UP: दो डिप्टी सीएम की तर्ज पर होंगे दो एडिशनल एसएचओ, डीजीपी ने दिए संकेत
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बेहतर पुलिसिंग के लिए नए प्रयोगों की कड़ी में उत्तरप्रदेश में एक और अध्याय जुड़ने वाला है। यूपी में दो डिप्टी सीएम की तर्ज पर अब हर थाने में दो एडिशनल एसएचओ की तैनाती की तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। लखनऊ में बृहस्पतिवार को आयोजित डीजीपी की बैठक में ये व्यवस्था गौतमबुद्धनगर व लखनऊ जैसे महानगरों में लागू करने पर चर्चा हुई।
बाद में डीजीपी ने पूरे प्रदेश में ये व्यवस्था लागू करने के लिए एडीजी-टेक्निकल आशुतोष पांडे के नेतृत्व में छह सदस्यों की समिति का गठन कर 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है।
कानून व्यवस्था को और मजबूती देने के लिए उत्तरप्रदेश पुलिस नई व्यवस्था लागू करने जा रही है।
बृहस्पतिवार को लखनऊ, बाराबंकी और सीतापुर के पुलिस अधिकारियों की बैठक डीजीपी ओपी सिंह ने बुलाई थी। इस बैठक में थानों में दो एडिशनल एसएचओ की तैनाती पर चर्चा की गई।
एक एसएचओ को कानून व्यवस्था और दूसरे को अपराध व्यवस्था की जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा की गई। दो एडिशनल एसएचओ की जिम्मेदारी तय होने के बाद थाना प्रभारी का भार भी कम होगा और कानून व्यवस्था भी मजबूत होगी।
मायूस नए इंस्पेक्टरों को मिलेगी जिम्मेदारी
हाल ही में प्रदेश भर में 2197 सब इंस्पेक्टरों को पदोन्नत कर इंस्पेक्टर बनाया गया था, लेकिन प्रमोशन के बावजूद अधिकांश को ठोस जिम्मेदारी नहीं मिल पा रही थी। कई इंस्पेक्टरों को तो चौकी पर तैनात किया गया था।
इसके विपरीत कई उपनिरीक्षकों को उनके ऊपर थाना प्रभारी व एसएसआई नियुक्त किया गया था। इसके चलते वह मायूस नजर आ रहे थे और कई बार दबी जुबान में अपनी पीड़ा बयां करते थे।
गौतमबुद्धनगर में भी इंस्पेक्टर बनने वाले अधिकारियों की पीड़ा की सुगबुगाहट सुनाई देने लगी थी। अब इन मायूस नए इंस्पेक्टरों को भी जिम्मेदारी मिलेगी।
रिपोर्ट के बाद होगी तैनाती
राहुल श्रीवास्तव, पीआरओ, डीजीपी ने बताया कि, बैठक में प्रदेश के हर थाने में दो एडिशनल एसएचओ की तैनाती पर चर्चा हुई। एडीजी-टेक्निकल के नेतृत्व में डीजीपी ने छह सदस्यों की समिति का गठन किया है, जो इस प्रक्रिया को लेकर 15 दिन में रिपोर्ट देगी। अगर रिपोर्ट सकारात्मक मिलती है, तो प्रदेश भर के थानों में एक एसएचओ (कानून व्यवस्था) और दूसरे एसएचओ (अपराध) की तैनाती कर दी जाएगी।