दिल्ली में 50 फीसदी गिरी डीजल बिक्री, 22 को सुबह 6 बजे से पंपों की हड़ताल, सीएनजी भी नहीं मिलेगी
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हाल ही में केंद्र सरकार ने डीजल और पेट्रोल की कीमतों में छूट देने के बाद राज्यों से वैट में छूट देने को कहा था। दिल्ली सरकार ने वैट में छूट नहीं दी। इसके कारण एनसीआर में पेट्रो पदार्थों के दाम दिल्ली से कम हो गए। इसके बाद दिल्ली में डीजल बिक्री 50 फीसदी और पेट्रोल बिक्री 25 फीसदी घट गई। इससे परेशान पेट्रोल पंप मालिकों ने एक दिन की हड़ताल करके विरोध जताने का निर्णय लिया है। 22 अक्तूबर को सुबह 6 बजे से 23 अक्तूबर की सुबह 5 बजे तक दिल्ली के सभी पेट्रोल पंप बंद रहेंगे। इसके अलावा, दिल्ली में 24 घंटे तक सीएनजी भी नहीं मिलेगी।
केंद्र की पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर प्रति लीटर ढाई रुपये की छूट के बाद यूपी और हरियाणा ने वैट में ढाई-ढाई रुपये की अतिरिक्त छूट दे दी। इन राज्यों में दिल्ली से सस्ता पेट्रोल और डीजल मिलने लगा। इसका फायदा दिल्ली के लोगों ने भी उठाया। नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुड़गांव, बहादुरगढ़, वल्लभगढ़ इत्यादि क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई। इसका सीधा घाटा दिल्ली के पेट्रोल पंप मालिकों को हुआ। बुधवार को उपराज्यपाल को लिखे पत्र में एसोसिएशन ने हड़ताल की सूचना देते हुए मांग रखी है कि दिल्ली में पेट्रोल-डीजल पर वैट तत्काल कम किया जाए। एसोसिएशन का दावा है कि दिल्ली के 400 पेट्रोल पंप इससे प्रभावित हैं।
सस्ते तेल से पर्यावरण को भी नुकसान
एसोसिएशन के अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिल्ली से सटे राज्यों में पेट्रोल और डीजल सस्ता हो गया है। इससे पेट्रोल पंपों को तत्काल नुकसान है तो पर्यावरण को नुकसान भी हो रहा है। उनका कहना है कि दिल्ली में यूरो 6 मानक वाला तेल दिया जाता है, ताकि हवा में प्रदूषण का स्तर कम हो सके। नोएडा सहित अन्य शहरों में यूरो 4 गुणवत्ता वाला तेल ग्राहकों को दिया जा रहा है, जो सीधे तौर पर प्रदूषण बढ़ाने में सहायक होता है। ऐसे में नेताओं को राजनीति करने की बजाय पेट्रोल पंप मालिकों और दिल्ली की जनता को राहत देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि साल 2015 में दिल्ली सरकार ने पेट्रोल पर वैट 20 से बढ़ाकर 27 और डीजल पर 12.5 से बढ़ाकर 16.75 फीसदी कर दिया था।
22 पेट्रोल पंपों पर नहीं बिका तेल
एसोसिएशन ने दावा किया है कि अक्तूबर के दौरान हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि दिल्ली के 400 में से 22 पेट्रोल पंपों से डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की बिक्री ही नहीं हुई है। इस कारण कर्मचारियों को नौकरी से निकालना पड़ रहा है और सप्ताह में एक दिन पेट्रोल पंप बंद रखना पड़ रहा है। इसके कारण मालिकों को कई करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है।
तीन साल में दिल्ली के हालात
साल पेट्रोल वैट डीजल वैट
जुलाई 2015 66.67 20 50.24 12.50
अक्तूबर 2018 82.58 27 74.99 16.75
400 पेट्रोल पंप पूरी दिल्ली में चल रहे
200 पेट्रोल पंपों पर सबसे ज्यादा पड़ा असर
22 पेट्रोल पंपों ने अक्तूबर में किसी भी ग्राहक को नहीं दिया तेल
300 करोड़ रुपये का नुकसान हर दिन उठाना पड़ रहा मालिकों को
80 फीसदी खपत यूरो 4 गुणवत्ता वाले प्रदूषण बढ़ाने वाले तेल की बढ़ी
20 फीसदी तेल ही यूरो 6 गुणवत्ता वाला हो रहा वाहनों में इस्तेमाल