन की भांति और भी मरीज हैं, जिन्हें तत्काल ऑपरेशन चाहिए। लेकिन अस्पताल के पास पर्याप्त बजट न होने की वजह से इन मरीजों का ऑपरेशन तत्काल नहीं किया जा सकता।