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कभी भी जा सकता है आपका मोबाइल नेटवर्क

Sun, 22 Mar 2015 01:02 PM IST
Updated Sun, 22 Mar 2015 01:02 PM IST
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Do not be surprised if mobile network gone

नोएडा शहर के मोबाइल नेटवर्क सिस्टम पर खतरा मंडराने लगा है। कभी भी आपके मोबाइल का नेटवर्क गायब हो सकता है। नोएडा प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद लोगों ने घरों के ऊपर लगे टावरों के बिजली कनेक्शन काटने शुरू कर दिए हैं।

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वहीं, रेजिडेंट्स टावर एसोसिएशन ने नोएडा प्राधिकरण की तरफ से लिखित आश्वासन मिलने तक टावरों के कनेक्शन न जोड़ने का फैसला लिया है।

रेजिडेंट्स टावर एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश बत्रा ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण की तरफ से मोबाइल टावर न हटाने पर मकानों की लीज डीड रद्द करने के नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अब तक चार लोगों को नोटिस मिल चुके हैं जबकि एक की लीज डीड रद्द कर दी गई है।
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भवन मालिकों में मचा है हड़कंप

Do not be surprised if mobile network gone

प्राधिकरण की कार्रवाई से उन भवन मालिकों में हड़कंप है, जिनकी छतों पर टावर लगे हुए हैं। ऐसे में लोगों ने खुद ही इनके बिजली कनेक्शन काटने शुरू कर दिए हैं। करीब 100 टावरों के कनेक्शन लोगों ने काट दिए हैं। टावरों में लगे बैटरी बैकअप से नेटवर्क की सुविधा फिलहाल मिल रही है, लेकिन रविवार तक बैकअप खत्म हो सकता है। इसके बाद टावर ठप हो जाएंगे।


शहर की इमारतों पर कुल 572 मोबाइल टावर लगे हुए हैं। इनमें से 350 मोबाइल टावर सघन आबादी वाले क्षेत्र में लगे हुए हैं। आवासीय क्षेत्रों में नेटवर्क सेवा ठप हुई तो नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने शनिवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए स्पष्ट कर दिया कि जब तक प्राधिकरण लिखित आश्वासन नहीं देगा, तब तक टावर चालू नहीं किए जाएंगे। हालांकि, प्राधिकरण चेयरमैन रमा रमण ने इस मामले में लोगों को सहूलियत को ध्यान में रख कोई कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

क्यों हो रही यह कार्रवाई

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नोएडा प्राधिकरण ने मोबाइल टावर मामले में 18 मार्च को बैठक बुलाई थी, जिसमें एक सप्ताह का समय आपत्तियां दर्ज कराने और सुझाव देने के लिए टावर ऑपरेटरों और संचार कंपनियों को दिया गया था। इस बीच टावरों पर कार्रवाई न करने के निर्देश अधिकारियों की तरफ से दिए गए थे। ऐसे में नोटिस जारी करने की कार्रवाई को एसोसिएशन गलत ठहरा रही है।

एसोसिएशन के मुताबिक, प्राधिकरण के नोटिस पर 12 मार्च की तारीख लिखी हुई है जबकि स्पीड पोस्ट से शहर के अंदर नोटिस एक दिन में ही पहुंच जाना चाहिए था। 20 मार्च की शाम लोगों को नोटिस मिले हैं। शनिवार और रविवार की छुट्टी होने के कारण लोग अपना जवाब दाखिल नहीं कर सके। ऐसे में समयसीमा खत्म होने पर नोटिस के मुताबिक लीज रद्द मानी जा सकती है।

टावरों से निकलने वाली खतरनाक विकिरणों से बचाव के लिए इन्हें हटाने की बड़ी जरूरत समझी जा रही थी। इससे संबंधित नई नीति को प्राधिकरण ने 180वीं बोर्ड बैठक में मंजूरी भी दी थी। नई नीति को 24 जनवरी से लागू करते हुए प्राधिकरण ने एक महीने के अंदर टावरों को शिफ्ट करने का समय कंपनियों को दिया था, लेकिन एक भी टावर नहीं हटाया गया। प्राधिकरण ने इसके बाद नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी।

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